Reservation is our constitutional right

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I do not argue with you any more now because you do not understand the difference between the right and the provision in the constitution.

Does not matter. I have no interest in discussing with you. You don't know the significance of OBC commission and all.
 
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Jat Arakshan Sangharsh Samiti (JASS) on Tuesday claimed that all processes regarding reservation for Jats has been completed and now, the State is preparing its report to forward it to the Centre, which too will be done very shortly.
Hawa Singh Sangwan, president of the Samiti, talking to mediapersons after meeting Chief Minister of Haryana, Bhupinder Singh Hooda at the CM residence here said that Hooda had assured all members of the delegation that all the formalities relating to commission,
survey, etc. had been done and they were preparing a report which would be submitted
very soon.
The State Government, however, is yet to confirm the development.
Jat leader Sangwan has also threatened that if the state government did not do any thing till September 13 in this regard they will announce further agitation in the meeting at ‘Garhi Sampla’.
“The Government can not upset the Jats who form the core of its vote bank,” he added.
On June 12 last, the then Union Home Minister P Chidambaram had assured a delegation of Congress leaders led by Haryana Chief Minister Bhupinder Singh Hooda that he would ask the National Commission for Backward Classes to expedite the report on the demand for including Jats irrespective of their region or religion in the central list of other Backward Classes (OBCs) for reservation in jobs and educational institutions of the Central Government.
According to Jat leaders, Jats were essentially an agrarian community contributing to the country’s agricultural produce. But more than 95 per cent of the community was living as marginal farmers with an average land holding of less than two acres.
The same reservation has also demanded by Congress Legislative Party (CLP) leader Sunil Jakhar, from the neighbouring state Punjab.
It is a clear case of political compulsions also, for the past two years Haryana has gone through a turbulent phase with Jats, who enjoy about 20-22% presence in the state pressing hard for reservation in jobs in the backward class category. Blockades on rail tracks and roads, arson and turmoil have marked a feverish Jat stir every few months in parts of Haryana in the last two years.
The Chief Minister Bhupinder Singh Hooda had also forwarded a representation of the Jat Aarakshan Sangharsh Samiti seeking inclusion of Jats in the central list of other backward classes (OBC) for favourable consideration to the Centre.
Hooda also re-constituted Haryana Backward Classes Commission (HBCC) for including or excluding castes in the backward classes list. The representation sent to the Centre has also been referred to the National Commission for Backward Classes.
 
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:) mahre ghar ne bakas diyo... pichle saal muskila poora hoya tha... manne bera sai kisse jotte lage the... :)

जा कोए सही बात कहंदा हो ते उह का समर्थन करणा चाहिए | अन्ना रामदेव सफल कोणी होवें ,या बात में पहले दिन तें कहूँ सूं अर न्यू-ए चाले गए ते तम सारे( हवा सिंह .मलिक ,अजित सिंह ) जिह ढंग तें आरक्षण मांगो सो ,९९% पक्का स कोणी मिले | दिल्ली फूंक दयों ,एक हफ्ते के भीतर लागू भी हो जा गा | दुनिया ताकत से चलती हे ,प्राथना से नहीं |
 
जा कोए सही बात कहंदा हो ते उह का समर्थन करणा चाहिए | अन्ना रामदेव सफल कोणी होवें ,या बात में पहले दिन तें कहूँ सूं अर न्यू-ए चाले गए ते तम सारे( हवा सिंह .मलिक ,अजित सिंह ) जिह ढंग तें आरक्षण मांगो सो ,९९% पक्का स कोणी मिले | दिल्ली फूंक दयों ,एक हफ्ते के भीतर लागू भी हो जा गा | दुनिया ताकत से चलती हे ,प्राथना से नहीं |
पक्की बात स के भाई जी , अगर मिल गया फेर :)
आपने सारा ढंग बेरा पाड़ के कही स अक उन जज्बाती होके धूल मे लाठ मार दिया .....
 
