ravinderjeet
New member
आना हैं तुझे तो हिजाब ओढ़ के आया कर
तू महफ़िल ए बदनाम में जरा सोच के आया कर
कहीं चढ़ ना जाए ये रंग ए उल्फत तुझे भी
दिलजलो के दरीचे में तू बुत हो के आया कर
तू महफ़िल ए बदनाम में जरा सोच के आया कर
कहीं चढ़ ना जाए ये रंग ए उल्फत तुझे भी
दिलजलो के दरीचे में तू बुत हो के आया कर