"PM" ka Chakkar

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dndeswal

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"PM" का चक्कर

आजकल हिन्दी का स्तर (स्टैंडर्ड) काफी गिर गया है । बेशक नवभारत टाइम्स को देख लो कभी भी - यह अखबार कभी 'टॉप' पर होता था पर आजकल इसका बेड़ा गर्क हो गया है - आधे से ज्यादा शब्द अंग्रेजी के होते हैं, "नोएडा में मर्डर", "पी.एम. फॉरेन टूर से लौटे" - ऐसे ऐसे तो शीर्षक होते हैं । मैंने इसके सम्पादक को लिखा भी - कि आपके पेपर ने हिन्दी की ऐसी-तैसी कर रखी है - "मर्डर" की हिन्दी नहीं होती क्या (हत्या, कत्ल, खून आदि कितने ही नाम हैं)? उन साहब ने जवाब ही नहीं दिया । इस पेपर को देखकर जी करता है कि या तो इनका सिर फोड़ दूं या अपना फोड़ लूं ।

बेचारे प्रधानमंत्री को कोई अखबार वाला न तो 'प्रधानमंत्री' लिखता है और न ही 'प्राइम मिनिस्टर' - चाहे हिन्दी हो या अंग्रेजी - सब "PM" ही लिखते हैं । सारे मुख्यमंत्री 'सी.एम' हो गए हैं । टी.वी. चैनल वाले भी ऐसा ही बोलते हैं ।

दोपहर के बाद के समय को भी "PM" कहते हैं । शॉर्टकट का ऐसा रिवाज चल पड़ा है कि आगे शायद Post Mortem को भी "PM" कहने लगें ।

यहां बात हो रही है जाटलैंड के PM सिस्टम की - कोई इसे 'पर्सनल मैसेज' कहता है, कोई 'प्राइवेट मेसेज' । आजकल अपने प्रोफाइल में ही कुछ छोटे-छोटे बक्से बने हैं जिन पर दूसरे सदस्यों द्वारा कुछ-कुछ लिखा होता है - इसे भी शायद PM ही कहते हैं पर इसे सब पढ़ सकते हैं - यह किस किस्म का 'प्राइवेट मेसेज' हुआ भाई ? एक और चक्कर - जाटलैंड चौपाल में भी एक "PM system" है - पता नहीं कोई और नाम क्यों नहीं दे दिया जाता इसको - कमरा, कोठड़ी, खोखा वगैरा - जिसमें जाकर दो मेंम्बर आपस में बात कर सकते हैं, दूसरों से लुक-छिपकर ।

यह सिस्टम काफी लोकप्रिय है । वैसे तो याहू चैट, गूगल चैट वगैरा में भी यही पद्धति है, पर जाटलैंड पर इसके होने का खास महत्व है । बहुत सारे जाटलैंडर प्राइवेट कंपनियों में काम करते हैं जहाँ पर याहू चैट आदि पर प्रतिबन्ध है, इसलिये वे जाटलैंड को खोलकर इसकी चौपाल का इस्तेमाल करते हैं । नए-नए मेंबर कई बार गल्ती कर बैठते हैं - जाटनियों से PM करके इश्कबाजी के चक्कर में रहते हैं । मैं हमेशा इस बात के हक में रहा हूं कि चौपाल में भद्दापन न फैलने पाए । इसी चक्कर में कई मेंबर "बैन" भी हो गए ।

पर आजकल चक्कर उल्टा है - पहले जाटणियां चौपाल में कम ही जाती थी, पर आजकल तो उन्होंने ही तकरीबन वहां कब्जा कर रखा है - थोड़ी बहुत चौधराहट भी पाल ली है कि वहां अगर किसी ने हमें वहां पर 'डिस्टर्ब' किया तो उनकी शिकायत कर दी जायेगी (झूठी या सच्ची) और उसे 'आउट' कर दिया जायेगा । कई लड़कों ने तो इस डर से वहां पर जाना ही छोड़ दिया - कहने लगे कि क्या करें जी, आजकल तो सब जगह इनकी ही सुनी जाती है, यहां आधे से ज्यादा Mods तो जाटणियां ही हैं, एक तो करेला और दूसरे नीम पर भी चढ़ा ! अगर कोई जाटनी झूठी शिकायत भी कर देगी तो हमारा तो हो जायेगा कल्याण !

