sandeepsirohi
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सासों मे भी शामिल हो,
लहू मे भी रवा हो,
मगर मेरे हाथो की,
लकीरो मे कहा हो ?
लहू मे भी रवा हो,
मगर मेरे हाथो की,
लकीरो मे कहा हो ?
करूं तो किस लिए आखिर करूँ मलाल उसका
उसे नहीं तो, मुझे भी नहीं ख्याल उसका !!
मेरी वफ़ा ने बनाया है बेवफा उस को
किसी अदा पर भी नहीं कमाल उसका !!
मेरे नसीब की ये भी खुशनसीबी है
कि मुझको देख के सब पूछते है हाल उस का !!
यही दुआ मैं करूं हर बरस के पहले दिन
मेरे बगैर ना गुजरे कोई भी साल उसका !!
मेरे उरूज को उस के नसीब में लिख दे
खुदा ए पाक मुझे सौंप दे ज़वाल उस का !!
उरूज = Ascension, उत्थान
ज़वाल = Misfortune, बदकिस्मती
सासों मे भी शामिल हो,
लहू मे भी रवा हो,
मगर मेरे हाथो की,
लकीरो मे कहा हो ?
दुश्मन में हुनर है तो उसकी भी तारीफ करो दिल से
ना जाने कौन सी बात जिंदगी जीना सीखा सकती है ....!!!
तेरा मेरी साँसों मे होना , मेरे लहू की रवों मे होना काफी है
हाथों की लकीरों को हम बदल लेंगे तेरा मेरा साथ होना काफी है......
Dil dhadakne kka tasavvur bhi khayali ho gaya..
ek tere jaane se sara shehr khaali ho gaya..!!
Sabke chehre mei woh baat nahi hoti..
Thode se andhere mei raat nahi hoti..
Zindagi mei kuch log bahut pyare hote hai...
Kya kare unhi se aaj kal mulakat nahi hoti…..
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