जिस छोटू राम जी का उधारण आप देंदे राया करो हो उस छोटू राम ने सरे इकठे करके दिखा दिए थे. आदमी होना चाहिए जिसने लोग माने उसके पीछे लोग इकठे होया करे हे जिसपे लोगन ने विश्वास हो. ये तो राजनेतिक हे इनके अपने अपने agenda हे ये किस बेस पे इकठे होवेंगे. हुडा कांग्रेस में हे बादल कांग्रेस विरोधी हे ये तो आप आप की दुकान चला रहे हे. इनने तो खुद का भला करना हे जट्टां का थोड़ी
भाई आपने फिर चौ छोटुराम के बारे मे सारा पढ़ा नहीं , चौ छोटुराम ने सारे जाट एक किए थे ना की सारे जाट नेता .......
कुछ जाट नेता तो उन्हे काले झंडे दिखने का काम करते थे तो कुछ ने उनके खिलाफ जाति बहिष्कार तक का षड्यंत्र रचा था बाकी मैं इन घटनाओ का यहा ज्यादा जिक्र करना वाजिब नहीं मानता |
जो आज एकता की दुहाई का ड्रामा चल रहा हैं ऐसे ही उनके वक़्त मे भी चलता था , नेता रोते रहते थे पर वो आदमी अपना काम पूरा कर गया |

 
पक्की बात स के भाई जी , अगर मिल गया फेर :)
आपने सारा ढंग बेरा पाड़ के कही स अक उन जज्बाती होके धूल मे लाठ मार दिया .....

जितनी मेरी समझ स ,उसके अनुसार |
 
We never wrote pray for leave in our application as far as I remember (I studied in CRZ school) ., for grace marks you may write anything because you are asking for something which is not yours. These were the words used during British era which should be stoped now.
मास्टर जी मेरे ख्याल त आप सलाह देने मे लेट हो गए | शायद यह आखिरी पत्र लिखा गया होगा आयोग को , क्योंकि मुझे नहीं लगता की अब इसके आगे पत्राचार की जरूरत पड़ेगी , अब यह लड़ाई अपने अंजाम पर हैं | अगर फिर भी जरूरत पड़ी तो आपकी सलाह आगे पहुंचा दूंगा |
 
हो गए तो वा और बता दो.....


कमाल हो ज्यागा फेर ते , चौधरी हवासिंह सांगवान ने जिन्दगी भर नमन करदा रहूंगा एर मेरे एक हीरो होंगे वो |
 
कमाल हो ज्यागा फेर ते , चौधरी हवासिंह सांगवान ने जिन्दगी भर नमन करदा रहूंगा एर मेरे एक हीरो होंगे वो |
या कोई बात कोणी हुई .....
बाकी यो कमाल तो होके रहेगा ....
.
 
भाईसाहब मेरे आज तक या समझ नहीं आई के आप इसके खिलाफ सो अक हक़ मे आप खिलाफ वाले की पोस्ट न भी लाइक करे पाओ सो आर हक़ वाले की भी ..... सिर्फ इस आरक्षण वाली बात पर ही नहीं कई और थ्रेयड मे भी देखा हैं |

भाई साहब... जरुरी नहीं के सामने वाली की लिखी 8 की 8 लाइन अपने पसंद आवे... हो सके ह आपने उसकी एक लाइन भौत अच्छी लागी और आप उस से काफी हद तक सहमत भी ह बाकि की 7 लाइन आपको नातो पसंद ह और ना ही नापसंद ह और न ही आपकी उन म कोई तिल्चस्पी ... हो सकता ह आपने उसके जवाब देने का तरीका पसंद अय्या हो एक like बटन दबाने से ये फसला नहीं किया जा सकता के आप उसके पक्स म हो विपक्स म हो सकता ह लिखे करने वाल्ले के उस वक्ती के साथ निजी सम्भंद हो और वो उसके विचारों को ठीक तरीके ये समझता हो या इतने निजी हो के वो बीना दिखये इस बुटन न दबा क जाता रह ह..... बोलन म और लिखने म भौत फर्क ह खुच जगह तो आपके लहजे का भी पता नहीं चलेगा के अप्प किस हिस्साब से बात रख रहे हो ..तो वहा ये बुटनं कोई काम नहीं करेगा .... ... एस बटन एक बटन की वजह से फैसला निकालना ....समझ से बाहर ह
मेरे हिस्साब से तो एस बटन का येहा होना ही नहीं चाहिए ..कुछ फोटो, विडियो या सिर्फ थरड के नीची इसे होना चाहिए ( वेहा भी कोई जरुरी नहीं ह ) ... किसी के दबाने से उसके विचार को पता नहीं लग सकता .... अब सुरवात ह इसकी ..और अभी स ये अपने ही 50 भाइयो म गुट बाजी बनाने का काम कर रहा ह .. वो भी ना समझने की वजह से............. एक स्वस्थ बहस म लड़ाई का काम करवा दे स यो छोटू (बटन)
 