कुछ दिन पहले एक धागा चला, उसमें PM का जिक्र हो गया । मैने भी मजाकिया लहजे में एक पोस्ट लिख दी, बिना किसी का नाम लिखे - (Click here) । वही बात हो गई कि चोर की दाढ़ी में तिनका । एक नकचढ़ी जाटनी जो ज्यादातर चौपाल में बैठी रहती है, उसको मेरी पोस्ट पढ़कर तिलमिलाहट हुई होगी और हो सकता है कि मेरी शिकायत किसी सरपंचनी को कर दी हो । फिर मुझे एक सरपंचनी से धमकी भरा PM मिला कि जी, आपकी उम्र के किसी मेंबर को किसी पर "unveiled comments" लिखना शोभा नहीं देता । "Unveiled comments" यानि खुली बात नहीं, पर पर्दे में छुपी हुई बात पर एक इशारा ।

क्यों मैडम साहिबा, क्या हो गया मेरी उम्र को ? अच्छा खासा हट्टा-कट्टा हूं, मेरे से ज्यादा उम्र के और भी बहुत से मेंबर हैं यहां पर । आदमी की उम्र बढ़ने के साथ ही उसकी लेखनी (कलम) की शक्ति भी बढ़ती है । यही एक ऐसा गुण है जिसका सम्बन्ध सिर्फ उम्र से है । एक कम उम्र का होनहार छात्र, चाहे उसने कई पी-एच-डी कर रखी हों, इतना अच्छा कलम का सिपाही नहीं हो सकता जितना एक सीनियर व्यक्ति । खुशवन्त सिंह को ही देख लो - कब्र में पैर लटकाये बैठा है, पर उसकी कलम का आज भी जवाब नहीं, फिल्मी हीरोइनों की खूबसूरती पर फब्तियां कसता रहता है पर उससे कोई नाराज नहीं होता/होती । यहां जाटलैंड पर भी कुछ सीनियर मेंम्बर ही हैं जो कलम के अच्छे सिपाही हैं - जैसे जगमोहन मलिक, धर्मपाल दूदी, ब्रि. लक्ष्मण सिंह, लक्ष्मण बुरड़क, देव दहिया आदि ।

यक्ष ने युधिष्ठिर से पूछा था – आदमी की उम्र के बढ़ने के साथ-साथ उसकी भाग-दौड़ की शक्ति, नजर, सुनने आदि की क्षमता कम होती जाती है, सिर्फ एक ही गुण है जो उम्र के साथ बढ़ता है, वह गुण कौन सा है ? युधिष्ठिर ने कहा - वह गुण है 'बुद्धि' । एक कम उम्र का आदमी ज्यादा ज्ञानी (knowledgeable), ताकतवर, पढ़-लिखा, विद्वान तो हो सकता है, पर ’बुद्धिमान’ नहीं होता । बुद्धि को अंग्रेजी में 'wisdom' कहते हैं । 'knowledge' और 'wisdom' दो अलग-अलग चीजें हैं - जैसे रावण ज्ञानी, खूब पढ़ा-लिखा, विद्वान तो था, पर बुद्धिमान (wise) नहीं था । एक अनपढ़ आदमी ज्यादा 'wise' हो सकता है एक पढ़े लिखे, 'knowledgeable' और विद्वान नौजवान से ।

मैने तो आज तक कोई अश्लील शब्द या वाक्य कभी नहीं लिखा और न ही किसी के बारे में सीधा लिखा । हरेक का अपना स्वभाव होता है, किसी को वह भाता है और किसी को नहीं । इस किस्म की पब्लिक फोरम में भी यही बात है । दो-चार जाट-जाटणी हैं जो सरपंचों के काबू के नहीं, हम मेंबर ही उनका जुगाड़ कर सकते हैं । हमें किसी से व्यक्तिगत बैर नहीं, ऐसे दो-चार जब कभी-कभी कोई गलत पोस्ट लिखते मुझे नजर आते हैं, तो मैं अपनी पोस्ट लिखता हूं, बिना नाम लिए - एक सही कूटनीतिक चाल, ताकि किसी का नाम भी मत लो और समझने वाले समझ भी जायें, सांप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे । सो भाई लोगो, अगर मेरी यह अदा आपको पसंद नहीं तो बता दो, मैं बंद कर देता हूं इस फोरम में लिखना । मेरी यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि मुझ पर सरपंचनी साहिबा के PM का कोई असर नहीं हुआ है ।

हां, एक बात मैंने जरूर की है - अपने प्रोफाइल से PM सिस्टम को हटा दिया है ताकि फिर मुझे कोई मेंबर या सरपंच/नी PM न भेजे, ई-मेल बेशक भेजे । आप कहोगे तो इस PM सिस्टम को फिर चालू कर दूंगा ।


है न यह "PM" कमाल की चीज ?
.
 
Last edited:
Deswal Sir.... hume aapki ada bhot pasand aayi.... aap aise hi likhte jaayiye pls... its too good :)!
has has ke lotpot... :D:D:D:D!!

Aur aise hi Jawaan bane rahiye... aur hume hasaate rahiye.... mazza aata hai bhot :D:D!!


