Two Dalits burnt alive after clash over dog

Yudhvir bhai... you are right.... Rs 700 per child is monthly!! Jai ho yaa sarkaar...

Er isi isi neetiyan ne yeh dhedh jama thaali bana diye..... sahi baat hai... majdoori koni karein yeh aajkaal...... maujj maarein sein......


May not be completely related to this topic:

I got chance to interact with some Jat fellows from my village and came to know about some interesting facts and awful trends among SCs and BCs.

All BPL card Holders ( Pilla Card) get 35 kg ration every month and thats at the cost of less than 5 Rs per kg. so, basically these fellows need to earn around 200 Rs per month to make sure they have enough grains at home.

Another thing related to it, They get around 700 Rs ( I am not sure if its monthly or yearly) for each school going child. So, if they have 4 school going children, they get around 2800 Rs, This amount is enough for them to buy ration for whole year 200*12=2400.

I am really wondering what the hell Govt. is making them so dependent. I was told that most of the manpower for agricultural work or construction work is coming from Bihar, MP or Orissa.

Govt is making sure that they don't do anything, encourage them for more kids and eventually they just become parasite for society and eventually there will be more troubles like Mirachpur and Gohana.
 
दिन भरा चला नाटकीय घटनाक्रम-

दिल्ली की दलित बचाओ कमेटी के चेयरमैन मदनलाल के संदेश पर बाल्मीकि मंदिर में जुटे पांच दर्जन से अधिक दलित बुधवार सुबह 10 बजे ही हरियाणा भवन पंहुच गए। यहां करीब 12 बजे से उनकी हुड्डा व पलवल के पूर्व विधायक कर्ण सिंह दलाल से दो घंटे की बातचीत हुई। कुछ मामलों पर सहमति न बनने के कारण हुड्डा बीच में चले गए लेकिन बाद में वे दोबारा बैठक के लिए कमेटी कक्ष में पंहुचे।

इस दौरान मान-मनौव्वल की प्रक्रिया में उनके राजनीतिक सलाहकार प्रो. वीरेंद्र सिंह व दलित नेता राजकुमार बाल्मीकि भी शामिल रहे। सूत्रों के मुताबिक, दो दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच दलितों को पूरी सुरक्षा, क्षतिग्रस्त मकानों को दोबारा बनवाने, सर्वे के बाद 100-100 गज के प्लाट, नरेगा के तहत रोजगार, गांव में पुलिस चौकी की स्थापना व शांति कमेटी के गठन पर सहमति बन गई।

तय बातचीत के आधार पर खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करीब पांच बजे बाल्मीकि मंदिर पंहुचे व मत्था टेका। करीब दस मिनट वहां रहने के बाद हुड्डा वापस लौट गए। इसी दौरान हरियाणा भवन से वापस मंदिर पंहुची दलित महिलाओं ने जान-माल की सुरक्षा का हवाला देकर गांव जाने से मना करते हुए खुद को मिर्चपुर से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग कर दी। इससे मंदिर में मौजूद दलितों की वापसी को लेकर असमंजस की स्थिति कायम हो गई। सूत्रों के मुताबिक, हुड्डा व उनके सहयोगी दलितों को गांव से बाहर बसाकर गलत परंपरा शुरू करने के पक्षधर नहीं हैं।

मंदिर में मौजूद कुलदीप, सत्यवान, संजय, रमेश, कृष्ण व ओमप्रकाश ने कहा कि वे गांव में वापस जाने न जाने को लेकर मिल बैठकर फैसला करेंगे और फिलहाल सारे मामले में अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है। एक युवा ने तो दिल्ली के दलित नेताओं पर भी आरोप लगाया कि वे उन्हें लेकर तो सोनिया गांधी से मिलवाने के लिए गए थे लेकिन पहुंचा दिया हरियाणा भवन।
 
तय बातचीत के आधार पर खुद मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करीब पांच बजे बाल्मीकि मंदिर पंहुचे व मत्था टेका। करीब दस मिनट वहां रहने के बाद हुड्डा वापस लौट गए।


Haath juddwaa liye CM ke .....तय बातचीत के आधार पर ................ ..... matlab ya bhi ek shart thee inn ki....... mhaare devta ke aage maatha teko... !!! er Hooda saab ne pajaama khol diya :p
 
