धनाना के जाटों पर दर्ज केस वापिस करवाएंगे, कमीशन की सर्वे रिपोर्ट का स्वागत : सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बतलाया कि दीनबंंधु चौ. छोटूराम का 131वां जन्मदिवस समारोह मनाए जाने के लिए 17 नवंबर से पूरे हरियाणा में प्रचार अभियान शुरू कर दिया जाएगा। सांगवान ने आगे बतलाया कि आरक्षण पर सर्वे रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है, जिसमें जाट, जट सिख, रोड, बिश्रोई तथा त्यागी जातियों को पिछड़ी जातियों में सम्मिलित करने के लिए उचित पाया गया है, जिस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांगवान ने कहा कि हम इस रिपोर्ट का स्वागत करते हैं तथा हमारा संगठन पहले ही राज्य सरकार व केंद्र सरकार से लिखित रूप में अनुरोध कर चुका है कि जाट समाज को पहले केंद्र स्तर पर पिछड़ी जाति घोषित किया जाए और हमें उम्मीद है कि राज्य सरकार इस रिपोर्ट को जल्दी से जल्दी केंद्र में भेज देगी। यदि केंद्र सरकार जाटों को 15 दिसंबर तक आरक्षण नहीं देती है, तो खापें पहले ही ऐलान कर चुकी हैं कि वे 16 दिसंबर से आंदोलन करेंगी, जिसमें हमारा संगठन भी उनका पूरा-पूरा सहयोग करेगा। यदि सरकार और खापें ऐसा नहीं कर पाती हैं तो इसके लिए हमारा संगठन 24 नवंबर को दीनबंधु चौधरी छोटूराम के जन्मदिवस पर अपनी भविष्य के आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।
सांगवान ने यह भी बतलाया कि फरवरी-मार्च, 2012 में जो जाट आरक्षण आंदोलन चला, जिसमें धनाना गांव के 71 लोगों पर रोड जाम करने संबंधित केस दायर हुए हैं, इसमें धनाना के लोगों की कोई भी गलती नहीं है, क्योंकि कुछ बाहरी जाटों ने अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए हरियाणा के भोले-भाले जाटों को बहकाया और रेलवे ट्रैक तथा सडक़ों पर बैठाया, जिससे केवल जाट समाज को ही नहीं, आम आदमी को भी परेशानी हुई, जिसके लिए इन तथाकथित बाहरी नेताओं के खिलाफ ही मुकदमें दर्ज होने चाहिएंं, न कि आम आदमी के खिलाफ। हमारा संगठन निकट भविष्य में हरियाणा सरकार से मिलकर धनाना के जाटों के खिलाफ दर्ज मामले वापिस लेने के लिए कार्रवाई करने जा रहा है।
बैठक में जाटू 12 खाप के कार्यकारी प्रधान राजसिंह घणघस, जिला महिला अध्यक्ष किताबकौर, प्रमिला बामला, कमलेश बडेसरा, सुनीता बामला, प्रेमलता, कमला प्रेमनगर, चौ. रघुबीर सिंह बूरा, जोगेंद्र तालू, कुलदीप फौगाट, राजसिंह धनाना, सूबेदार सुमेर सिंह बाढड़़ा, चौ. हरफूल सिंह सिवानी, कपूर सिंह धनाना, जंगवीर तोशाम, मा. ताराचंद जाखड़, सूबेदार रामचंद्र टीकला, सूबेदार बलवानसिंह बामला, सूबेदार उमेदसिंह बामला, सूबेदार जीवनसिंह डोहका, रामसिंह प्रधान, रणसिंह अटेला, कैप्टन ईश्वरसिंह मंढ़ाणा, सतबीर सिंह दलाल घुसकानी, दयाकिशन बडेसरा, कैप्टन भोपाल सिंह धनाना, रामकुमार सरपंच धनाना, सूबेदार कलीराम, जगतसिंह मिताथल, दलबीर तालू, संदीप प्रेमनगर, रणधीर सिंह बडेसरा, बनीसिंह नंबरदार आदि उपस्थित थे।