 
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"PM" का चक्कर

आजकल हिन्दी का स्तर (स्टैंडर्ड) काफी गिर गया है । बेशक नवभारत टाइम्स को देख लो कभी भी - यह अखबार कभी 'टॉप' पर होता था पर आजकल इसका बेड़ा गर्क हो गया है - आधे से ज्यादा शब्द अंग्रेजी के होते हैं, "नोएडा में मर्डर", "पी.एम. फॉरेन टूर से लौटे" - ऐसे ऐसे तो शीर्षक होते हैं । मैंने इसके सम्पादक को लिखा भी - कि आपके पेपर ने हिन्दी की ऐसी-तैसी कर रखी है - "मर्डर" की हिन्दी नहीं होती क्या (हत्या, कत्ल, खून आदि कितने ही नाम हैं)? उन साहब ने जवाब ही नहीं दिया । इस पेपर को देखकर जी करता है कि या तो इनका सिर फोड़ दूं या अपना फोड़ लूं ।

बेचारे प्रधानमंत्री को कोई अखबार वाला न तो 'प्रधानमंत्री' लिखता है और न ही 'प्राइम मिनिस्टर' - चाहे हिन्दी हो या अंग्रेजी - सब "PM" ही लिखते हैं । सारे मुख्यमंत्री 'सी.एम' हो गए हैं । टी.वी. चैनल वाले भी ऐसा ही बोलते हैं ।

दोपहर के बाद के समय को भी "PM" कहते हैं । शॉर्टकट का ऐसा रिवाज चल पड़ा है कि आगे शायद Post Mortem को भी "PM" कहने लगें ।

यहां बात हो रही है जाटलैंड के PM सिस्टम की - कोई इसे 'पर्सनल मैसेज' कहता है, कोई 'प्राइवेट मेसेज' । आजकल अपने प्रोफाइल में ही कुछ छोटे-छोटे बक्से बने हैं जिन पर दूसरे सदस्यों द्वारा कुछ-कुछ लिखा होता है - इसे भी शायद PM ही कहते हैं पर इसे सब पढ़ सकते हैं - यह किस किस्म का 'प्राइवेट मेसेज' हुआ भाई ? एक और चक्कर - जाटलैंड चौपाल में भी एक "PM system" है - पता नहीं कोई और नाम क्यों नहीं दे दिया जाता इसको - कमरा, कोठड़ी, खोखा वगैरा - जिसमें जाकर दो मेंम्बर आपस में बात कर सकते हैं, दूसरों से लुक-छिपकर ।

यह सिस्टम काफी लोकप्रिय है । वैसे तो याहू चैट, गूगल चैट वगैरा में भी यही पद्धति है, पर जाटलैंड पर इसके होने का खास महत्व है । बहुत सारे जाटलैंडर प्राइवेट कंपनियों में काम करते हैं जहाँ पर याहू चैट आदि पर प्रतिबन्ध है, इसलिये वे जाटलैंड को खोलकर इसकी चौपाल का इस्तेमाल करते हैं । नए-नए मेंबर कई बार गल्ती कर बैठते हैं - जाटनियों से PM करके इश्कबाजी के चक्कर में रहते हैं । मैं हमेशा इस बात के हक में रहा हूं कि चौपाल में भद्दापन न फैलने पाए । इसी चक्कर में कई मेंबर "बैन" भी हो गए ।

पर आजकल चक्कर उल्टा है - पहले जाटणियां चौपाल में कम ही जाती थी, पर आजकल तो उन्होंने ही तकरीबन वहां कब्जा कर रखा है - थोड़ी बहुत चौधराहट भी पाल ली है कि वहां अगर किसी ने हमें वहां पर 'डिस्टर्ब' किया तो उनकी शिकायत कर दी जायेगी (झूठी या सच्ची) और उसे 'आउट' कर दिया जायेगा । कई लड़कों ने तो इस डर से वहां पर जाना ही छोड़ दिया - कहने लगे कि क्या करें जी, आजकल तो सब जगह इनकी ही सुनी जाती है, यहां आधे से ज्यादा Mods तो जाटणियां ही हैं, एक तो करेला और दूसरे नीम पर भी चढ़ा ! अगर कोई जाटनी झूठी शिकायत भी कर देगी तो हमारा तो हो जायेगा कल्याण !

कुछ दिन पहले एक धागा चला, उसमें PM का जिक्र हो गया । मैने भी मजाकिया लहजे में एक पोस्ट लिख दी, बिना किसी का नाम लिखे - (Click here) । वही बात हो गई कि चोर की दाढ़ी में तिनका । एक नकचढ़ी जाटनी जो ज्यादातर चौपाल में बैठी रहती है, उसको मेरी पोस्ट पढ़कर तिलमिलाहट हुई होगी और हो सकता है कि मेरी शिकायत किसी सरपंचनी को कर दी हो । फिर मुझे एक सरपंचनी से धमकी भरा PM मिला कि जी, आपकी उम्र के किसी मेंबर को किसी पर "unveiled comments" लिखना शोभा नहीं देता । "Unveiled comments" यानि खुली बात नहीं, पर पर्दे में छुपी हुई बात पर एक इशारा ।

