Pseudo secularism?

rajpaldular

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छद्म धर्मनिरपेक्षता ?


मोहम्मद रफ़ी ने कभी भी भजन गाने से परहेज नही किया, मधुबन में राधिका नाचे रे, सुख के सब साथी और भी ऐसे कई भजन रहे होंगे जो उन्होंने
बिना धर्म और जांतपांत सोच कर गाये होंगे, आज भी कितने ही हिन्दू गायक अल्लाह, मौला, परवरदिगार और मदीने वाले करते हुए गाते हैं।

किन्तु विश्व के सबसे बड़े सेक्युलर देश में लोकतंत्र का मन्दिर कहे जाने वाले संसद भवन जहाँ संसार के विश्व विख्यात सेक्युलर लोग बैठते हैं, कल राष्ट्रगीत का अपमान किया गया, जब सदन में वन्दे मातरम की धुन बजने पर बसपा का शफीकुर्रह्मान सदन से उठकर बाहर चला गया, रोके जाने पर उसने एक सांसद का हाथ झटक दिया और बाद में अपने इस कदम को पूरी तरह से सही बताते हुए कहा कि वो आवश्यकता पड़ने पर पुनः भी ऐसा ही करेगा।


यही है सेकुलरिज्म के नाम पर हमारी उपलब्धि? अभी तक तो केवल अपमान ही किया जाता था अब तो बाकायदा सदन में शपथ लेकर अपमान किया जा रहा है , भले ही मीरा कुमार आपत्ति जताएं अथवा बीजेपी हो हल्ला करे , क्या वो क्षमा माँगेगा? बात-बात पर दलित समुदाय की आहत भावनाओं की बात करने वाली बसपा क्या देश के राष्ट्रगीत के अपमान पर कुछ बोलेगी ? अपने देश को नमन करने में कैसा अपमान ? हर बात पर धर्म को आगे रखने वाले देश को कैसे धर्मनिरपेक्ष कह सकते हैं ?
 
Nothing is above country. This ba$tard should be punished. Irony is muslims put their religion above all else and then whine why we are doubted on our nationalism. Bloody Traitors!
 
अब इसे भी जायज़ ठहराया जा सकता है, जाटलैंड पर बहुत विद्वान है जो हर चीज को अपने तथ्यों, आंकड़ो ओर कानून या पता नहीं कोन से एंगल से ही तोलते है ओर सही साबित कर देते है | ही इज अ ब्लडी ############ |
 
इन श्रीमान जी ने अपने मजहब को तवज्जु दी इसलिए इनके राष्ट्रवादी होने पर सवालिया निशान लग गया | असल मे तो आज देश मे गिनती के लोग ही राष्ट्रवादी हैं अगर सब राष्ट्रवादी होते तो यहा भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर नहीं होता |
 
शर्मनाक बात है की लोग राजनीति के कारण धरम और देशभक्ति मैं भेद करते है, अति निंदनीय और देश हित के विपरीत .. मुद्दा राष्ट्र गान के अपमान का है जिससे देश का अपमान हुआ, आप के लिए आप ही के लॉजिक से उठते चाँद सवाल

पर राजपाल जी जरा बताइए आप उनसे कैसे अलग है? आप भी तो धरम की रक्षा के नाम पर गोधरा के बाद हुए दंगो को धर्म रक्षा के लिए लिया गया कदम बताते हैं, क्या वहां आप देश की साम्प्रदायिकता को नहीं भेद रहे?

और जित ताखर ने तो एक दुसरे तागे मैं सरे मुसलमानों को ही गाली दे कर बेहतरीन उपमा दे दी .क्या वो देश की साम्प्रदायिकता पर हमला नहीं?

आये दिन आप देश की चुनी हुई सर्कार और उसके प्रधान मंत्री के लिए अपशब्द कहते है, क्या वो देश की संप्रभुता का अपमान नहीं? ..
 
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Because of vote bank politics, one particular community is being given a long rope.

