Shaayad wo tum hi thi ?

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vijay

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ज़माने के साथ चलने का अंदाज़ सीख लिया आख़िर
अब फुरसत भी कहाँ पुराने दोस्तों से सलाम के लिए ||

कौन कहता है कि वो हमसे अब बात भी नहीं करते
आज भी मिलते है हम से कोई नए इल्जाम के लिए ||

दिल का दर्द अगर बिखर जाता कोई ज्वालामुखी लिए
तो शायद टीस बनके न चुभता ज़िंदगी तमाम के लिए ||

कोई आज़ाद रह कर भी लुत्फ़ न ले पाया ज़िंदगी का
ये सफर कितना हसीन रहा मोहब्बत के गुलाम के लिए ||

शायद वो तुम ही थी जो कल रात मेरे सपने में आई
मैं दिन भर यही सोचता रहा कि किस काम के लिए ||

ये कच्चे धागों का बन्धन भी कितना अजीब है विजय
कोई बेनाम सा रिश्ता तरसता रहा किसी नाम के लिए ||
 
jo keh na sake wo fasana yaad aata hai
guzra hua dilkash jamana yaad aata hai
jab husn se ishq takraya tha kabhi
ghayal hua tha ek parwana yaad aata hai


hey dude !!!! kya baat hai !!!!!
 
ज़माने के साथ चलने का अंदाज़ सीख लिया आख़िर
अब फुरसत भी कहाँ पुराने दोस्तों से सलाम के लिए ||
||

Nice Composition VJ ... :)

"kuch udaas kuch khamosh kuch bebas see lakeerien mere haath ki ..
Dhundti Rehti hoon aksar in Lakeeron mein ek lakeer tere naam ki ..
Kuch maloom bhi hai kuch dil bhi janta hai ..
Ke in lakeeron mein koi lakeer nahi tere naam ki ..
Phir bhi naa jane kyu dhundti rehti hoon aksar ek lakeer tere naam ki"
 
Nice Composition VJ ... :)

"kuch udaas kuch khamosh kuch bebas see lakeerien mere haath ki ..
Dhundti Rehti hoon aksar in Lakeeron mein ek lakeer tere naam ki ..
Kuch maloom bhi hai kuch dil bhi janta hai ..
Ke in lakeeron mein koi lakeer nahi tere naam ki ..
Phir bhi naa jane kyu dhundti rehti hoon aksar ek lakeer tere naam ki"
Mere Dil, Jiger, Kidney, Liver ho tum,
waqt-bewaqt aaye vo fever ho tum.
Doob kar jisme marr jaoo vo River ho tum,
Mere jeevan mein ab to forever ho tum…:D;)
 
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिये !!
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!

तुम MA 1ST Division हो !
मे हु metric fail प्रिये,े
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!

तुम फौजि ओफेीसेर कि बेति हो ,
मे किसान का बेता हु !
तुम रब्रि खेीर मलाइ हो ,
मे तो सत्तु स्प्रेता हु!

तुम AC घर मे रेह्ति हो ,
मे पेद के निचे लेता हु!
तुम नयि मरुति लग्ति हो ,
मे स्ककुतर लम्ब्रेता हु!

तुम निरम्ल पावन गन्गा हो ,
मे जल्त हुउआ पत्न्गा हु!
तुम हो वर्दान विधाततआ का ,
मे भग्न्वन्ता कि गलत हु!

तुम जेत विमन कि सोभा हो ,
मे बस कि थेलम थेल प्रिय!े
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!



 
Thanx Manisha !