क्यों मैडम साहिबा, क्या हो गया मेरी उम्र को ? अच्छा खासा हट्टा-कट्टा हूं, मेरे से ज्यादा उम्र के और भी बहुत से मेंबर हैं यहां पर । आदमी की उम्र बढ़ने के साथ ही उसकी लेखनी (कलम) की शक्ति भी बढ़ती है । यही एक ऐसा गुण है जिसका सम्बन्ध सिर्फ उम्र से है । एक कम उम्र का होनहार छात्र, चाहे उसने कई पी-एच-डी कर रखी हों, इतना अच्छा कलम का सिपाही नहीं हो सकता जितना एक सीनियर व्यक्ति । खुशवन्त सिंह को ही देख लो - कब्र में पैर लटकाये बैठा है, पर उसकी कलम का आज भी जवाब नहीं, फिल्मी हीरोइनों की खूबसूरती पर फब्तियां कसता रहता है पर उससे कोई नाराज नहीं होता/होती । यहां जाटलैंड पर भी कुछ सीनियर मेंम्बर ही हैं जो कलम के अच्छे सिपाही हैं - जैसे जगमोहन मलिक, धर्मपाल दूदी, ब्रि. लक्ष्मण सिंह, लक्ष्मण बुरड़क, देव दहिया आदि ।

यक्ष ने युधिष्ठिर से पूछा था – आदमी की उम्र के बढ़ने के साथ-साथ उसकी भाग-दौड़ की शक्ति, नजर, सुनने आदि की क्षमता कम होती जाती है, सिर्फ एक ही गुण है जो उम्र के साथ बढ़ता है, वह गुण कौन सा है ? युधिष्ठिर ने कहा - वह गुण है 'बुद्धि' । एक कम उम्र का आदमी ज्यादा ज्ञानी (knowledgeable), ताकतवर, पढ़-लिखा, विद्वान तो हो सकता है, पर ’बुद्धिमान’ नहीं होता । बुद्धि को अंग्रेजी में 'wisdom' कहते हैं । 'knowledge' और 'wisdom' दो अलग-अलग चीजें हैं - जैसे रावण ज्ञानी, खूब पढ़ा-लिखा, विद्वान तो था, पर बुद्धिमान (wise) नहीं था । एक अनपढ़ आदमी ज्यादा 'wise' हो सकता है एक पढ़े लिखे, 'knowledgeable' और विद्वान नौजवान से ।

मैने तो आज तक कोई अश्लील शब्द या वाक्य कभी नहीं लिखा और न ही किसी के बारे में सीधा लिखा । हरेक का अपना स्वभाव होता है, किसी को वह भाता है और किसी को नहीं । इस किस्म की पब्लिक फोरम में भी यही बात है । दो-चार जाट-जाटणी हैं जो सरपंचों के काबू के नहीं, हम मेंबर ही उनका जुगाड़ कर सकते हैं । हमें किसी से व्यक्तिगत बैर नहीं, ऐसे दो-चार जब कभी-कभी कोई गलत पोस्ट लिखते मुझे नजर आते हैं, तो मैं अपनी पोस्ट लिखता हूं, बिना नाम लिए - एक सही कूटनीतिक चाल, ताकि किसी का नाम भी मत लो और समझने वाले समझ भी जायें । सो भाई लोगो, अगर मेरी यह अदा आपको पसंद नहीं तो बता दो, मैं बंद कर देता हूं इस फोरम में लिखना । मेरी यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि मुझ पर सरपंचनी साहिबा के PM का कोई असर नहीं हुआ है ।

हां, एक बात मैंने जरूर की है - अपने प्रोफाइल से PM सिस्टम को हटा दिया है ताकि फिर मुझे कोई मेंबर या सरपंच/नी PM न भेजे, ई-मेल बेशक भेजे । आप कहोगे तो इस PM सिस्टम को फिर चालू कर दूंगा ।


है न यह "PM" कमाल की चीज ?
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Bahut mast DND ji... katti saachi arr suddhi hui baat keh di saral shabdo mein. aap likhte rahiye aur apna PM system bhi fir se shuru kar dijiye. Aap bahut achha likhte hai aur padhne mein bhi majja aata hai. Iss duniya mein koi bhi insaan sabko khush nahi rakh sakta par jo jyadatar ko khush rakhta hai woh kaafi hai.

Aapki budhimatta aur kootnitik replies ko salute sir.:)
 
दयानंद जी , आपने भी यो पी ऍम शब्द पोपुलर करने का पूरा बीड़ा उठा लिया !
ये बालक इब्ब पापा मम्मी ने नु टेक्स्ट करा करेंगे "पी ऍम "क्या हाल है ?
मेरे पी ऍम ( परम मित्र ) आज आप की बहुत याद आई !
मेरे पी ऍम ( मेरे प्रियतम ) आज आप की बहुत याद आई !
आदि -2
थोड़े दीना में मेरे जिसे ने भी न्यू 'पी ऍम' भेज्या करेंगे
पी ऍम ( पोपले मुह आले )के हाल है ?

है जी है, पी ऍम कमाल की चीस !
 
