टाईम्स नाउ के सर्वे के मुताबिक देश के
22 फीसदी लोग मानते हैं कि मनमोहन सिंह एक बेहतर प्रधानमंत्री थे, और 66 फीसदी मानते है कि नरेंद्र मोदी बेहतर हैं।
43.6 फीसदी लोग मानते हैं कि यह सूट-बूट की सरकार है जबकि 51 फीसदी से ज्यादा लोग ऐसा नहीं मानते।
50 फीसदी लोग मानते हैं कि भूमि अधिगृहण बिल यह किसान विरोधी बिल है।
27 % लोग मानते हैं कि अच्छे दिन आ गए, 37 % को अभी भी अच्छे दिनों की उम्मीद है 36% लोग उम्मीद भी खो चुके हैं।
भृष्टाचार: 52 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि सरकार करप्शन पर लगाम लगाने में कामयाब रही.........
महंगाई: महंगाई के मामले में 53 फीसदी लोग सरकार को नाकाम मानते हैं
22 फीसदी लोग मानते हैं कि मनमोहन सिंह एक बेहतर प्रधानमंत्री थे, और 66 फीसदी मानते है कि नरेंद्र मोदी बेहतर हैं।
43.6 फीसदी लोग मानते हैं कि यह सूट-बूट की सरकार है जबकि 51 फीसदी से ज्यादा लोग ऐसा नहीं मानते।
50 फीसदी लोग मानते हैं कि भूमि अधिगृहण बिल यह किसान विरोधी बिल है।
27 % लोग मानते हैं कि अच्छे दिन आ गए, 37 % को अभी भी अच्छे दिनों की उम्मीद है 36% लोग उम्मीद भी खो चुके हैं।
भृष्टाचार: 52 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा कि सरकार करप्शन पर लगाम लगाने में कामयाब रही.........
महंगाई: महंगाई के मामले में 53 फीसदी लोग सरकार को नाकाम मानते हैं