Shayri (Part 1)

Status
Not open for further replies.
मोहब्बत में कोई सदका उठाना
चाहिए था ,
भुलाया था जिसे वो याद आना
चाहिए था ,
मेरी अपनी और उसकी आरज़ू में
फर्क ये था ,
मुझे बस वो , उसे सारा ज़माना
चाहिए था ...
​
 
तनहा उदास चाँद को समझो न बे -खबर
हर बात सुन रहा है मगर बोलता नहीं |​
 
एक नए अंदाज़ से तरकस सजा कर सोख ने ......
खून का दरिया बहाया , सब अदा कहते रहे ...​
 
खुदा ने सबर करने की मुझे तोफीक बख्शी है

अरे जी भर के तर्पाओ शिकायत कोण करता है ....​
 
किसी मासूम बच्चे के तब्बसुम में उतर जाओ

तो शायद ये समझ पाओ खुदा ऐसा भी होता है !!!
 
तेरे हुस्न को परदे की ज़रूरत ही क्या है ग़ालिब
कौन होश में रहता है, तुझे देखने के बाद

खुदा के बासते पर्दा ना काबे से उठा जालिम
कहीं ऐसा न हो याँ भी वही काफिर सनम निकले
 
हजारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमाँ, लेकिन फिर भी कम निकले
 
Is 2 Pal Ki Zndgi Me Tanhai Kyn He,
Logo Ko Hamse Shikayat Kyn He,
Is Dunia Me Insan Kam To Nai,
Fir Mere Sat Sirf Meri Parchai Kyn He
 
तुमसे दूर जाने का इरादा ना था,
सदा साथ रहने का भी वादा ना था!
तुम याद ना करोगे ये जानते थे हम
पर इतनी जल्दी भूल जाओगे अंदाजा ना था !!
 
और कुछ देर यूँ ही शोर मचाये रखिये
आसमान है तो उसे सर पे उठाये रखिये

उंगलियां गर नहीं उठें तो न उठें लेकिन
कम से कम उसकी तरफ आँख उठाये रखिये

बारिशें आती हैं तूफ़ान गुजार जाते हैं
कोहसारों की तरह पाँव जमाये रखिये

खिड़कियाँ रात को छोड़ा न करें आप खुली
घर की है बात तो घर में ही छुपाये रखिये

अब तो अक्सर नज़र आ जाता है दिल आँखों में
मैं न कहता था की पानी है दबाये रखिये

कौन जाने की वो कब राह इधर भूल पड़े
अपनी उम्मीद की शम्मा को जलाए रखिये

कब से दरवाजों को दहलीज़ तरसती है 'निजाम'
कब तलक गाल को कोहनी पे टिकाये रखिये

शीन काफ निजाम
कोहसार =पर्वत
 
pyar kyu tumse hame ho gaya

या जो आग दिल मे लाग री सै पूरी दुनिया मे लगा दुन्गा,
जै तेरी डोली उठी तो

.
.
....
…
…
…
…
…
…
…
…
तो छोरा ए इतना सुथरा सू किस्से और नै पटा लुन्गा…।






Pyaar kyu tumse hame ho gaya
Socho maine kya paya kya kho gaya
Gujar rahi thi zindagi pahle bhi magar
Ab dil me khwahiso ka ambaar ho gaya
Aankho me har pal tumhare khawaab hai
Teri julfe sham hai tera chehara savera ho gaya
Log mujhko dety hai tane tumhare naam se
Kyu tera mera naam ab ek ho gaya
Ab is dil ki majburi kon samjhega benaam
Najro ki khata ka ye kya anjaam ho gaya.


santosh benaam
 
टूट गयी उंगलियां पत्थर तराशते तराशते

जब बनी सूरत-ए-यार तो खरीद दार आ गए !!!
 
फकत अहसास के अंदाज़ बदल जाते हैं "फ़राज़"
वरना आँचल भी उसी धागे से बनता है और कफ़न भी.....
 
ये खामोश मिजाजी तुम्हे जीने नहीं देगी.....
इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो....
 
ये खामोश मिजाजी तुम्हे जीने नहीं देगी.....
इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो....

कोहराम te tane macha rakha h shayri aale column me :P
 
mujhko dushman k eradon pe bhi pyar aata hai...
teri ulfat ne mahaubbat meri aadat kar di......

teri mohabbat main , kuch nasha toh jaroor hai
Dekhte hi teri aankhon ko behak jaata hoon main
...
teri mohabbat ne aisi halat meri kar di !!
 
ये खामोश मिजाजी तुम्हे जीने नहीं देगी.....
इस दौर में जीना है तो कोहराम मचा दो....

बेचारे दिल को दुनियां से छुपाये बैठे हैं
बुझी चिंगारियों को बेवजह हवा मत दो
 
mujhko dushman k eradon pe bhi pyar aata hai...
teri ulfat ne mahaubbat meri aadat kar di......

लगता है कोई खास बात है दुश्मन में
आज फ़िर मेरे दिल ने बगावत कर दी
 
लगता है कोई खास बात है दुश्मन में
आज फ़िर मेरे दिल ने बगावत कर दी
Dil ka kya h ye to dhadakta hi rehta hai....
Mausam ki tarah h mann badalta rehta hai...
 
Status
Not open for further replies.
Back
Top