Shayri (Part 1)

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नुक्ताचीं है, ग़म-ए-दिल उसको सुनाये ना बने,
क्या बने बात, जहाँ बात बनाए ना बने​
 
और कुछ देर न गुज़ारे , शब् -ए -फुरक़त से कहो,
दिल भी कम दुखता है , वो याद भी कम आते हैं |​
 
किस किस की मिसाल दूँ तुझ को ,
हर सितम बे मिसाल करते हो |​
 
वो कहते है भुला दो पुरानी बातों को

कैसे समझाऊँ उन्हें की वो पुरानी बातों से तो जिंदा है हम
 
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Kati ek jhalak mai hi chhori maar gyi tu Jaat ne
Issi bholi bhaali surat teri tu thwaawegi uski Khaat ne
Ranjha ban ke ne jogi ho gya bhul gya saare Thaath ne
Halwe kheer ka shokeen eeb baitha reh se Dilli Haat mai
Stadium mai daud maaran aala reh se tere didaar ki Baat mai
Kyun se tu itni andy,kyan te maar gyi tu dhaakad Jaat ne
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मुझ आशिक-ए-नामुराद की किस्मत का हो खानाखराब,
माशूक पहलू-ए-गैर में है और मेरे पहलू में है शराब.
 




[FONT=Verdana, Geneva, sans-serif]​[/FONT]Chahat Ka Naqaab Odhkar Aaye Qaatil Hamare,,,चाहत का नकाब ओढ़ कर आये कातिल हमारे,,,
Majhdhaar Mein Hi Doob Gaye Sahil Hamare,,, मझधार मैं ही डूब गए साहिल हमारे,,,
Na Rulane Ki Kasam Denewale Hi Chod Gaye,,, न रुलाने की कसम देनेवाले ही छोड़ गए,,,
Aansuon Ke Samundar Aankhon Mein Hamare... आंसुओं के समंदर आँखों मैं हमारे,,,


 
​Chahat Ka Naqaab Odhkar Aaye Qaatil Hamare,,,चाहत का नकाब ओढ़ कर आये कातिल हमारे,,,
Majhdhaar Mein Hi Doob Gaye Sahil Hamare,,, मझधार मैं ही डूब गए साहिल हमारे,,,
Na Rulane Ki Kasam Denewale Hi Chod Gaye,,, न रुलाने की कसम देनेवाले ही छोड़ गए,,,
Aansuon Ke Samundar Aankhon Mein Hamare... आंसुओं के समंदर आँखों मैं हमारे,,,


अगर चाहने से जहां मे खुशियां मिलती
खुदा से मांगने से अगर दुनियां मिलती
क्यूं भटकता इस तरह दीवानो की तरह
तेरे मकान से मेरी सब गलियां मिलती
 
वो कहते है भुला दो पुरानी बातों को

कैसे समझाऊँ उन्हें की वो पुरानी बातों से तो जिंदा है हम

:very_drunk:

छा गया भाई, छा गया.. लम्बर पुरे ले गया जम्मा...

कसुत्ता ए शायर स कोए, जो इस्सी टेड्डी बात लिख गया !
 
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हार गूँथने बैठी थी जिंदगी
फूल ना मिले तो काँटे पिरो लिए
 
तू दिल पे बोझ लेके मुलाक़ात को न आ,
मिलना है इस तरह तो बिछड़ना क़ुबूल है.
 
शिद्दत ए दर्द से शर्मिंदा नहीं है मेरी वफ़ा

दोस्त गहरे हैं तो ज़ख्म भी गहरे होंगे !!!
 
Dil ne jo chaha vo kabhi bhi na paaya,,, दिल ने जो चाहा वो कभी भी न पाया,,,,
Jhoothi muskaan main hamne har gam ko chipaaya,,, झूठी मुस्कान मैं हमने हर गम को छिपाया,,,,
Har insaan takdeer ko aajmaata hai,,, हर इंसान तकदीर को आजमाता है,,,
Ek ham hain jise har baar takdeer ne aajmaaa,,, एक हम हैं जिसे हर बार तकदीर ने आजमाया,,,


 
Mil bhi jaate hain to katra ke nikal jaate hain,,, मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं,,,
Haaye mausam ki trah log badal jaate hain,,, हाय मौसम की तरह लोग बदल जाते हैं,,,
Wo kabhi apni jafaa par nahin hue sharminda,,, वो कभी अपनी जफा पर नहीं हुए शर्मिंदा,,,
Ham samjhte rahe patthar bhi pighal jaate hain,,,हम समझते रहे पत्थर भी पिघल जाते हैं,,,
Umar bhar jinki wafaon pe bharosa kariye,,, उम्र भर जिनकी वफाओं पे भरोसा करिये ,,,,
Waqt padne par wahi log badal jaate hain,,, वक्त पड़ने पर वही लोग बदल जाते हैं,,,
 
"नकाब जो उठा दी, तो हद भी लगा दी
उठे हर निगाह, लेकिन कोई बाम तक ना पहुंचे "



बाम - Peak, शीर्ष, चोटी
 
Why all shayar write sad peotry? Its good though !


मौका प्यार का जिन्दगी में ,
हर एक को मिला ,
किसी को थी शिकायत ,
किसी को शिकवा ,
किसी को गिला ,
कुछ संभले ,कुछ दिल की सदा बन गए |


किसी का तीर निशाने से चुका,
कोई गया था ठगा ,
किसी को मिली तन्हाई ,
जो चूक गए वो शायर बन गए |

--------रवि "अतृप्त "
 
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सामने हो मंजिल तो रास्ते मत मोडना
जो भी मन में हो वो सपना मत तोडना
कदम कदम पे मिलेंगी मुशकिल आपको
बस सितारे चुनने के लिए कभी जमीं मत छोडना
 
शिद्दत ए दर्द से शर्मिंदा नहीं है मेरी वफ़ा

दोस्त गहरे हैं तो ज़ख्म भी गहरे होंगे !!!


चाहत का फ़ूल फ़िर से खिला नहीं
तुमसा कोई दुसरा अभी मिला नहीं
दोस्तों ने ही हर कसर पूरी कर दी
इसलिये दुश्मनों से कोई गिला नहीं
 
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