Shayri (Continued)

Kitne chehre hain is duniya me
Magar humko ek chehra hi nazar aata hai,
Duniya ko hum kya dekhe,
Uski yadon me saara waqt guazar jaata hai……
 
पलट के आये ज़माने वो ही मोहब्बत के,
कि रंग चलने लगे और सबह ठहर जाये |
किसी का साथ मिले कुछ इस तरह से ,
कि वक्त चलता रहे और रास्ता ठहर जाये ||
 
कौन कहता है मोहब्बत की जुबान होती है |
ये हकीकत तो सिर्फ निगाहों से बयान होती है ||
 
ये दिल बेचारे का गम भूले तो नींद आये,
ज़ेहन से तेरा ख्याल जाये तो नींद आये |
हमारे सीने में तेरी यादों की रोशनी है ,
हमारे अंदर भी अँधेरा छाये तो नींद आये ||
 
ऐसी भी क्या बेक़रारी की आराम कभी ना हो
किसी अजनबी से ऐसा भी सलाम कभी ना हो

इंतज़ार का दर्द क्या होता है कैसे कहें
ऐसा भी दिल का कोई मेहमान कभी ना हो

दिल के कागज पर लिख गया कोई नाम अपना
मोहब्बत में ऐसा कोई पैगाम कभी ना हो

चलते है तीर नज़रों से घायल है दिल मेरा
मासूमियत से ऐसा कोई पैगाम कभी ना हो

हम प्यार करते है उनसे, कह भी नहीं पाते
किसी की चाहत का ऐसा इम्तिहान कभी ना हो
 
Dua mangi thi aashiyane ki,
Chal padi andhiya zamane ki,
Mera gum koi nahi samajh paya,
Kyu ki meri aadat thi muskurane ki

duaa se nahi, booking se milegaa aasiyaanaa(flat)
bank ke paas jaa kar aapni payslip deekhaanaa.
aandhiyaan rook jaayengi ,usha fan mat laganaa.
aur gum ki jagah fevikol lagaana,
jo biktaa he usko pahchaanne ki aadat he jamaane ki,
 
पढना है तो इंसानों को पढने का हुनर सीख |
हर चेहरे पे लिखा है किताबों से ज्यादा ||
 
मै दर्द से राहत में उनसे उम्मीद लगा बैठा!

जो सरे बाजार जख्मो की दुकान लगाये बैठे थे!!
 
वो मुझसे दूर रहकर खुश है तो उसे खुश रहने दो ,
मुझे अपनी चाहत से ज्यादा उसकी ख़ुशी पसंद है।
 
ना तुमसे कोई गीला है ना अब शिकायत है,
तुम्हारी राह से खुद को हटा दिया है मैंने |



 
ये दिन, ये रात, ये लम्हे अच्छे लगते हैं,
तुम्हे सोचूँ तो सारे सिलसिले अच्छे लगते है |
बहुत दूर तक चलना, मगर फिर भी वही रहना,
मुझे तुम से तुम्ही तक के दायरे अच्छे लगते हैं ||
 
ये ही सजा है बेवफा तेरी उम्र भर के लिये कि,
हम नज़र भी आएंगे तुझे, तो सिर्फ ख्वाबो में |
 
तुझको पूजा, तेरी दहलीज पे सजदा ना किया,
वो मेरा इश्क था, ये मेरी खुद्दारी है ||


 
उठती नहीं है आँख किसी और की तरफ,
पाबन्द कर गयी है किसी की नज़र मुझे |
 
लो आज हमने तोड़ दिया रिश्ता-ऐ-उम्मीद,लो
अब कभी गिला ना करेंगे किसी से हम...!!!
 
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