बुलंदशहर: अधनंगे बदन खेतों में दौड़ीं महिल&#236

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6472755.html

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6477861.html

बुलंदशहर : सैकड़ों की भीड़ का घरों पर हमला, लूटपाट के बाद आगजनी, महिलाओं के कपड़े खींचकर उनके साथ बदनीयती का प्रयास, अधनंगे बदन भागकर खेतों में छिपकर इज्जत बचाने को महिलाओं को खेतों की ओर भागना पड़ा। जाड़ौल में रविवार को कुछ इसी तरह के हालात थे।

खानपुर थानाक्षेत्र के जाड़ौल गांव में घरों में आगजनी करने के दौरान नलों के हत्थे उतार लिए गए और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को गांव में घुसने नहीं दिया गया। दलितों और मुस्लिमों के मकानों के बाहर खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को तोड़ डाला गया। घरों में रखे अनाज और कपड़ों तक को लूट लिया गया और जला दिया गया। दलित समाज की मंशा को भांपकर जाट व मुस्लिम समाज के लोग पहले ही गांव छोड़ गए थे, लेकिन महिलाओं को शायद हमले की उम्मीद नहीं थी। पुलिस प्रशासन ने भी ऐसा अनुमान नहीं लगाया था। जाट और मुस्लिम समाज का आरोप है कि महिलाओं और घरों पर हमले के दौरान पुलिस पूरी तरह तमाशबीन बनी रही। पुलिस से बचाने की गुहार कर रही महिलाओं तक को बचाने की जहमत नहीं उठाई।

जाड़ौल गांव से जाट पक्ष की दो महिलाएं गायब हैं। दलितों के हमले के दौरान वह गायब हो गई थीं। महिलाओं को हमलावर खींचकर ले गए या वह भय से कहीं जाकर छिप गई, इसका उत्तर किसी के पास नहीं है। दो महिलाओं के गायब होने से जाट पक्ष में भारी आक्रोश है।

मृतक लालमन के भाई प्रथम पुत्र पूरन ने छह लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पांच लोगों पूर्व प्रधान व प्रधान पति संजय पुत्र राजवीर, अरविंद पुत्र सुंदर, साबिर पुत्र कल्लन, दीपक पुत्र पृथ्वी, रोबिन पुत्र सुखवीर और एक अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई गई है।
 
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http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6472755.html

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6477861.html

बुलंदशहर : सैकड़ों की भीड़ का घरों पर हमला, लूटपाट के बाद आगजनी, महिलाओं के कपड़े खींचकर उनके साथ बदनीयती का प्रयास, अधनंगे बदन भागकर खेतों में छिपकर इज्जत बचाने को महिलाओं को खेतों की ओर भागना पड़ा। जाड़ौल में रविवार को कुछ इसी तरह के हालात थे।

खानपुर थानाक्षेत्र के जाड़ौल गांव में घरों में आगजनी करने के दौरान नलों के हत्थे उतार लिए गए और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को गांव में घुसने नहीं दिया गया। दलितों और मुस्लिमों के मकानों के बाहर खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को तोड़ डाला गया। घरों में रखे अनाज और कपड़ों तक को लूट लिया गया और जला दिया गया। दलित समाज की मंशा को भांपकर जाट व मुस्लिम समाज के लोग पहले ही गांव छोड़ गए थे, लेकिन महिलाओं को शायद हमले की उम्मीद नहीं थी। पुलिस प्रशासन ने भी ऐसा अनुमान नहीं लगाया था। जाट और मुस्लिम समाज का आरोप है कि महिलाओं और घरों पर हमले के दौरान पुलिस पूरी तरह तमाशबीन बनी रही। पुलिस से बचाने की गुहार कर रही महिलाओं तक को बचाने की जहमत नहीं उठाई।

जाड़ौल गांव से जाट पक्ष की दो महिलाएं गायब हैं। दलितों के हमले के दौरान वह गायब हो गई थीं। महिलाओं को हमलावर खींचकर ले गए या वह भय से कहीं जाकर छिप गई, इसका उत्तर किसी के पास नहीं है। दो महिलाओं के गायब होने से जाट पक्ष में भारी आक्रोश है।