Nice Composition VJ ... :)

"kuch udaas kuch khamosh kuch bebas see lakeerien mere haath ki ..
Dhundti Rehti hoon aksar in Lakeeron mein ek lakeer tere naam ki ..
Kuch maloom bhi hai kuch dil bhi janta hai ..
Ke in lakeeron mein koi lakeer nahi tere naam ki ..
Phir bhi naa jane kyu dhundti rehti hoon aksar ek lakeer tere naam ki"


मैं तो किस्मत बनकर माथे पर लिखा हूँ तुम्हारे
अपने हाथो की लकीरों में कहाँ ढूंढ पाओगे मुझे |
मैं वक्त नहीं हूँ जो कभी लौट कर नहीं आने वाला
जितना दूर जाओगे उतना ही पास पाओगे मुझे ||
 
Nice Composition VJ ... :)

"kuch udaas kuch khamosh kuch bebas see lakeerien mere haath ki ..
Dhundti Rehti hoon aksar in Lakeeron mein ek lakeer tere naam ki ..
Kuch maloom bhi hai kuch dil bhi janta hai ..
Ke in lakeeron mein koi lakeer nahi tere naam ki ..
Phir bhi naa jane kyu dhundti rehti hoon aksar ek lakeer tere naam ki"



Musaffir K Rasstey Badltey Rahey
Muqader Main Chalna Tha Chaltey Rahey

Koi Phool Sa Haath Kandhey Pay Tha
Meray Paaon Sholon Pay Chaltey Rahey

Main Rasttey Main Uljha Raha
Diyey Uski Rahoon Main Jaltey Rahey

Woh Kiya Tha Jissey Hum Ney Thukra Diya
Mager Umer Bher Haath Maltey Rahey

Mohabbat,Adavar, Wafa,Bayrukhi
Kiraye K Gher Thay Badltey Rahey

Suna Hai Unhin Bhi Hawa Lug Gai Hai
Hawaon K Jo Rukh Badlatey Rahey

Lipat K Chiraghoon Sey Hum So Gaey "R!zwan"
Hum To Pholon Main Carvan Badltey Rahey
​
 
शायद वो तुम ही थी जो मेरे सपनो मे रहा करती थी
मेरी नींदों मे खूबसूरत ख्वाब बन के सजा करती थी
खोलता जो मैं आँखे जा छुपती थी सितारों मे कही
सितारों से तेरा पता पूछता तो हस देते थे वो यू ही


शायद वो तुम ही थी जो मेरी धड़कन मे रहा करती थी
मेरे दिल मे धड़कती और साँसों मे बसा करती थी
थाम लेता जो मैं दिल जा छुपती थी फूलों मे कही
फूलों से तेरा पता पूछता तो हस देते थे वो भी यू ही


शायद वो तुम ही थी जो मुझसे कहा करती थी
मेरा पता मत पूछना मैं तुझ मे बसा करती हूँ
तुझ से न हो सकूंगी अलग मैं कभी
पर दूंडोगे तो भी न मिल पाऊँगी कभी


मैं जिंदा तो हूँ पर तुझे पाना मेरे बस मे नही
तुझी से है वजूद मेरा और तुझी मे बसती हू मैं
पर छू पाऊ तुझे ये मेरी किस्मत नही
न पूछना मेरा पता न मिल पाऊँगी मैं कभी


साथ चलूंगी हर कदम तेरा साया बन
तेरी खुशी मे हसूँगी गमो को पी लूँगी मैं
सच कहते थे तुम की शायद वो मैं ही थी
जो तुझी मे बसती थी तुमको जीती थी सदा
 
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रीये
येह प्यार नही है खेल प्रीये !!


तुम MA 1ST Division हो !
मे हु matric fail प्रीय,े
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रीये,
येह प्यार नहि है खेल प्रीय !!

तुम फौजी officer की बेटी हो ,
मे कीसान का बेटा हु !
तुम रबरी खेीर मलाई हो ,
मे तो सत्तु स्प्रेत्ता हू !

तुम एसी घर मे रहती हो ,
मे पेड़ के नीचऐ लेता हु!
तुम नई मर्रुती लगाती हो ,
मे स्कूटर lambreeta !

तुम निर्मल पावन गंगा हो ,
मे जलता हुआ पतंगा हूँ !
तुम हो वरदान विधाता का ,
मे भगवंता की गलती हूँ !

तुम जेट विमान की सोभा हो ,
मे बस की ठेलम ठेल प्रीये
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!

