Modern Haryanvi Joke

बच्चूसिंह शराब के घनघोर नशे में एक पैर फुटपाथ पर और एक पैर सड़क पर रखते चले जा रहे थे। पीछे से थानेदार ननकू ने आकर मोटा डंडा रसीद किया और पूछा- 'क्यों रे खटखोपड़ी! कितनी पी रखी है तूने?

बच्चूसिंह संभलते हुए बोला - याद दिलाने का शुक्रिया माई बाप कि पी रखी है मैंने। वर्ना अपुन तो समझा था कि लंगडा हो गया रे
 
*** लन्दन में पूछताछ के दौरान ***
ऑफिसर : बाबाजी ये क्या है ?
बाबा रामदेव : बेटाजी ये तिल है |
ऑफिसर : ok , ये क्या है ?
बाबा रामदेव : बेटा ये ज़ौ हैं |...
ऑफिसर : और ये ?
बाबा रामदेव : ये आम की लकड़ी है |
ऑफिसर : और ये सब ?
बाबा रामदेव : ये घी ,अगरबत्ती , दही और मेवा हैं |
ऑफिसर : तो आप इन सब का क्या करोगे ?

बाबा रामदेव : बेटा..........
जीव जंतु जब सो रहे होंगे......भूत प्रेत सब रो रहे होंगे
ऐसी रात सुनसान रात रख दिल पे हाथ हम साथ बोलो क्या करेंगे?
हवन करेंगे.......हवन करेंगे.........हवन करेंगे
 
Ek baar tau full daru ke nashay mei tunn, bharee dophari ,cycle pey teda meda padle martaa jaa thaa!!! Aagey tay kissay kee aarthi(dead body) gaam aale lekey aawen thay!!! Tau full tunn tay thaa-e, de maari cycle arthi thawaniyaa kay!!! Unka balance bigad gyaa aur bhai wey sab tale gir gey, arthi key taley cycle aur arthi kay upper tau jaa padyaa!!! Gaam aala nay mil ke wo khub samaar diyaa,saud si bhardi uski!!! Tau kulhte-kulhte bolyaa: Array bawali- buchow, manay kyon maaro so!!! Jiske takker laagi, wo tay kuchch bolta bhee konya!!!
 
Ek baar ek billy(cat) ke moosa(chuha) dikh gaya. Baat mei baithi thi. Maara ek zapatta er bhai oos chuhe ki poonch thyagi billy ke. Poonchh ek jhatke main tut gai aur wo chuhe ne bhi ek dum laanda la diya(daud mardi. Billy ne sochi kyukar bahka ke ulta bulaoon isne, nue boli: Re chuhe apni poonch te leja. Chuha bhajtey bhajtey bolya. E-rahan de. Hum te laande-puche-e(bina poonch ke) kha kama lenge, poonch ne tu-e raakh
 
Tau bus mei baith kay kalanor jaawe thaa!!! tikcket leke tau baith liya gaadi mei. ibb conductr nay ticket kay pissay kaat kay baaki bachchay aud 25 paisay tau tay ultay naa karey!!! Tau kaa uttaran nay jyon-jyon bus stand nazdeek aata zaa ,tau condector kay ruuka maar day : au conductor bhai meri chavanni dede jaldi tay!!! conductor aai baar nue khah dey: Tau daatja, ibbe khulle naa sey!!! ibb nue karte-karte Tau kaa utaran kaa stand aa liyaa, Tau nay fer rukka maaryaa: ray jhakoi: meri chavvanni ulti de dey!!!conductor bolya: Tau mei aade bheed kay bichchaalay phans raha suu, aar merey dhorey ibbe khullay pissay konyaa!!! Ibb Tau nay Bus tay uttar tay hee , aapna lath thakay ek diyaa ghumakay bus kay uppar, aur oos pey dent bhithaa diyaa!!! aar fer nue bolyaa: Meri sasu kay chavanni kaa tay nuksaan(kharchaa) bithaa-e- diyaa hogaa!!! Aur mannaa dey ultee meri chavanni!!!
 
