Shaayad wo tum hi thi ?

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ये लाईलाज रोग कहाँ से लगा लिया विजय भाई?
फ़िर भी, अति सुंदर! ऐसे ही लिखते रहो!
 
ये लाईलाज रोग कहाँ से लगा लिया विजय भाई?
फ़िर भी, अति सुंदर! ऐसे ही लिखते रहो!


धन्यवाद भाई साहब .........

लेकिन ये कोई रोग नहीं है ....... बल्कि ये तो वो अहसास हैं जो कलम से लिखे जाते हैं ..... अपने लिए ...... उनके लिए ..... और जमाने के लिए :)
 
dil na milte to mulakat aduri rehti
baat to hoti magar baat adhuri rehti
shukriya tera tere aanese ronak to badhi
nahi to yeh mehfil ek jasbat aduri rehti
tune apne daman mein chupaye mere aasu
nahi to akho ki barsaat adhuri rehti
 
धन्यवाद भाई साहब .........

लेकिन ये कोई रोग नहीं है ....... बल्कि ये तो वो अहसास हैं जो कलम से लिखे जाते हैं ..... अपने लिए ...... उनके लिए ..... और जमाने के लिए :)


yeh ahsas nai hai dost yeh ada hai kisi ki hahhahahahah

Aap ki vo zaalim ada,
mujh ko bimaar kargayi,
ek baar aapne muskura kya diya,
teer ko dil ke paar kargayi.:rock:tamatar
 
इस दुनिया ने ग़लत समझा लेकिन हमें कोई गम नहीं
लेकिन अपनों ने ठुकराया बस परायों से सलाम के लिए ||

दौड़ कर चले आए हम तुम्हारी हर एक आवाज़ पर
तुमने हमें जब भी बुलाया सिर्फ़ किसी इल्जाम के लिए ||

हम अब कैसे पहचान पाते किसी इंसान की असलियत
क्या तुमने अपना चेहरा बदला था किसी इंतकाम के लिए ||

आज भी हमे कोई पूछता रहता है कि कैसे हो "विजय"
बड़ा 'लापरवाह' दिख रहा लगता है हमारे अंजाम के लिए ||

Nice copy paste;):p:rock

just kidding vijay bhai !!!:)
 
इस दुनिया ने ग़लत समझा लेकिन हमें कोई गम नहीं
लेकिन अपनों ने ठुकराया बस परायों से सलाम के लिए ||

दौड़ कर चले आए हम तुम्हारी हर एक आवाज़ पर
तुमने हमें जब भी बुलाया सिर्फ़ किसी इल्जाम के लिए ||

हम अब कैसे पहचान पाते किसी इंसान की असलियत
क्या तुमने अपना चेहरा बदला था किसी इंतकाम के लिए ||

आज भी हमे कोई पूछता रहता है कि कैसे हो "विजय"
बड़ा 'लापरवाह' दिख रहा लगता है हमारे अंजाम के लिए ||



Sir...itni solid shayari kis ke liye likhte hain aap.... :p
kaun hai woh.....??
 
Last edited:
Sir...itni solid shayari kis ke liye likhte hain aap.... :p
kaun hai woh.....

Hello

Plss


Gum ki aanch per anshun ubal kar dekho,
rang ban jaynge kisi per dal kar dekho,
Tumhare seene ki jalan cum hogi jaroor,
kisi ke pawon se kanta nikal kar dekho.


Thanx

A Royal JAT of INDIA
 
टूटी फूटी शायरी में चाहत का तड़का बड़ी उम्मीद से पेश किया है गम के मसालों के साथ

शायद ये भूल भी हमसे हुई
इस बार भी गलती हमसे हुई
शायद तकदीर को भी फिर से
शिकायत सिर्फ हमी से हुई
शायद वो नाराज़ हो हमसे
नाराज़गी भी सिर्फ हमी से हुई
शायद कमी भी हमारी है
इस बार भी चूक हमी से हुई
शायद वो अब ना माने
हमको है फिर भी इन्तेज़ार
शायद वो मुस्कुरा दे फिर से
शुरुआत खुशी की उनसे हुई
शायद ये दिल ही ऐसा है
हर बार शिकायत इसको हुई
शायद हमको एतबार है जो
फिर भी ये चाहत हमको हुई
शायद ऐसा ही होता है
जब कोई अपना खोता है
शायद वो इतना समझ सके
क्यों हमको मोहब्बत उनसे हुई

:tamatar
 
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