इस कदर अगर हम छुप छुप,
कर आपस मे प्रेम बदायेंगे !
तो एक रोज़ तेरे daddy ,
अमरीशपुरी बन जायंगे !!
सब हड्डी पसली तोड मुझे ,
भीजवा देंगे जेल प्रीये !
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!



तुम अरब देश की घोह्दी हो ,
मे गधे की नाल प्रीये !
तुम दीवाली का बोनूस हो ,
मे भूखो की हड़ताल प्रीये !!
तुम हीरे जड़ी तस्तरी हो ,
मे एल्यूमिनियम की थाल प्रीये !
तुम chicken सोउप ब्रियानी हो ,
मे कंकड़ वाली दाल प्रीये !


तुम वय्सत Sonia Gnadhi सी ,
मे V P Singh सा खली हूँ !
तुम हँसी माधुरी दिक्सित की ,
मे पुलिस मेन की गाली हूँ !!

कल जेल अगर हो जाए तो ,
दिलवा देना बैल प्रीये !
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!

मे ढाबे के ढांचे जैसा ,
तुम पाँच सितारा होटल हो !
मे महुए का देशी dheraa ,
तुम रेड label की bottle हो !

तुम चितार्हार का मधुर गीत ,
मे कीरशी दर्शन की झाडी हूँ !
तुम विशाव्सुन्दारी से कम्मल ,
मे तोलिए छाप कबाडी हूँ !

तुम सोनी का मोबाइल हो ,
मे टेलीफोन का चोगा !
तुम मछली मानसरोवर की ,
मे सागर तट का हूँ घोघा !

दश मंजिल से गिरजाओंगा ,
मत आगे मुझे धकेल प्रीये !
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!

तुम सत्ता की महारानी हो ,
मे वीपक्सः की लाचारी हूँ !
तुम हो ममता जयललिता सी ,
मे कुवारां अटल बिहारी हू !!
तुम तेंदुलकर का सतक प्रीये ,
मे फोल्लो ओंन की पारी हूँ !
तुम getz , mateez, corolaa हो ,
मे leyland का lory हूँ !!

तुम नई वीधेशी मिक्सी हो ,
मे पत्थर का सिल्बत्ता हूँ !
तुम AK-47 जैसी ,
मे तो देशी कट्टा हूँ !!

मुझको रेफरी ही रहने दो ,
मत खेलो मुझेसे खेल प्रीये !
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रिये,
येह प्यार नहि है खेल प्रिय !!



Same but with some corrections and some additions ........................
 
Last edited:
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रीये
येह प्यार नही है खेल प्रीये !!


तुम MA 1ST Division हो !
मे हु metric fail प्रीय,े
मुस्किल् है अप्ना मैल प्रीये,
येह प्यार नहि है खेल प्रीय !!




Same but with some corrections and some additions ........................

hahhahaaaaaaaaaa .......

Itni ishpellingshh ki taang, kaan, naak tod ke, itne fundu iraade rakhte hain aap to ji ye mel to sach me bahut mushkil hai :p

Shayad wo tum hi the jo angreji ki kaksha me tamaatar khaane gaye the :D:rolleyes:
 
ज़माने के साथ चलने का अंदाज़ सीख लिया आख़िर
अब फुरसत भी कहाँ पुराने दोस्तों से सलाम के लिए ||

कौन कहता है कि वो हमसे अब बात भी नहीं करते
आज भी मिलते है हम से कोई नए इल्जाम के लिए ||

दिल का दर्द अगर बिखर जाता कोई ज्वालामुखी लिए
तो शायद टीस बनके न चुभता ज़िंदगी तमाम के लिए ||

कोई आज़ाद रह कर भी लुत्फ़ न ले पाया ज़िंदगी का
ये सफर कितना हसीन रहा मोहब्बत के गुलाम के लिए ||

शायद वो तुम ही थी जो कल रात मेरे सपने में आई
मैं दिन भर यही सोचता रहा कि किस काम के लिए ||

ये कच्चे धागों का बन्धन भी कितना अजीब है विजय
कोई बेनाम सा रिश्ता तरसता रहा किसी नाम के लिए ||


Bahut achha VJ ... bahut badhiya likhte ho :)
 
शायद वो तुम ही थी ...... म्हारी झोटी खू रही है , किस्से नी देखि सै के ???
 