Last edited:
oho te ya baat thi ke ("एक नकचढ़ी जाटनी")......jyah te me sochu, ak me suddha padhra chhorra PM ke lapette me kyukkar aa gaya tha :thappad.....:D:D

ND Deswalji......:D:D

jawab nahi aapka...."चोर की दाढ़ी में तिनका, समझने वाले समझ भी जायें, सांप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे' ...:rock
 
Helllo D N Deshwal ji

Aapne bahut accha likha PM ke baare main,

Or aapne bina kisi ka naam liye bhi PM wali baat unn logo Tak pahunch gaye jo aapne aap ko JAt Land ka Chaudhary maante hain.,

Toh Mujhe umeed hjain ki wo aage se sahi salamat rahenge or PM ka miss use nahi karenge.

Per meri ek sallah or hai ki Pm ki tarah hi ek or Word hona chahiye wo bhi bahut Important hain
wo word hain " HM "

Word is smaal but meaning is very large.

Thanx

A Royal JAT of INDIA


Kaise ho bhai Ravi... aapne sahi kaha PM HM ke baare mein.

Bhai ek baat maine poochi thi pehle bhi par aapne matlab nahi bataya... Please batta dijiye ... meri queriosity badhti jaa rahi hai.,,,
Ye A Royal JAT of INDIA ka kya chakkar hai ???
 
इस पेपर को देखकर जी करता है कि या तो इनका सिर फोड़ दूं या अपना फोड़ लूं ।
पर आजकल चक्कर उल्टा है - पहले जाटणियां चौपाल में कम ही जाती थी, पर आजकल तो उन्होंने ही तकरीबन वहां कब्जा कर रखा है - थोड़ी बहुत चौधराहट भी पाल ली है कि वहां अगर किसी ने हमें वहां पर 'डिस्टर्ब' किया तो उनकी शिकायत कर दी जायेगी (झूठी या सच्ची) और उसे 'आउट' कर दिया जायेगा । कई लड़कों ने तो इस डर से वहां पर जाना ही छोड़ दिया - कहने लगे कि क्या करें जी, आजकल तो सब जगह इनकी ही सुनी जाती है, यहां आधे से ज्यादा Mods तो जाटणियां ही हैं, एक तो करेला और दूसरे नीम पर भी चढ़ा ! अगर कोई जाटनी झूठी शिकायत भी कर देगी तो हमारा तो हो जायेगा कल्याण !

कुछ दिन पहले एक धागा चला, उसमें PM का जिक्र हो गया । मैने भी मजाकिया लहजे में एक पोस्ट लिख दी, बिना किसी का नाम लिखे - (Click here) । वही बात हो गई कि चोर की दाढ़ी में तिनका । एक नकचढ़ी जाटनी जो ज्यादातर चौपाल में बैठी रहती है, उसको मेरी पोस्ट पढ़कर तिलमिलाहट हुई होगी और हो सकता है कि मेरी शिकायत किसी सरपंचनी को कर दी हो । फिर मुझे एक सरपंचनी से धमकी भरा PM मिला कि जी, आपकी उम्र के किसी मेंबर को किसी पर "unveiled comments" लिखना शोभा नहीं देता । "Unveiled comments" यानि खुली बात नहीं, पर पर्दे में छुपी हुई बात पर एक इशारा ।

क्यों मैडम साहिबा, क्या हो गया मेरी उम्र को ? अच्छा खासा हट्टा-कट्टा हूं, मेरे से ज्यादा उम्र के और भी बहुत से मेंबर हैं यहां पर । आदमी की उम्र बढ़ने के साथ ही उसकी लेखनी (कलम) की शक्ति भी बढ़ती है । यही एक ऐसा गुण है जिसका सम्बन्ध सिर्फ उम्र से है । एक कम उम्र का होनहार छात्र, चाहे उसने कई पी-एच-डी कर रखी हों, इतना अच्छा कलम का सिपाही नहीं हो सकता जितना एक सीनियर व्यक्ति । खुशवन्त सिंह को ही देख लो - कब्र में पैर लटकाये बैठा है, पर उसकी कलम का आज भी जवाब नहीं, फिल्मी हीरोइनों की खूबसूरती पर फब्तियां कसता रहता है पर उससे कोई नाराज नहीं होता/होती । यहां जाटलैंड पर भी कुछ सीनियर मेंम्बर ही हैं जो कलम के अच्छे सिपाही हैं - जैसे जगमोहन मलिक, धर्मपाल दूदी, ब्रि. लक्ष्मण सिंह, लक्ष्मण बुरड़क, देव दहिया आदि ।