भाई आपने फिर चौ छोटुराम के बारे मे सारा पढ़ा नहीं , चौ छोटुराम ने सारे जाट एक किए थे ना की सारे जाट नेता .......
कुछ जाट नेता तो उन्हे काले झंडे दिखने का काम करते थे तो कुछ ने उनके खिलाफ जाति बहिष्कार तक का षड्यंत्र रचा था बाकी मैं इन घटनाओ का यहा ज्यादा जिक्र करना वाजिब नहीं मानता |
जो आज एकता की दुहाई का ड्रामा चल रहा हैं ऐसे ही उनके वक़्त मे भी चलता था , नेता रोते रहते थे पर वो आदमी अपना काम पूरा कर गया |


में येही तो कह रहा था के उन्होंने सारे जाट एक कर दिए थे. आप नेताओं के एक होने की बात कर रहे थे तो मेने तो बस यही कहा था के वे अपनी दुकान चला रहे हे फायदा न दिखे इतने एक कोणी होवे.
 
मेरै तो समर आली बात ध्यान में आई. .... कोए दुवा दयो आरक्षण, मिलेगा तो जाटा ने.....एर फायदा होवेगा जाट कौम का ... या बात क्यों नहीं सोचदे.....एर हम ने उसके गेल होना स जो बाजी ने पार लगा सके....
एर हाँ, कोए तो दम लागता होगा आक भुप्पी भी भाज के मिले स एर खुद मीटिंग खातर बुलावे भेजे स.... नहीं तो अददु फद्दु नेतां ने तो टाईम कोणी मिले मुख्मंत्री का (चाहे कितना ए फ़ालतू का एर बोगस मुख्मंत्री हो - समझ तो थम गए होगे)....

तो भाइयो चालन दयो गाडी ने... एर हाँ, ज्युकर राका भाई कह सें .. बाजी आखिरी चरण में स....... आखिरी जोर लागना स.... खिंड मिंड मत होवन दयो हंगे ने .......
!!
 
मेरै तो समर आली बात ध्यान में आई. .... कोए दुवा दयो आरक्षण, मिलेगा तो जाटा ने.....एर फायदा होवेगा जाट कौम का ... या बात क्यों नहीं सोचदे.....एर हम ने उसके गेल होना स जो बाजी ने पार लगा सके....
एर हाँ, कोए तो दम लागता होगा आक भुप्पी भी भाज के मिले स एर खुद मीटिंग खातर बुलावे भेजे स.... नहीं तो अददु फद्दु नेतां ने तो टाईम कोणी मिले मुख्मंत्री का (चाहे कितना ए फ़ालतू का एर बोगस मुख्मंत्री हो - समझ तो थम गए होगे)....

तो भाइयो चालन दयो गाडी ने... एर हाँ, ज्युकर राका भाई कह सें .. बाजी आखिरी चरण में स....... आखिरी जोर लागना स.... खिंड मिंड मत होवन दयो हंगे ने .......
!!
Sahi baat bhai,, ek do bhai aade buss nuktachunni karan khatir aaya karein..itnai nuktachunni karein itnai aapni aarzi kyu na dete OBC Commission tai..Khair ibb tai late ho liya..Ibb to sunwayi band ho li sai.
 
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धन्यवाद सूरा भाई ..

