कभी ज़रूरत पड़े तो आवाज़ दे देना .
‘मैं गुज़रा हुआ वक़्त नहीं जो वापिस ना आऊं..
तू खामोश क्यों है ये तो मालूम नही मगर
दिल डूब सा जाता है जब तू खामोश होता है .
थोड़ी देर और मुझे ...अपनी आँखों में रहने दे ....
तेरा आँसू हूँ ....यूँ बेकार मुझे ना बहने दे ...
Tumhein Taqseem Kr De Ga Ye Har Ik Dil Mein Ghar Karna…
Tum Ab Ki Baar Yun Kar Lo K, Bus Mere Hi Ho Jao…!!!
इतना ना रात भर याद आया करो ,
दिन गुजर जाता हे ,सुर्ख आँखों का राज बताते-बताते
अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है,जिस चीज़ को चाह वो ही बेगानी है,हस्ते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए,वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
एक शायर जनाब ने क्या खूब अर्ज़ किया है :
अजीब सिलसिला है उसकी मोहब्बत का |
ना उसने कैद में रखा, ना हम फ़रार हो पाए |
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