ये काँवडीये सब भंगेड़ी -नशेडी होवें सें | भांग - सुल्फा लेण जाया करें ये ,ज्युकर कांवड़ की आड़ में पुलिस भी तलाशी कोणी लेवे | ये सब घर तें फ़ालतू होवें सें | घरक्याँ का भी पेंडा छूट जा स , एक आध मिहने खातर | पहलम कोए जाट कांवड़ कोणी लाया करदा १५-२० साल तें ल्यावण लागे सें | इन् बामनां ने भका राखे सें अक कांवड़ ल्याओगे ते थारा बियाह हो जा गा | छोरी के शिवजी की जटा में पैदा होवें सें ? अक ज़ूम की ढाल काढ-काढ हाथ पे धर दे गा | खोते किते के | अर घणे ते इन् नेता अर धरम परेमी बंधूआँ ने चढ़ा राखे सें जो इन् ने सुविधा देवें सें | कई लाख के भंडारे ला देवेंगे , पर काम की थां एक रपिया भी कोणी देवें | पाछले साल भी इस्सा - ए तागा चाल्या था , कोए सा भाई टोह के ने लिंक चेपियो |
bhai padhai likhayi ka matlab nu na hota ki muh aage simana padya hai kuch bhi bol do.....thoda bolan te pehlan sochya karen....baki tery marji....khush raho.