drrajpalsingh
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इन पांच गलतियों के कारण यूएन में पीएम के भाषण की हो रही आलोचना
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]गलती नंबर एक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण की शुरुआत में ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष के नाम का गलत उच्चारण किया। उन्होंने सैम कुटेसा (Sam Kutesa) को सैम कुरेसा बोल दिया। [/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]गलती नंबर दो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महासभा में भाषण के दौरान 69वें सत्र का जिक्र किया तो अंग्रेजी और हिंदी मिलाकर बोल गए। उन्होंने 69वें सत्र को 'सिक्सटी नाइंथवें' सत्र कहकर महासभा को संबोधित किया। [/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]गलती नंबर तीन [/FONT]
[FONT=Bhaskar_WEB_Intro_Test]मोदी ने देश की आबादी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत वन प्वाइंट ट्वेंटी फाइव (1.25) बिलियन लोगों का देश है। यानी दशमलव के बाद के अंकों को भी मोदी एक साथ ही पढ़ गए, जबकि यह वन प्वाइंट टू फाइव (1.25) बोला जाता है। इसे बोलने के दौरान मोदी थोड़ा लड़खड़ाते हुए भी दिखे।
गलती नंबर चार
मोदी भाषण के दौरान कई शब्दों के उच्चारण में गलती करते हुए भी नजर आए। प्रकृति को उन्होंने दो बार 'प्रकुर्ति' बोला। समुद्र को समिद्र कहा और समृद्धि को समुर्द्धी कहा। मोदी सम्मान को सन्मान बोल गए।
15 के बजाय 35 मिनट तक बोलते रहे
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने के लिए किसी राष्ट्र के प्रतिनिधि को 15 मिनट का समय दिया जाता है, लेकिन भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी 35 मिनट तक भाषण देते रहे।
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Modi deserves kudos for his excellent presentation of India's point of view at UN.
Even if it is agreed these minor slips of tongue happened, it had no impact on his oratory or the impact on the audience about the sincerity of the speaker, hon'ble PM of India !