Ek baar tai ki tabiyat gayi bigad. thik hon ka naam nahi . Thak haar ke Tau usne ek Badiya Doctor ke legya! Doctor ne Tai ka haal dekh ke bolya Tau te : Bhai yaa thik te hojagi per 5000/- rupaye laagjage. Haad kati jaam hore se unme tel-taal dena padega. Tau bolya :Rey Daactor rehen de mane iska ilaaz na karana, 5000 te mera jab iste byaah hoya tha jab na laage. Iste saste mei ek aur nai aazagi!!!
 
एक दिन क्लास
में शादी की बात चल पड़ी।
गुरूजी ने बाळका तै एक
सवाल पूछ्या अक अरेंज मैरिज
और लव मैरिज...
क्या होती है?
…
…
…
एक छोरा बोल्या :-
गुरूजी हाँ पता हैं !!!
…
अरेंज मैरिज : आप जब चल रहे
हो तभी अचानक से
आपको सांप
काट ले ये, अरेंज मैरिज हैं.
और
लव मैरिज : आप सांप खोजते हैं
और उसके
सामने नाच-नाच
के कहते
हैं ले काट ले - ले काट ले,
लव मैरिज हैं.
 
एक बार की बात है
ताऊ के छोरे का ब्याह होण
लाग रह्या था ,
फेरे ते हो लिए थे अर विदाई
की रश्म होण लाग री थी ,...
एब ताऊ के
थापा लाग्न की बारी थी ,
एक थाड़ी सी लुगाई
ताऊ के थाप्पा लगान आयी
ते ताऊ मुह फेर क
खड़ा हो गया ,
इब छोरी की माँ न देखा अक
या ते तकड़ी है
अर यो छोरे का बाबु मरियल
कति सा यो
ते कति मरे जा गा
ते चोधरन मस्करी करते हुए
ताऊ ते बोली -
चोधरी तू इसके थाप्पे न ओट ले गा ??
ताऊ कोनसा कम था --
अर बोल्या चोधरन आज
ते मोकाहै ,
थाप्पे न ऐ क्यू ,
मै ते तन्ने भी ओट
लूँगा, चाल बैठ ले गाडी में
 
हस बैंड अपनी अनपढ़ बहू तै :- मेरी तीतर पंखी .चाल तन्नै honeymoon पै ले चालूँ..
बहू:- मै तो इब्बे लत्ते(कपडे) धोऊ सूँ ,, न्यू कर अपनी माँ नै ले ज्या ..
 
रामफल की ट्राली उलट गई, उसका छोरा कुददू ट्राली न कई देर त सीधा करण खातर ज़ोर आजमाइश करण लाग रहा था

जब कई हाण होगी त धोरे आले खेत आला लीलू खाणा खाते होए बोलया " भाई आजा कई हाण होगी , तू भी कयम खा ले फेर हम भी साहरा लगवा देंगे!

ये सुणके कुददू बोलया पर मेरा बाबू नाराज होजागा !!!...

लीलू बोलया "कोई न 5 मिनट लागेंगी, आजा पहले कीमै खा ले !"

खा पी क कुददू लिल्लू त बोलया "इब त मेरा बाबू कसूता नाराज हो जागा चाल ट्राली ने सीधी करवा दे!

लिल्लू बोलया: पर तेरा बाबू स कीत?

कुददू बोलया: ट्राली के तलै !
 
आँ रै... तू इतना ठाड्डा क्यूक्कर है ??
-- भाई, घी का तोड़े ओड़ हूँ.
- फेर थोडा खा लेन्ता....घणा खाणा कीमे बाह्मण ने बता राखी थी....
-- ना भाई साहब, आप कै समझण मैं फरक रह ग्या....."पीप्पे ढ़ोया करूँ"~~
 
संता जुली के घर गया और दरवाजा खटखटाया...
.
.
जुली: कौन?
....
.
संता: मैं..
.
.
जुली: मैं कौन?
.
.
.
संता: लो बताओ..! उल्लु की पट्टी तू जुली और कौन...
 