Nice.....

मैं तो किस्मत बनकर माथे पर लिखा हूँ तुम्हारे
अपने हाथो की लकीरों में कहाँ ढूंढ पाओगे मुझे |
मैं वक्त नहीं हूँ जो कभी लौट कर नहीं आने वाला
जितना दूर जाओगे उतना ही पास पाओगे मुझे ||


आज ढूंढते हो खुशियाँ बेगानो की आँखों में तुम,
कभी अश्क की तरह तुम पलकों पे बसाओगे मुझे ।

आज तो तुमने कसम खाई है मुझे भुला देने की,
कल ख्वाबों मे तुम्ही छुप छुप के सजाओगे मुझे ।

एक खिलौने की तरह खेला है तुमने मुझसे आजतक,
उम्मीद यही है कभी तो इंसान समझ पाओगे मुझे ।

आज तोड़ जाते हो तमाम रिश्ते जो तुम "साहिल",
एक दिन लहरों की तरह ज़िंदगी मे बुलाओगे मुझे ।
 
hahhahaaaaaaaaaa .......

Itni ishpellingshh ki taang, kaan, naak tod ke, itne fundu iraade rakhte hain aap to ji ye mel to sach me bahut mushkil hai :p

Shayad wo tum hi the jo angreji ki kaksha me tamaatar khaane gaye the :D:rolleyes:

haan angreji ki kaksha me to me tamaatar khaane gaya thaa lakin kum aap bhee nahi ho ..jo mere sath hee tamaatar khane chal padi thee ............


aisi Jagah nahi dekhi ki ...thodi se galti ho jaye to taaang kinch do ......
 
haan angreji ki kaksha me to me tamaatar khaane gaya thaa lakin kum aap bhee nahi ho ..jo mere sath hee tamaatar khane chal padi thee ............


aisi Jagah nahi dekhi ki ...thodi se galti ho jaye to taaang kinch do ......

Ye galatfahmi aapko kaise hui ki mai tamaatar khaane saath gayi thi ! Ji humko aapki 'प्रिय' ne jo bataya humne bol diyaa :p:p

... aur taang na kheechi jaaye to koi khushi se lamba na hone paayega.... :rolleyes: ,..... sab 'gumsum Aunty' ki god me sote paayenge.....! :o
 
Ye Ji humko aapki 'प्रिय' ne jo bataya humne bol diyaa :p:p
kissi ne jhoot bole diya ..................or aap behak gayi .....ha ha haa !

... aur taang na kheechi jaaye to koi khushi se lamba na hone paayega.... :rolleyes: ,..... sab 'gumsum Aunty' ki god me sote paayenge.....! :o
dekhiyo kahin jayda hee lambi na ho jao ...................or zore(force) bhee thodaa saa kum lagayaa karo ...........nahi to kissi ki tang ........hath me hee aa jaa gi !
 
kissi ne jhoot bole diya ..................or aap behak gayi .....ha ha haa !


dekhiyo kahin jayda hee lambi na ho jao ...................or zore(force) bhee thodaa saa kum lagayaa karo ...........nahi to kissi ki tang ........hath me hee aa jaa gi !

Aapki to safe hai na abhi ? :rolleyes:
 
इस दुनिया ने ग़लत समझा लेकिन हमें कोई गम नहीं
लेकिन अपनों ने ठुकराया बस परायों से सलाम के लिए ||

दौड़ कर चले आए हम तुम्हारी हर एक आवाज़ पर
तुमने हमें जब भी बुलाया सिर्फ़ किसी इल्जाम के लिए ||

हम अब कैसे पहचान पाते किसी इंसान की असलियत
क्या तुमने अपना चेहरा बदला था किसी इंतकाम के लिए ||

आज भी हमे कोई पूछता रहता है कि कैसे हो "विजय"
बड़ा 'लापरवाह' दिख रहा लगता है हमारे अंजाम के लिए ||
 
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