Anything and everything by them is acceptable whether that is against or according to the constitution or laws!

Only hope that Congress and its like-minded allies like BSP and SP (Sickularists) are shown the door sooner than later.
 
शर्मनाक बात है की लोग राजनीति के कारण धरम और देशभक्ति मैं भेद करते है, अति निंदनीय और देश हित के विपरीत .. मुद्दा राष्ट्र गान के अपमान का है जिससे देश का अपमान हुआ, आप के लिए आप ही के लॉजिक से उठते चाँद सवाल

पर राजपाल जी जरा बताइए आप उनसे कैसे अलग है? आप भी तो धरम की रक्षा के नाम पर गोधरा के बाद हुए दंगो को धर्म रक्षा के लिए लिया गया कदम बताते हैं, क्या वहां आप देश की साम्प्रदायिकता को नहीं भेद रहे?

और जित ताखर ने तो एक दुसरे तागे मैं सरे मुसलमानों को ही गाली दे कर बेहतरीन उपमा दे दी .क्या वो देश की साम्प्रदायिकता पर हमला नहीं?

आये दिन आप देश की चुनी हुई सर्कार और उसके प्रधान मंत्री के लिए अपशब्द कहते है, क्या वो देश की संप्रभुता का अपमान नहीं? ..


आप घूम फिर कर गोधरा दंगों पर ही क्यों आ जाते हो? परतंत्र भारत में एवं स्वतंत्र भारत में सांप्रदायिक दंगे तो बहुत हुए हैं।

प्रत्येक देश का अपना-अपना राष्ट्र गान तो होता ही है। ओमान की राजधानी रूई में अल-नसर सिनेमा हाल में हिंदी फ़िल्में आरम्भ होने से पहले ओमान का राष्ट्रीय गान परदे पर आता है एवं सभी देशों के, सभी धर्मों के नागरिक (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं अन्य) सब खड़े होकर राष्ट्र गान को सम्मान के साथ सुनते हैं, मैंने स्वयं कई बार अल-नसर सिनेमा हाल में फ़िल्में देखी हैं तथा मैं भी उनके राष्ट्र गान के समय सम्मान के साथ खड़ा होता था, जबकि वो गान अरबी भाषा में होता है, समझ में कुछ नहीं आता था फिर भी सब सम्मान के साथ खड़े होकर सुनते हैं। राष्ट्रीय गान का धर्म से कोई सम्बन्ध नहीं है।
 
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 51ए में मूल कर्तव्यों के बारे में बताया गया है जिसमें दिया गया है कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह भारत के राष्ट्रीय चिन्हों, प्रतीकों, राष्ट्रगान का एवं राष्ट्रगीत का सम्मान करेगा।

संसद के भीतर सफीकुर्रहमान बर्क से किसी ने यह नही कहा था कि वंदेमातरम् गाना है अपितु वन्देमातरम् के सम्मान में खडे भर रहना था। अब आप सब बताइये कि वह व्यक्ति जो संविधान में बताये गये कर्तव्यों का निर्वाहन नहीं कर सकता वो साँसद होने के योग्य है?

कौन वो देशद्रोही मतदाता हैं जिन्होंने इसको चुनकर संसद में भेजा है?


बेशक वन्दे मातरम् गाने की बाध्यता संविधान में नहीं है परन्तु सम्मान करने की बाध्यता है।

और फिर ये तो भारत माता की वंदना है।



:mad:
 
Nothing is above country. This ba$tard should be punished. Irony is muslims put their religion above all else and then whine why we are doubted on our nationalism. Bloody Traitors!


इस मातृभूमि में उपजा हुआ अनाज खाते हैं, इस मातृभूमि की जीवदायिनी नदियों का शीतल एवं पवित्र जल पीते हैं, इस मातृभूमि की पवित्र वायु में चैन की श्वाँस लेते हैं, और इस मातृभूमि के यशोगान "वंदेमातरम" को हराम कहते हैं, वो इस देश के सबसे बड़े "देशद्रोही" हैं !!!
 