मृतक लालमन के भाई प्रथम पुत्र पूरन ने छह लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पांच लोगों पूर्व प्रधान व प्रधान पति संजय पुत्र राजवीर, अरविंद पुत्र सुंदर, साबिर पुत्र कल्लन, दीपक पुत्र पृथ्वी, रोबिन पुत्र सुखवीर और एक अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराई गई है।

कितना ए बबा ले मायावती कोणी जोड़े दादा भैयाँ आगे हाथ
 
अब सारे नेता, मीडिया वाले कहाँ चले गए , और ये मायावती तो सबको (चमारों को छोड़कर ) हिजड़ा बना कर रख देगी, वैसे तो दुनिया भर की बदमाशी कर लेंगे जाट के छोरे, पर इस की मौत न लिखी किसी के तमंचे के गोली पे ?????
 
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Media waale Bhopal case main busy hain.. wahan inhe jyaada masala mil rah hai..
अब सारे नेता, मीडिया वाले कहाँ चले गए , और ये मायावती तो सबको (चमारों को छोड़कर ) हिजड़ा बना कर रख देगी, वैसे तो दुनिया भर की बदमाशी कर लेंगे जाट के छोरे, पर इस की मौत न लिखी किसी के तमंचे के गोली पे ?????
 
lyo ek kartoot or padh lyo Dalit ki......

http://www.tribuneindia.com/2010/20100616/haryana.htm#1

Hisar.
The Surya Nagar area of the town witnessed a Jat-Dalit clash late last night, which left four persons injured. In an unfortunate fallout of the clash, CID official Jagjit Singh was seriously injured when attacked with swords and lathis this morning while he was on duty in the area.

Three Dalit youths riding a motorcycle accidentally hit a buffalo belonging to Shingara Singh, a Jat, last night. This led to heated exchanges between the two parties.
Later, a goup of at least 50 Dalit youths began pelting stones at Shingara Singh’s house and the house adjacent to it that belonged to hos brother.
On receiving a complaint, the police rushed to the site.
In the meantime, more Dalit youths arrived there and the stone-pelting intensified. As violence escalated, some Dalit youths and Shingara Singh fired into the air. Four persons were injured and admitted to the local General Hospital. This morning, the Dalits were holding a meeting at a venue where CID official Jagjit Singh was on duty. This enraged the Dalits who attacked him with swords and lathis. He was rushed to the local Jindal Hospital and admitted to the Intensive Care Unit.
Tension continues to grip the area. A strong posse of police has been posted in the locality.
The police has registered a case under Sections 148, 149, 323, 506, 285, 307 and 427 against Sunil, Gonu and Sudhir and 200 unknown persons. No arrests have been made so far, the police said.
 
lyo ek kartoot or padh lyo Dalit ki......

http://www.tribuneindia.com/2010/20100616/haryana.htm#1

Hisar.
The Surya Nagar area of the town witnessed a Jat-Dalit clash late last night, which left four persons injured. In an unfortunate fallout of the clash, CID official Jagjit Singh was seriously injured when attacked with swords and lathis this morning while he was on duty in the area.

Three Dalit youths riding a motorcycle accidentally hit a buffalo belonging to Shingara Singh, a Jat, last night. This led to heated exchanges between the two parties.
Later, a goup of at least 50 Dalit youths began pelting stones at Shingara Singh’s house and the house adjacent to it that belonged to hos brother.
On receiving a complaint, the police rushed to the site.
In the meantime, more Dalit youths arrived there and the stone-pelting intensified. As violence escalated, some Dalit youths and Shingara Singh fired into the air. Four persons were injured and admitted to the local General Hospital. This morning, the Dalits were holding a meeting at a venue where CID official Jagjit Singh was on duty. This enraged the Dalits who attacked him with swords and lathis. He was rushed to the local Jindal Hospital and admitted to the Intensive Care Unit.
Tension continues to grip the area. A strong posse of police has been posted in the locality.
The police has registered a case under Sections 148, 149, 323, 506, 285, 307 and 427 against Sunil, Gonu and Sudhir and 200 unknown persons. No arrests have been made so far, the police said.
Bhai ye bhi ise chakkar mein hain ki inke koye lath mare ar ye jake dilli mein baith jyawe ar fer in ne bhi PLAT mille
 
हूडा साब यहाँ चुप रहेंगे क्यूंकि जाट वोट तो वैसे भी उनके साथ है.... सर पे धर लिए ये ढेढ़..एब के छः सौ गज के प्लाट और दे दे सी ऍम साब इन् ने huda सेक्ट्रा में .... सुथरा काम कर रे सें ये......एर तेरी बोट की पीपी घदड देनी सी भर देंगे ये ...
.


lyo ek kartoot or padh lyo dalit ki......

http://www.tribuneindia.com/2010/20100616/haryana.htm#1

hisar.