यक्ष ने युधिष्ठिर से पूछा था – आदमी की उम्र के बढ़ने के साथ-साथ उसकी भाग-दौड़ की शक्ति, नजर, सुनने आदि की क्षमता कम होती जाती है, सिर्फ एक ही गुण है जो उम्र के साथ बढ़ता है, वह गुण कौन सा है ? युधिष्ठिर ने कहा - वह गुण है 'बुद्धि' । एक कम उम्र का आदमी ज्यादा ज्ञानी (knowledgeable), ताकतवर, पढ़-लिखा, विद्वान तो हो सकता है, पर ’बुद्धिमान’ नहीं होता । बुद्धि को अंग्रेजी में 'wisdom' कहते हैं । 'knowledge' और 'wisdom' दो अलग-अलग चीजें हैं - जैसे रावण ज्ञानी, खूब पढ़ा-लिखा, विद्वान तो था, पर बुद्धिमान (wise) नहीं था । एक अनपढ़ आदमी ज्यादा 'wise' हो सकता है एक पढ़े लिखे, 'knowledgeable' और विद्वान नौजवान से ।

मैने तो आज तक कोई अश्लील शब्द या वाक्य कभी नहीं लिखा और न ही किसी के बारे में सीधा लिखा । हरेक का अपना स्वभाव होता है, किसी को वह भाता है और किसी को नहीं । इस किस्म की पब्लिक फोरम में भी यही बात है । दो-चार जाट-जाटणी हैं जो सरपंचों के काबू के नहीं, हम मेंबर ही उनका जुगाड़ कर सकते हैं । हमें किसी से व्यक्तिगत बैर नहीं, ऐसे दो-चार जब कभी-कभी कोई गलत पोस्ट लिखते मुझे नजर आते हैं, तो मैं अपनी पोस्ट लिखता हूं, बिना नाम लिए - एक सही कूटनीतिक चाल, ताकि किसी का नाम भी मत लो और समझने वाले समझ भी जायें, सांप भी मर जाये और लाठी भी न टूटे । सो भाई लोगो, अगर मेरी यह अदा आपको पसंद नहीं तो बता दो, मैं बंद कर देता हूं इस फोरम में लिखना । मेरी यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि मुझ पर सरपंचनी साहिबा के PM का कोई असर नहीं हुआ है ।

हां, एक बात मैंने जरूर की है - अपने प्रोफाइल से PM सिस्टम को हटा दिया है ताकि फिर मुझे कोई मेंबर या सरपंच/नी PM न भेजे, ई-मेल बेशक भेजे । आप कहोगे तो इस PM सिस्टम को फिर चालू कर दूंगा ।


है न यह "PM" कमाल की चीज ?
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DND sir मेरी तो सावन में फूटी थीं, या मारे मन्नै तो सब हर्या हर्या ही दीखे है...(all गरीन nd green nd गरीन)

मन्नै भी एक अश्लील शब्द का प्रयोग किया था एक धागे में, सो वो धागा ही delete हो गया. मन्नै वो धागा बिना उस अश्लील शब्द का प्रयोग करके फिर से बनाया और mods को भेज दिया, इब्ब वा धागा approve भी हो गया और वापस forum में आ ग्या.

(यहाँ गौर फरमाइये की उस अश्लील शब्द का या तो मन्नै बेरा था या फेर mods को बाकी सब JATlanders तो उस अश्लील शब्द से बिलकुल ही अनभिग्य (unaware) थे)

अब उनमे से एक सरपंचनी जिसकी जाटों के बारे में knowledge बहुत ही ज्यादा है, या तो बताया कोन्या अक...वा thread क्यूँ delete किया...

परन्तु उस अश्लील शब्द का बार बार प्रयोग कर के, मुझे बदनाम करने की फूलटू नाकाम कोशिश ज़रूर की...

DND Sir...आप जाटलैंड के एक वरिष्ठ एवं सीनियर मेंबर हैं, अब आप ही बतायें अक में कित जाकर अपना सर फोडू अक सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे. :p:D


************************************************

मास्टरजी : बच्चों इस सब से आपने क्या सीखा
बच्चे : मास्टरजी अक उस अश्लील शब्द का प्रयोग आप या फिर सरपंचनीयाँ ही कर सकती हैं, अपनी इज्ज़त बचान ताईं, अडे औरान के तो मुहँ पै ताले लगा दो.

(...nd all other mods were a mute testimony to this entire episode, nobody came forward to justify as to wat was wrong nd wat was right. Eventually, the thread after diverting from its original question nd taking up nd down turns came to closure w/o the question(s) being answered)

बच्चे सब एक आवाज़ में : अक मास्टरजीअडे त न्यू ही चालै. :D:p

(another fruitful nd constructive one hour wasted...16x2=8.5)
There is a place on this virtual world called "Jat Land". I say its irony at it's fullest !!! :thappad:D:rolleyes::confused::p:tamatar

 
Last edited:


DND Sir...आप जाटलैंड के एक वरिष्ठ एवं सीनियर मेंबर हैं, अब आप ही बतायें अक में कित जाकर अपना सर फोडू अक सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे. :p:D