हा हा ! भाई जिब तू बोलता है 'देश की चुनी हुई सरकार' तो मुझे कुछ और ही सुनाई देता है !! :stupid:


And this quote will satisfy all other queries -

“A patriot must always be ready to defend his country against his government.”






आये दिन आप देश की चुनी हुई सर्कार और उसके प्रधान मंत्री के लिए अपशब्द कहते है, क्या वो देश की संप्रभुता का अपमान नहीं? ..
 
राष्ट्रीय गीत (वन्देमातरम) या राष्ट्रीय गान (जन गण मन) का अपमान देश ही नहीं अपितु देश के संविधान का भी अपमान है | आज देश के कुछ नेताओ और राजनैतिक पार्टियों ने अपनी सुविधा अनुसार साम्प्रदायिकता की परिभाषा गढ़ ली है |

शफीकुर्रह्मान जैसे व्यक्ति संसद के लायक ही नहीं है सबसे बड़ा अफ़सोस इस बात का है धर्मनिरपेक्षता की पहरेदार, झंडा बरदार पार्टियों की बोलती क्यों बंद है इस मुद्दे पर? लोकसभा सचिवालय ने अभी तक संसद की गरिमा को ठेस पहुँचाने और राष्ट्रीय गीत का अपमान करने के जुर्म में शिकायत दर्ज क्यों नहीं करायी?

देश के क़ानूनमन्त्री को तो देश के कानून और संविधान की जानकारी है नहीं, और यहाँ जाटलैंड एक माननीय, अनुभवी और सर्वज्ञाता सदस्य राजपाल जी और जीत ताखर जी से सवाल करते है कि आप मैं और संसद सदस्यों में क्या अन्तर रह गया? सबसे बड़ा अन्तर तो यही है राष्ट्र, राष्ट्रीय गीत और संसद के अपमान पर इनका और देशप्रेमियों का खून खौल रहा है और वे वोटो की राजनिति में उलझे हुए खींसे नपोरे रहे है |
 
हा हा ! भाई जिब तू बोलता है 'देश की चुनी हुई सरकार' तो मुझे कुछ और ही सुनाई देता है !! :stupid:


and this quote will satisfy all other queries -

“a patriot must always be ready to defend his country against his government.”



जिसकी जैसी सोच उसके वैसे विचार

खैर, आप ही सचे देश भक्त है बाकि तो आचार बेचने आते है यहाँ ... आप ही है जो विदेश मैं बैठ कर देश को कभी गली नहीं देते, देश की जनता द्वारा चुनी (ध्यान से पढ़िए) सर्कार की इज्ज़त करते है, आप ही है जो कभी फ या श जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते जो बिलकुल हमारी संकृति है.

आप महान है बाबा रण छोड़(ठीक से पढियेगा ) दास

 
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देश के क़ानूनमन्त्री को तो देश के कानून और संविधान की जानकारी है नहीं, और यहाँ जाटलैंड एक माननीय, अनुभवी और सर्वज्ञाता सदस्य राजपाल जी और जीत ताखर जी से सवाल करते है कि आप मैं और संसद सदस्यों में क्या अन्तर रह गया? सबसे बड़ा अन्तर तो यही है राष्ट्र, राष्ट्रीय गीत और संसद के अपमान पर इनका और देशप्रेमियों का खून खौल रहा है और वे वोटो की राजनिति में उलझे हुए खींसे नपोरे रहे है |

आप अब २ विचारो को मिला कर उनकी खिचड़ी बना रहे है. जितना खून आप का खोल रहा है उतना ही किसी भी भारतवासी का खोलेगा, इसका अर्थ ये नहीं की आप अपशब्दों को भडावा दे ? क्या आप उन चाँद मुसलमानों के कारन पुरे जित द्वारा पुरे धरम को दी गई गाली का समर्थन कर रहे है ?

