मित्रो क्या आप जानते हैं कि....
कश्मीर में मुस्लिम आतंकवाद क्यों है.... धारा 370 क्या है....
और, इसके क्या परिणाम अथवा दुष्परिणाम हैं....???
कश्मीर में मुस्लिम आतंकवाद और अलगाववाद का
सबसे प्रमुख कारण वहां लगाया गया धारा 370 है..
लेकिन ये देश का दुर्भाग्य है कि ...
आज मुस्लिम वोट बैंक की ओछी और घिनौनी राजनीति इस
तरह नेताओं के दिमाग पर हावी है कि....
कोई सेकुलर बनने की चाहत में कश्मीर में लगाये गए धारा
370 पर बात तक नहीं करना चाहता है .....
लेकिन उस से भी दुखद यह है कि....
लगभग 90 % जनता को यह ही नहीं मालूम है कि आखिर धारा 370 है क्या....????
अगर सीधे सीधे शब्दों में कहा जाये तो....
कश्मीर में लगाये गए संविधान के अनुच्छेद 370...
धर्मनिरपेक्षता, राष्ट्रवाद, और एकता की संरचना को मजाक बना रही है....
यह अस्थायी संवैधानिक प्रावधान है........
जो हकीकतन कश्मीर में एक मुस्लिम राष्ट्र की स्थापना को
प्रोत्साहित करने एवं इस्लामी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए लगाया गया है..!
अनुच्छेद ३७०......
संविधान का वो प्रावधान है , इस घोषणा का ...
कि ""कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है"".........
""जम कर खिल्ली उड़ाते हैं"".
ये विशेष प्रावधान कश्मीर को भारत के बाकी राज्यों से अलग बनाती है... .....
और , यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी ...
अगर कहा जाये कि...
अगर यह संवैधानिक रूप से मान्यता प्राप्त अलगाववाद है.
हर कोई जानता है कि महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर, 1947 ...
को कश्मीर राज्य को..
भारत में विलय कर दिया था....
और, उसके दस्तावेज मौजूद हैं...
और, अगर.....
देश के बाकी राज्यों की तरह ..
कश्मीर का भी विलय पूरा हो गया है........
तो फिर कश्मीर को विशेष तुष्टीकरण क्यों...????
क्या इसीलिए कि......
क्योंकि वहाँ मुस्लिम बहुमत है..........????????????
वोट बैंक की ओछी राजनीती ...
और, मुस्लिम तुष्टिकरण की इस घिनौनी खेल के कारण....
हमारी स्थिति न केवल दुनिया के सामने हास्यास्पद बना रही है ....
बल्कि.... कश्मीर में मुस्लिमों को आतंकवाद और
अलगाववाद पनपाने का एक सुनहरा मौका भी प्रदान कर रही है...!
धारा 370 कहता है कि.....
रक्षा, संचार और विदेश विभाग को छोड़ कर .....
संसद द्वारा बनाया गया और कोई भी कानून जम्मू -कश्मीर पर लागू नहीं होगा....
अगर वहां के राज्य सरकार की मर्जी ना हो तो...!
सिर्फ इतना ही नहीं....संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जम्मू - कश्मीर के राज्य सरकार को हटाया भी नहीं जा सकता है चाहे कुछ भी हो जाये...
ना ही... संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपात या अनुच्छेद 360 के तहत वित्तीय आपात लागू कर सकते हैं.
हम सभी जानते हैं कि.... भारत एक है.... और हम सब भारत के नागरिक हैं..... परन्तु...... जम्मू और कश्मीर के मामले में....... यहाँ दोहरी नागरिकता की व्यवस्था है..!
एक राज्य की... और एक भारत की ...!
हास्यास्पद तो यह है कि..... जम्मू और कश्मीर के नागरिक तो भारत के नागरिक हैं , लेकिन भारत के बाकी नागरिक ... जम्मू - कश्मीर के नागरिक नहीं हो सकते हैं .
भारत के नागरिकों को.... जम्मू-कश्मीर में संपत्ति खरीदने या फिर मतदान का अधिकार नहीं है....!
अगर एक लड़की ...जो जम्मू कश्मीर की नागरिक है.. यदि , बाहर से एक लड़के से शादी करती है तो..., वह राज्य में उसके सारे अधिकार खो देती है.
शहरी भूमि अधिनियम, 1976, जो पूरे देश में लागू है जम्मू - कश्मीर के लिए लागू नहीं है...!
उसी का नतीजा है कि.... कश्मीरों पंडितों को कश्मीर से भगाने के बाद... मुस्लिमों ने उनकी सारी संपत्ति हड़प कर रखी है..... और , हमारी सरकारें फिर भी उन्हें मलाइयाँ खिला रही है...!
कहने को तो.... हमारा संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है .... लेकिन यह जम्मू और कश्मीर में उपलब्ध नहीं है.
एक तरफ तो हम दुनिया भर में ढोल पीटते रहते हैं कि..... भारत में समुदाय...धर्म या संप्रदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है....! दूसरी ओर कश्मीर में विशेष सुविधाओं की भरमार है ... क्योंकि, वहाँ मुसलमान बहुमत में हैं.
यदि इन विशेष विशेषाधिकारों के लिए सरकार की दलील है कि.... कश्मीर एक पिछड़ा क्षेत्र है.... तो, क्या भारत के अन्य जगह ..जहां पिछड़ेपन और गरीबी हैं.... वे क्या कम महत्वपूर्ण है....??????
ऐतिहासिक तथ्यों से पता चलता है कि.... इस अनुच्छेद से पहले.... हिन्दू और मुस्लिम ... दोनों राष्ट्र की मुख्य धारा का हिस्सा थे. कोई दुश्मनी या घृणा नहीं थी. ..!
इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि... 1947 में...कश्मीर पर पाकिस्तानी आक्रमण के दौरान, कश्मीरी मुसलमानों ने केवल भारतीय सेना का स्वागत किया बल्कि उन्हें भरपूर सहायता भी की .
फिर क्यों ... आज कश्मीर में भारतीय सेना पर हमले किये जा रहे है....?????
ये सीधे-सीधे इस अनुच्छेद 370 के जहर का परिणाम है.....!!
सच तो यह है कि..... अनुच्छेद 370 की उपयोगिता अब समाप्त हो गयी है.
अब इसकी उपयोगिता सिर्फ.....कश्मीर में लोगों को एक खुला विद्रोह शुरू करने .... हिन्दुओं को मारने और भारतीय सेना के खिलाफ अपने गुरिल्ला युद्ध करने के लिए ही रह गया है.
आज ये धारा 370 ... हमारी और हमारे देश की स्थिति को ... दुनिया के सामने हास्यास्पद बना रहा है..... और, बता रहा है कि..... जो तुम्हे मारे और तुम्हारी माँ-बहनों से बलात्कार करे..... आप उसे मलाइयाँ खिलाओ और उससे समझौते की बातें करो.... !
साथ ही ये धारा 370 ... कश्मीर में मुस्लिमों को आतंकवाद और अलगाववाद पनपाने का एक सुनहरा मौका भी प्रदान कर रही है...!