Shayri (Part 1)

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वाह -वाह क्या बात हे
हम तिरंगा तो कफ़न बना कर ओढ़ा देंगे
आप को बलि वेदी पर चढ़ा देंगे
रिशवत उसमे भी हक़ समझ कर खा लेंगे
 
सच्चे शब्दों में सच के अहसास लिखेंगे ...
वक्त पढे जिसको कुछ इतना खास लिखेंगे...
गीत गजल हम पर लिखेंगे लिखने वाले...
हमने कलम उठाइ, तो इतिहास लिखेंगे...!!
 
सच्चे शब्दों में सच के अहसास लिखेंगे ...
वक्त पढे जिसको कुछ इतना खास लिखेंगे...
गीत गजल हम पर लिखेंगे लिखने वाले...
हमने कलम उठाइ, तो इतिहास लिखेंगे...!!

badhiya hai bahut, aapka hi likha hai ya kisi aur ka hai?
 
badhiya hai bahut, aapka hi likha hai ya kisi aur ka hai?


जाट लेंड पे-ए किस्से भाई के सिग्नेचर सें ये |



कुछ मेरे अपने लिखे होते हैं
कुछ फिजां से चुरा लेता हूँ
कुछ औरों के गाये सुन लेता हूँ
कुछ अपने भी गून-गुना लेता हूँ


--- रवि "अतृप्त "
 
माणस सुन्ना परिवार बिना |
नार सुन्नी भरतार बिना |
बाबा सुन्ना प्रचार बिना |
डाक्टर सुन्ना बीमार बिना |
बाणिया सुन्ना व्यापार बिना |
भामण सुन्ना त्यौहार बिना |
फौजी सुन्ना हथियार बिना |
नेता सुन्ना भ्रष्टाचार बिना |
 
रगों में तो सबके खून बहता हे
हमने उनमे इस्पात बहाया हे
दिल तो सबके लहू धोंकते हैं
हमने उसको भठ्टी बनाया हे
 
मौत तें सब डरदे फिरें
आपां मौत नु डरावाँ
आंगलियाँ पे मौत नचावां
तो आपां जाट कुहावाँ


पुत्त जट्टां दे !!!!!!!!!!!
 
आंसू की हर बूँद में
लाखों सपने डूबे होते हैं
यूँ ही हाथ छोड़ कर
जब चला जाए कोई
वही सपने गालों पर
सूखे होते हैं
 
जा इस्सा हो तो सब ठीक रहवे :-
घोड़े ने काठी राखे कस के
लोग ने लुगाई राखे कस के
खेत ने हाली बहावे दब के
घी दूध गभरू खावे राज के
दादा बालकां नु खिलावे हंस के
सारे दुःख-सुख बंडो हंस-हंस के
 
माणस सुन्ना परिवार बिना |
नार सुन्नी भरतार बिना |
बाबा सुन्ना प्रचार बिना |
डाक्टर सुन्ना बीमार बिना |
बाणिया सुन्ना व्यापार बिना |
भामण सुन्ना त्यौहार बिना |
फौजी सुन्ना हथियार बिना |
नेता सुन्ना भ्रष्टाचार बिना |

Ravinder सुन्ना albaad bina.........

thoda sa mane jod diya bhai
 
जिन्दगी में दो लम्हे कोई मेरे पास ना बेठा
आज सब मेरे पास घंटों बेठे जा रहे थे
कोई तोहफा ना मिला आज तक मुझे
और आज फूल ही फूल दिए जा रहे थे
तरस गए थे हम किसी के हाथ के दिए कपडे को
और आज नए कपडे पहनाये जा रहे थे
दो कदम साथ चलने को तेयार ना था कोई
और आज काफिला बन कर लिए जा रहे थे
आज पता चला की मौत इतनी हसीं होती हे
हम तो यूँ ही खामखा जिए जा रहे थे
 
Khud to mere ho na sake mujhe bhi kisi ka hone na diya
Dukh diye itne ke 2 pal rone bhi na diya
Din mein unhe bhulane baithe to
Jalim ne raat mein sone bhi na diya.
 
दिलों में अगर तुम बेताबियाँ ले कर चल रहे हो ---तो ज़िंदा हो
नजर में खवाबों की बिजलियाँ ले कर चल रहे हो-- तो ज़िंदा हो
हवा के झोंको के जेसे आजाद रहना सीखो
एक दरिया के जेसे लहरों में बहना सीखो
हर एक लम्हे से मिलो खोले अपनी बाहें
हर एक पल एक नया समा देखे ये निगाहें
जो अपनी आखों में तुम हेरानियाँ ले कर चल रहे हो --तो ज़िंदा हो
 
Us ko chaha bhi to izhaar na karna aaya,
kat gai umar humein pyar na karna aaya…!
Us ny maangi bhi to hum say judai maangi,
or hum they kay humein inkaar na kerna aaya…!
 
Maine faaslo ko mitaya vo judai kar gayi,
Kitni masoom thi vo lekin phir bhi dil tod kar gayi…!
Vo sikha gayi kisi pe aitbar na karma,
Kitni burai kar k bhi ek achai kar gayi…!
 
Aapki Yad Na Aaye To Hum Bewafa
Aap Bulao Aur Na Aaye To Hum Bewafa,
Hume Maarne K Liye Khanjar Ki Zarurat Nahi,
1 Bar Nazar Fer Lo, Na Mar Jaye To Hum Bewafa …
 
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