Shayri (Part 1)

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जिंदगी के लम्बे वक्त से ,
कुछ लम्हे गिरे और टूट गए |
तुम्हे मन भर देख भी न पाया ,
और तुम हमसे सदा के लिए रूठ गए |
 
जिंदगी में हैं हजारों गम ,
भूल जाने के लिए |
इक तुम्हारा गम हे ,
जो काबिल नहीं भूलाने के लिए |
 
जब आग लगी थी बादल में ,
और अंगारे बरसे थे |
हम भी सुने हुए इस दुनिया के ,
किसी चमत्कार की खातिर तरसे थे |
 
अजीब कशमकश थी की जान किसको दें
वो भी आ बैठे थे ओर मौत भी
 
अजीब कशमकश थी की जान किसको दें
वो भी आ बैठे थे ओर मौत भी
बहुत बढ़िया भाई सुनील " वो भी आ बैठे थे और मौत भी ":applause:
 
महफिल लगी थी यारों की, हमे भी बुलावा आया था
कैसे ना जाते, उनकी कसम देके बुलाया था
फिर अक्शर अक्शर जोड के हमने दिल का दर्द सुनाया था -
जब आँसु उनकी याद में ना ना करते निकल गए
जो समझे वो खामोश रहे, बाकि वाह वाह करते निकल गए
 
घरों पे नाम थे नामों के साथ ओहदे थे
बहुत तलाश किया कोई आदमी न मिला।
 
दुख मे वो आज किनारा कर गयी
हस्ती हूई जिंदगी को बेसहारा कर गयी
रोका करती थी हमे पीने से जो
आज जाने लगी तो खुद ही
बोतल की तरफ इशारा कर गयी
 
जिस्म पर मिट्टी मलेंगे पाक हो जाएँगे हम
ऐ ज़मीं इक दिन तेरी ख़ूराक हो जाएँगे हम

ऐ ग़रीबी देख रस्ते में हमें मत छोड़ना
ऐ अमीरी दूर रह नापाक हो जाएँगे हम
 
जिसको तलाशते रहे उसको पता ही नहीं था
हमारी चाहत को उसने समझा ही नहीं था ​
हम पूछते ही रह गए की उनको हमसे प्यार था ​
और वो ये कह कर चले गए की उनको पता ही नहीं था ​
 
तिनका -2 तूफान में बिखरते चले गए
तन्हाई की गहराईओं में उतारते चले गए .
उड़ते थे जिनके सहारे आसमानों में हम
एक -एक करके सब बिछड़ते चले गए.​
 
जिसको तलाशते रहे उसको पता ही नहीं था
हमारी चाहत को उसने समझा ही नहीं था ​
हम पूछते ही रह गए की उनको हमसे प्यार था ​
और वो ये कह कर चले गए की उनको पता ही नहीं था ​


everything here is about rejection and past! it is rare to see upbeat shayree, I think.
 
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