शायद आपने अपनी सहूलियत से उन सवालो के ऊपर लिखी लाइन नहीं पढ़ी जिसमे न सिर्फ इस कृत्य बल्कि इसे करने वालो की गृह्ना की गई है.

रही सवालो की बात तो बात सीढ़ी है सुभाष भाई- लोग अपनी सहूलियत से हिसाब से दुसरो पर सवाल नहीं उठा सकते जब वो खुद उस बात के लिए दोषी हो किसी हद्द तक , फ़िल्मी भाषा मैं कहूँ तो 'जिनके घर शीशे के होते है वो तो कम से कम दुसरो के घरो पे पत्थर न मारे '
 
.

कुछ भी
हो भाई, लेकिन "खान्ग्रेसी स्पून" तो नहीं हैं। ठीक से पढ़ियेगा .. स्पून मतलब चमचा !! ;)



जिसकी जैसी सोच उसके वैसे विचार

खैर, आप ही सचे देश भक्त है बाकि तो आचार बेचने आते है यहाँ ... आप ही है जो विदेश मैं बैठ कर देश को कभी गली नहीं देते, देश की जनता द्वारा चुनी (ध्यान से पढ़िए) सर्कार की इज्ज़त करते है, आप ही है जो कभी फ या श जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते जो बिलकुल हमारी संकृति है.

आप महान है बाबा रण छोड़(ठीक से पढियेगा ) दास

 
Bhai itna hi padh raha hai to Sura bhai ne kuch vichar prakat kie hai aap ke lie aap ke desh bhakti wale tagge main, wo bhi dekh lie
.

कुछ भी
हो भाई, लेकिन "खान्ग्रेसी स्पून" तो नहीं हैं। ठीक से पढ़ियेगा .. स्पून मतलब चमचा !! ;)

 
छद्म धर्मनिरपेक्षता ?


मोहम्मद रफ़ी ने कभी भी भजन गाने से परहेज नही किया, मधुबन में राधिका नाचे रे, सुख के सब साथी और भी ऐसे कई भजन रहे होंगे जो उन्होंने
बिना धर्म और जांतपांत सोच कर गाये होंगे, आज भी कितने ही हिन्दू गायक अल्लाह, मौला, परवरदिगार और मदीने वाले करते हुए गाते हैं।

किन्तु विश्व के सबसे बड़े सेक्युलर देश में लोकतंत्र का मन्दिर कहे जाने वाले संसद भवन जहाँ संसार के विश्व विख्यात सेक्युलर लोग बैठते हैं, कल राष्ट्रगीत का अपमान किया गया, जब सदन में वन्दे मातरम की धुन बजने पर बसपा का शफीकुर्रह्मान सदन से उठकर बाहर चला गया, रोके जाने पर उसने एक सांसद का हाथ झटक दिया और बाद में अपने इस कदम को पूरी तरह से सही बताते हुए कहा कि वो आवश्यकता पड़ने पर पुनः भी ऐसा ही करेगा।


यही है सेकुलरिज्म के नाम पर हमारी उपलब्धि? अभी तक तो केवल अपमान ही किया जाता था अब तो बाकायदा सदन में शपथ लेकर अपमान किया जा रहा है , भले ही मीरा कुमार आपत्ति जताएं अथवा बीजेपी हो हल्ला करे , क्या वो क्षमा माँगेगा? बात-बात पर दलित समुदाय की आहत भावनाओं की बात करने वाली बसपा क्या देश के राष्ट्रगीत के अपमान पर कुछ बोलेगी ? अपने देश को नमन करने में कैसा अपमान ? हर बात पर धर्म को आगे रखने वाले देश को कैसे धर्मनिरपेक्ष कह सकते हैं ?
राजपाल जी इस वंदे मातरम गीत के इतिहास पर कुछ प्रकाश डालेंगे , किसने कब और क्यो लिखा !!!
 
constructive personal attack..