”अर्धसत्य” - श्रीकृष्ण की कूटनीति

महाभारत का युद्ध चल रहा था - भीष्म शरशैया पर जा चुके थे और द्रोणाचार्य कौरवों के सेनापति थे और पाण्डवों की सेना की लाशें बिछाये जा रहे थे । श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा कि द्रोणाचार्य को हराना असंभव है और उनको रास्ते से हटाये बिना हम युद्ध जीत नहीं सकते । सिर्फ एक रास्ता है - द्रोणाचार्य ब्राह्मण हैं, उनका एक ही बेटा है, अश्वत्थामा । अगर कोई उन्हें अश्वत्थामा (जिसको अमर होने का वरदान था) की मौत की झूठी खबर सुना दे तो यह सदमा उनसे बर्दाश्त नहीं होगा और वे हथियार रख देंगे ।

भीम ने एक हाथी को मार डाला, जिसका नाम भी 'अश्वत्थामा' था, और फिर द्रोणाचार्य के सामने जाकर बोले "मैने अश्वत्थामा को मार डाला गुरुदेव" । द्रोण को विश्वास नहीं हुआ और वे इस खबर की सच्चाई जानने के लिए युधिष्ठिर की पास गए, क्योंकि युधिष्ठिर झूठ नहीं बोलता । श्रीकृष्ण के इशारा करने पर युधिष्ठिर ने कहा :

अश्वत्थामा हतो इति - नरो वा कुंजरो वा ।

अर्थात "हे गुरुदेव, मैने तो यह सुना है कि अश्वत्थामा मारा गया, मुझे नहीं पता कि वह नर था या कुंजर (हाथी) "।

"अश्वत्थामा हतो इति" इतना कहने पर ही श्रीकृष्ण ने शंख बजा दिया और युधिष्ठिर का कहा हुआ बाकी वाक्य द्रोण को सुनाई नहीं दिया, बेटे की मौत की झूठी खबर सुनकर उन्होंने हथियार रख दिये ।

श्रीकृष्ण और चाणक्य सच्चे कूटनीतिज्ञ थे - जब लोहा गर्म देखो, मार दो हथौड़ा ! श्रीकृष्ण के बारे में पढ़िये मेरा धागा - -
SHRIKRISHNA – The Greatest Yogi Of All Times .



(तेवतिया जी, मेरी सर्विस तो diplomacy में है, कुछ 'अर्धसत्य' बोल लेता हूं यहां पर । श्रीकृष्ण का अंश हम सभी में है, आप भी थोड़ा आजमा लो यहां पर, क्यों किसी का सिर फोड़ें या अपना फुड़वायें?)

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(तेवतिया जी, मेरी सर्विस तो diplomacy में है, कुछ 'अर्धसत्य' बोल लेता हूं यहां पर । श्रीकृष्ण का अंश हम सभी में है, आप भी थोड़ा आजमा लो यहां पर, क्यों किसी का सिर फोड़ें या अपना फुड़वायें?)


DND sir मेरी तो सावन में फूटी थीं, या मारे मन्नै तो सब हर्या हर्या ही दीखे है...(all गरीन nd green nd गरीन)

धन्यवाद DND sir...now i can see the light at the end of the tunnel...i can also see all vibrant fundamental colors in the spectrum...VIBGYOR. :p:rolleyes::D
...
i rest my case at ease...RIP
:)
 
Bahut mast DND ji... katti saachi arr suddhi hui baat keh di saral shabdo mein. aap likhte rahiye aur apna PM system bhi fir se shuru kar dijiye. Aap bahut achha likhte hai aur padhne mein bhi majja aata hai. Iss duniya mein koi bhi insaan sabko khush nahi rakh sakta par jo jyadatar ko khush rakhta hai woh kaafi hai.

Aapki budhimatta aur kootnitik replies ko salute sir.:)


Lo bhai, PM system kar diya phir se shuru- chalne do !

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काफ़ी अरसे बाद इतना अच्छा व्यंग्य पढ़ा. काफ़ी अच्छा लगा -- खासतौर पर वह बुद्धि वाली बात.
मैने आपकी कुछ लघु-नाटिकाएं भी पढी है, आप काफ़ी उम्दा लिखते हैं. मैं आपकी शैली (अब ये किसी लडाकू जाटणी का नाम न निकल जाए!) का कायल हूँ.
 
आज कई दिन बाद फुर्सत मिली - कुछ नए मेम्बर हैं, उनका प्रोफाइल देखने लगा । हैरानी सी हुई । भाई, एक लड़की (नई मेंबर) जिसका पोस्ट काउंट जीरो है, उसके Profile view हैं 879 । उसका नाम लिखना यहां ठीक नहीं, कहोगे तो बता दूंगा । बात यह है कि लड़कियों के प्रोफाइल ज्यादा ही देखे जाते हैं (मेरे view तो बस 131 ही हैं) ।

पर मैं आप सब को यह सलाह जरूर दूंगा कि अपने "Visitor Messages" को मिटाते रहा करो । अब देखो ना, उस लड़की के प्रोफाइल वाले पेज पर 78 VM लिखे हुए हैं जिन्हें कोई भी पढ़ सकता है