सर्वे करवा के मिलेगा तो बढ़िया स ....... नहीं तो ये दूसरी जात(खीर खाणी खासकर) खड़ी हो जांगी कोर्ट में जा की ...आक जाटो को आरक्षण देना गलत है वगैरा वगैरा.... !! एर आर्थिक आधार आला मुद्दा भी साफ़ तौर पर समझाया गया है इस ब्यान में.....



किसे ने साची कही स.... समझदारी तें इ चाले करें इसे इसे आन्दोलन..... गहरा ज्ञान एर सोच समझ की जरुरत स... नहीं तो हाथ आई बाज़ी भी लिकड़ ज्या... बस नाज के बल की हांक दें सें लोग हवा के रुख ने देख के... !बाकी यो यशपाल मालिक तो मेंने नहीं देख्या इसे इसे कोए समझदारी की बात करता किसे ब्यान में .... एर ना अजीत सिंह देख्या ..... खुद चोटाला साब आर्थिक आधार पे दें आली बात कार्या करदे, जो की संभव नहीं हैं.......... एब तो बेरा नहीं स्टैंड बदल दिया आक नहीं........
 
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जागरण संवाद केंद्र, जींद : सर्व जाट खाप समिति की बैठक जाट धर्मशाला में बिनैन खाप के प्रधान नफे सिंह नैन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि हरियाणा सरकार 15 दिसंबर तक जाटों को आरक्षण नहीं देती है तो सर्व जाट खाप समिति हरियाणा अपने नेतृत्व में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेगी। साथ ही बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन करने की तैयारी और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए 13 सितंबर को दनौदा कलां गांव में सर्व जाट खाप समिति की बैठक होगी, जिसमें प्रदेश से सभी जाट संगठन व खाप प्रतिनिधि भाग लेंगे। बैठक में 16 अगस्त को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर हुई बातचीत पर भी ब्योरा रखा गया। बैठक में 110 खाप प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बिनैन खाप के प्रधान नफे नैन, प्रेस प्रवक्ता सूबे सिंह व सचिव कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि यह आंदोलन खापों के नेतृत्व में शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। इसके लिए 13 सितंबर को दनौदा कलां के चबूतरे पर बैठक होगी, जिसमें आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में शहीद सुनील को श्रद्धांजलि दी जाएगी व जाट एकता का नारा दिया जाएगा।

सभी संगठनों ने खाप के नेतृत्व में आंदोलन में भाग लेने का आश्वासन दिया है। इसे लेकर सभी खाप रेजुलेशन लेकर आएंगे। 13 सितंबर को दनौदा कलां में भी नफे सिंह नैन की अध्यक्षता में बैठक होगी। आयोग का काम रिपोर्ट पेश करना है, लेकिन सरकार उसे टाइम बाउंड कर सकती है। आयोग को अपनी रिपोर्ट पेश करनी चाहिए। आज की बैठक में सभी संगठनों व खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है, जिसमें उन्होंने समर्थन करते हुए उनकी ड्यूटियां लगाने की बात भी कही। फिलहाल हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन जब केंद्र स्तर पर आंदोलन की बात आएगी तो पीछे नहीं हटा जाएगा।

13 सितंबर के लिए किसी दूसरे प्रदेश की खापों को निमंत्रण नहीं दिया गया है। यदि कोई खाप भाग लेती है तो उसका स्वागत है। इस अवसर पर बलजीत मलिक, प्रताप सिंह, इंद्र सिंह, टेकराम, देवा सिंह, अजमेर सिंह, दलेल खटकड़, सुरजीत सिंह, हरनारायण, इंद्र सिंह, कटार सिंह, राजबीर ढांडा, मुंशी, राजमल, शिवधन रामचंद्र, दारा सिंह, रामस्वरूप, भूप सिंह दलाल, कैप्टन महावीर सिंह लोहान, ओमप्रकाश मान, धर्मपाल, अनिल बैनीवाल, भरत सिंह खटकड़, अशोक मलिक, अनिल बैनीवाल, जसबीर सिंह नंबरदार, नरेंद्र, रणधीर सिंह, सतबीर भनवाला, बलबीर सिंह, जोगेंद्र, देवा सिंह, बलबीर सिंह, धर्मपाल छोत, विजेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।


 
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