एक बर की बात है अक ताऊ सुरजा हरियाणा रोडवेज की बस मैं बैठ्या कित जावै था अर बस खचाखच न्यूं भर री थी जाणूं कोठे मैं तूड़ी । ताऊ पिछले दरवाजे की सीढ़िया मैं खड्या होग्या। थोड़ी हाण मैं कंड्क्टर नैं देख्या अक कोय बुड्ढा मोटर कै कती बाहर लटकै है। उसनैं रूक्का मारया – ओ ताऊ माड़ा सा भीतर नैं हो ले। ताऊ किमें नी वोल्या अर न्यूं का न्यूं खड्या रहया। कंड्क्टर नैं थीडी बार मैं फेर रूक्का मारया- आं रैं सुणता कोनीं के ? हो ले नैं भीतर नैं। ताऊ ट्स तैं मस नीं होया। कंडकटर नैं कसूता छोह आग्या तो फेर बोल्या- अरै ओ बूढले मरले भीतर नैं। पड़ ज्यैगा, मर ज्यैगा।
या सुण कैं ताऊ कैं चिरमिरी सी उठी अर बोल्या – ओ कसाई । मर ज्यांगा तो तेरी के मां रांड हो ज्यैगी?
 
एक बै भतेरी नहा कै अपने आँगन माह बैठ
गयी ।
उसका आदमी घुसु आया ओर बोल्या - देख
तू आज कितनी सुथरी बिंदी ला री ।
या सुनतीए भतेरी राजी होगी। बोली -
ओर ?
घुसु - देख तू आज
कितना सुथरा लहंगा पहर री ।
भतेरी - ओर ?
घुसु - देख तू आज कितना सुथरा हार पहर...
री ।
भतेरी का जी राजी ग्या इतनी तारीफ
सुनके नै । बोली - ओर ?
घुसु - देख तू आज कितनी सुथरी चप्पल
पहर री ।
भतेरी - ओर ?

घुसु - ओर बात न्यू सै अक सुथरी फेर
बी ना लागती ।
 
एक बार फत्तू चला गया मेला दक्खण .... बढ़िया कुड़ता पजामा पहर लिया अर गले मै गेर लिया नया तॊलिया ..... उड़ भीड़ मै किसे नै उसका तोलिया तार लिया , वो बड़ा दुखी होया अर गाम मै आ गया .... उडे चौपाड़ मैं बूढ़े बैठे थे ... एक बूढ़े नै मारे नक़ल उस्तै बूझ लिया :--- अरै फत्तू न्यू क्युक्कर तिसाई बांदरी(thirsty मादा बंदर ) जिसा मूह बणा रह्या है ,,किसा था मेला .....

फत्तू :--- ताऊ कीमै नी मेला मूल्या ... तेरे सुसरे मेरे तोलिये नै चोरण के चक्करा मै कट्ठे हो रहे थे
 
चंगु लाल एक दिन अपने आप ही घर की tube light ठीक कर रहा था, तो उसने आवाज़ लगाई.
चंगु लाल : बीवी ओ बीवी, सुनती हो!
बीवी : क्या है?
चंगु लाल : अरे जरा इधर तो आ.
बीवी : लो आ गई, बोलो....
चंगु लाल : ये दो तारें है, इनमें से जरा कोई एक पकड़.
बीवी : क्यों?
चंगु लाल : अरे पकड़ तो सही!
बीवी : लो, पकड़ ली एक तार!
चंगु लाल : कुछ नहीं हुआ?
बीवी : नहीं.

चंगु लाल : अच्छा! तो इसका मतलब करंट दुसरी तार में है!
 
एक आदमी नदी मे डूब रहा था...
वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाया:
गणेश जी बचाओ............ गणेश
जी बचाओ.................!
गणेश जी आए और नदी किनारे पर नाचने...
लगे !!!
आदमी:-- प्रभु आप नाच क्यो रहे है ?????
गणेश जी मुसकुराते हुए बोले:
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तू भी तो मेरे विसर्जन मे बहुत नाच
रहा था !!!
 