BTW... soch or vichar mai kya farak hota hai????

जिसकी जैसी सोच उसके वैसे विचार

खैर, आप ही सचे देश भक्त है बाकि तो आचार बेचने आते है यहाँ ... आप ही है जो विदेश मैं बैठ कर देश को कभी गली नहीं देते, देश की जनता द्वारा चुनी (ध्यान से पढ़िए) सर्कार की इज्ज़त करते है, आप ही है जो कभी फ या श जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते जो बिलकुल हमारी संकृति है.

आप महान है बाबा रण छोड़(ठीक से पढियेगा ) दास

 
भाई म्नने ना बेरा था के 'कंट्री हेड ऑफ़ इंडीड डॉट कॉम' आचार बेचा करे .. :stupid:

खेर, यार थारे धोरे घणा टाइम है .. इतना टाइम क्यूकर लिकाड़े है भाई माक्का कोई टिप्स दियो, आड़े बैंक में तो घणा बिजी सौदा है, कॉफ़ी पीने का भी टाइम ना मिलता .

अमेरिका में बैठ के कंट्री हेड सारा दिन और रात भी ज्यादातर .. आड़े जाटलैंड पे पोस्ट पे पोस्ट गेरा करे .. आफ्टर अ लॉन्ग टाइम सडनली तू जाटलैंड पे एक्टिव हुआ विथ एन एजेंडा। फिर पोस्ट पे पोस्ट पोस्ट पे पोस्ट।


सीरियसली यू डीजर्व एन अवार्ड फ़ोल्लोड बाई अ बिग राउंड ऑफ़ अप्प्लौड़। :)


चियर्स,
जीत






खैर, आप ही सचे देश भक्त है बाकि तो आचार बेचने आते है यहाँ
 
Last edited:
अब कुछ कहूँगा तो संजीव तेरी पोस्ट को इगनोर कर के फेर पर्सनल पोस्ट का पुन्च्द्दा ठा के आ जएगा पर खैर सुन ले ...

कोफ्फी पीने का टाइम तो जब मिलेगा जब और पधार्थ पीने से फुर्सत मिले आप को और जिस हिसाब से आप रिप्लाई कर रहे है उस हिसाब से तो मुझे लगता है आप उन्ही पधार्थो के असर मैं लिखते है .... कंट्री मेनेजर ऑफ़ इन्दीद डॉट कॉम बन्ने के लिए आप को बहुमुखी प्रतिभा का धनि होना पड़ता है और सबसे जरुरी सभ्य होना पड़ता है - कोशिश करना आप भी किसी दिन सभ्य बन जाओगे

R]




इतना टाइम क्यूकर लिकाड़े है भाई माक्का कोई टिप्स दियो, आड़े बैंक में तो घणा बिजी सौदा है, कॉफ़ी पीने का टाइम ना मिलता .
 
अब कुछ कहूँगा तो संजीव तेरी पोस्ट को इगनोर कर के फेर पर्सनल पोस्ट का पुन्च्द्दा ठा के आ जएगा पर खैर सुन ले ...

कोफ्फी पीने का टाइम तो जब मिलेगा जब और पधार्थ पीने से फुर्सत मिले आप को और जिस हिसाब से आप रिप्लाई कर रहे है उस हिसाब से तो मुझे लगता है आप उन्ही पधार्थो के असर मैं लिखते है .... कंट्री मेनेजर ऑफ़ इन्दीद डॉट कॉम बन्ने के लिए आप को बहुमुखी प्रतिभा का धनि होना पड़ता है और सबसे जरुरी सभ्य होना पड़ता है - कोशिश करना आप भी किसी दिन सभ्य बन जाओगे

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इतना टाइम क्यूकर लिकाड़े है भाई माक्का कोई टिप्स दियो, आड़े बैंक में तो घणा बिजी सौदा है, कॉफ़ी पीने का टाइम ना मिलता .
 
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