मैं समझता हूं कि PM तो ठीक है पर यह VM ज्यादा ठीक नहीं क्योंकि इसे सब पढ़ सकते हैं, इसलिए इनको delete करते रहा करो !
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आज कई दिन बाद फुर्सत मिली - कुछ नए मेम्बर हैं, उनका प्रोफाइल देखने लगा । हैरानी सी हुई । भाई, एक लड़की (नई मेंबर) जिसका पोस्ट काउंट जीरो है, उसके Profile view हैं 879 । उसका नाम लिखना यहां ठीक नहीं, कहोगे तो बता दूंगा । बात यह है कि लड़कियों के प्रोफाइल ज्यादा ही देखे जाते हैं (मेरे view तो बस 131 ही हैं) ।

पर मैं आप सब को यह सलाह जरूर दूंगा कि अपने "Visitor Messages" को मिटाते रहा करो । अब देखो ना, उस लड़की के प्रोफाइल वाले पेज पर 78 VM लिखे हुए हैं जिन्हें कोई भी पढ़ सकता है।

मैं समझता हूं कि PM तो ठीक है पर यह VM ज्यादा ठीक नहीं क्योंकि इसे सब पढ़ सकते हैं, इसलिए इनको delete करते रहा करो !
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Ha ha ha ha .... Aap bhi postmortem karte raho so profilan ka ...

In visitor messages ka to yo rassa bada kharab .... soft delete .... er delete kare pachey bhi wa poonjhad si hude rahe ee ja se .... is there any way to fully delete all these .... er yo soft delete kare to comment bhi bada boojhey se ... kyan tahi bhai ... mhare message humne delete karne ... ismein comment ki ke baat .... :)
 
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आज कई दिन बाद फुर्सत मिली - कुछ नए मेम्बर हैं, उनका प्रोफाइल देखने लगा । हैरानी सी हुई । भाई, एक लड़की (नई मेंबर) जिसका पोस्ट काउंट जीरो है, उसके Profile view हैं 879 । उसका नाम लिखना यहां ठीक नहीं, कहोगे तो बता दूंगा । बात यह है कि लड़कियों के प्रोफाइल ज्यादा ही देखे जाते हैं (मेरे view तो बस 131 ही हैं) ।

पर मैं आप सब को यह सलाह जरूर दूंगा कि अपने "Visitor Messages" को मिटाते रहा करो । अब देखो ना, उस लड़की के प्रोफाइल वाले पेज पर 78 VM लिखे हुए हैं जिन्हें कोई भी पढ़ सकता है ।

मैं समझता हूं कि PM तो ठीक है पर यह VM ज्यादा ठीक नहीं क्योंकि इसे सब पढ़ सकते हैं, इसलिए इनको delete करते रहा करो !
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deashwal aap dokha kya ta manno so ...ek salwar suit me photo khinch wa lyo pher dekho aapke view 1000 cross na kar jya ta.....hhahahhahahah
 
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yeh baat to sahi hai deshwal saab choriyaan ke profile saare hi visit karte hai. ar mhaare profile mein kaagle se bole hai.

आज कई दिन बाद फुर्सत मिली - कुछ नए मेम्बर हैं, उनका प्रोफाइल देखने लगा । हैरानी सी हुई । भाई, एक लड़की (नई मेंबर) जिसका पोस्ट काउंट जीरो है, उसके Profile view हैं 879 । उसका नाम लिखना यहां ठीक नहीं, कहोगे तो बता दूंगा । बात यह है कि लड़कियों के प्रोफाइल ज्यादा ही देखे जाते हैं (मेरे view तो बस 131 ही हैं) ।

पर मैं आप सब को यह सलाह जरूर दूंगा कि अपने "Visitor Messages" को मिटाते रहा करो । अब देखो ना, उस लड़की के प्रोफाइल वाले पेज पर 78 VM लिखे हुए हैं जिन्हें कोई भी पढ़ सकता है

मैं समझता हूं कि PM तो ठीक है पर यह VM ज्यादा ठीक नहीं क्योंकि इसे सब पढ़ सकते हैं, इसलिए इनको delete करते रहा करो !
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Great suggestion from Rakesh.... lotpot lotpot :D:D!!

Deswal Sir... eeb te paher he lo... magar ek aur problem si hai... ladki to fer bhi na lago aap...chalo koi na ... aur koi dekhe na dekhe profile me baithi Tai si ne dekhan main zaroor aa jaunga roj ki roj... badha denge aapke profile views... chinta mat na karo...
:D:D!!

बात यह है कि लड़कियों के प्रोफाइल ज्यादा ही देखे जाते हैं (मेरे view तो बस 131 ही हैं) ।
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deashwal aap dokha kya ta manno so ...ek salwar suit me photo khinch wa lyo pher dekho aapke view 1000 cross na kar jya ta.....hhahahhahahah
 
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