एक सयानी सास ने नई-नई आई बहू से पूछा –
“बहू, मान लो अगर तुम पलंग पर बैठी हो और मैं
भी उस पर आकर बैठ जाऊं तो तुम
क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं उठकर सोफे पर बैठ जाऊंगी.”...
सास – “और अगर मैं भी आकर सोफे पर बैठ
जाऊं तो क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं फर्श पर चटाई बिछाकर बैठ
जाऊंगी.”
सास – “और अगर मैं भी चटाई पर आ जाऊं
तो फिर क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं जमीन पर बैठ जाऊंगी.”
सास मजे लेते हुए आगे बोली – “और मैं जमीन
पर भी तुम्हारे बगल में बैठ गई
तो क्या करोगी ?”

बहू (खीझ कर ) – “तो मैं जमीन में गड्ढा खोद
कर उसमें बैठ जाऊंगी.”
सास – “और अगर मैं गड्ढे में भी आकर बैठ गई
तो ?”

बहू – “तो मैं ऊपर से मिट्टी डालकर
सिलसिला खत्म कर दूँगी … !!!”
 
एक सयानी सास ने नई-नई आई बहू से पूछा –
“बहू, मान लो अगर तुम पलंग पर बैठी हो और मैं
भी उस पर आकर बैठ जाऊं तो तुम
क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं उठकर सोफे पर बैठ जाऊंगी.”...
सास – “और अगर मैं भी आकर सोफे पर बैठ
जाऊं तो क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं फर्श पर चटाई बिछाकर बैठ
जाऊंगी.”
सास – “और अगर मैं भी चटाई पर आ जाऊं
तो फिर क्या करोगी ?”
बहू – “तो मैं जमीन पर बैठ जाऊंगी.”
सास मजे लेते हुए आगे बोली – “और मैं जमीन
पर भी तुम्हारे बगल में बैठ गई
तो क्या करोगी ?”

बहू (खीझ कर ) – “तो मैं जमीन में गड्ढा खोद
कर उसमें बैठ जाऊंगी.”
सास – “और अगर मैं गड्ढे में भी आकर बैठ गई
तो ?”

बहू – “तो मैं ऊपर से मिट्टी डालकर
सिलसिला खत्म कर दूँगी … !!!”


Excellent; Congrts.
 
एक बे ताऊ सुरजा इंग्लैंड गया ते उड़े उसका अंग्रेज दोस्त बोल्या -हमारे यहाँ समय की बहुत पाबन्दी है, ताऊ ने पुच्छी वा किस तरिया ,बता तो सही.. अंग्रेज बोल्या -देख मै तो कमेंटरी बोलूँगा और इतनी देर में मेरा नोकर दही ले कर वापिस भी आ जाएगा.. अंग्रेज ने अपणे नोकर ते कहि -जुली जाओ ,दही लेकर आओ.. नोकर चाल पड्या तो अंग्रेज बोल्या -जुली अब सड़क पर जा रहा है ,वह दुकान के अंदर गया ,और उसने दही ले लिया है.. अब वह वापिस सड़क पर आ रहा है और अब वह आ गया है , इतने में नौकर ने कहि -लो साहब दही.. ताऊ बोल्या इस तरिया की पाबन्दी तो माहरे देश में भतेरी स..
कुछ दिन बाद वो उसका अंग्रेज दोस्त आया ते ताऊ ने झट आपणे नौकर नथू ते आवाज लगाई अर बोल्या -जा रे नथू ,जाके थोडा दही लिया ,फेर के था ,नथू के जाते ही ताऊ ने भी शुरु कर दी कमेंटरी -नथू चाल पड्या है ,पोडिया ते उतर लिया है ,अर इब वो कांध के तले तले की कीकर नीचे ते दुकान में बड लिया स ,उसने दही तुलवा लिया स अर उसी राह वापस आ लिया स ,अर एब वो दही ठाए कमरे में बड लिया स ,इतने में भीतर बड के नथू बोल्या ---

"रे ताऊ दही ल्याणा कितना स ??"
 
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