Three dalit youths riding a motorcycle accidentally hit a buffalo belonging to shingara singh, a jat, last night. This led to heated exchanges between the two parties.
later, a goup of at least 50 dalit youths began pelting stones at shingara singh’s house and the house adjacent to it that belonged to hos brother.
on receiving a complaint, the police rushed to the site.
In the meantime, more dalit youths arrived there and the stone-pelting intensified. As violence escalated, some dalit youths and shingara singh fired into the air. Four persons were injured and admitted to the local general hospital. This morning, the dalits were holding a meeting at a venue where cid official jagjit singh was on duty. this enraged the dalits who attacked him with swords and lathis. He was rushed to the local jindal hospital and admitted to the intensive care unit.
tension continues to grip the area. A strong posse of police has been posted in the locality.
The police has registered a case under sections 148, 149, 323, 506, 285, 307 and 427 against sunil, gonu and sudhir and 200 unknown persons. No arrests have been made so far, the police said.
 
हूडा साब यहाँ चुप रहेंगे क्यूंकि जाट वोट तो वैसे भी उनके साथ है.... सर पे धर लिए ये ढेढ़..एब के छः सौ गज के प्लाट और दे दे सी ऍम साब इन् ने huda सेक्ट्रा में .... सुथरा काम कर रे सें ये......एर तेरी बोट की पीपी घदड देनी सी भर देंगे ये ...
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We din lad liye.
 
हूडा साब यहाँ चुप रहेंगे क्यूंकि जाट वोट तो वैसे भी उनके साथ है.... सर पे धर लिए ये ढेढ़..एब के छः सौ गज के प्लाट और दे दे सी ऍम साब इन् ने huda सेक्ट्रा में .... सुथरा काम कर रे सें ये......एर तेरी बोट की पीपी घदड देनी सी भर देंगे ये ...
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इनकी वोट ते हमेशा ऐ कांग्रेस क गयी स .....अर्र इन ने भी बेरा है अक कांग्रेस के अलावा इन ने कोई बुझता भी कोन्या .....तो जब तक सरकार से कर ल्यो मौज....इसके cm बनते ऐ ये काण्ड होने शुरु होए थे अर्र इब तक ना थम्ब लिए ....
कीमे काम के ना काज के, दुश्मन अनाज के!
 
जाट छोटी-सी बात पर भी दलितों को तगड़ी चोट मार देते हैं. इसके बाद दलितों के लिए चैन की सांस लेना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे अपनी ही नज़रों में गिरा हुआ महसूस करने लगते हैं. अब ऐसे में या तो जाट सभी दलितों को ख़त्म कर दें नहीं तो दलित अपनी नज़रों में सामान्य होने के लिए जाटों पर हमला करेंगे. जाटों को या तो दलितों पर बहुत तगड़ा प्रहार नहीं करना चाहिए या फिर एकजुट होकर पूरी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए. प्रभावित दलितों को सरकारी नौकरी और प्लाट देना तो बहुत खतरनाक बात है. ऐसा करने से इस तरह की घटनाएं और बढ़ेंगी. दलितों को अपना पराक्रम दिखाने के लिए जाटों को नहीं चुनना चाहिए, क्योंकि जाट तो उनके हितैषी हैं. अगर दलितों की भुजाएं इतनी ही फड़क रही हैं तो फिर या तो वे नक्सलवादियों पर अपना जोर आजमाएं या फिर कश्मीर में देशविरोधियों पर.
 
जाट छोटी-सी बात पर भी दलितों को तगड़ी चोट मार देते हैं. इसके बाद दलितों के लिए चैन की सांस लेना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वे अपनी ही नज़रों में गिरा हुआ महसूस करने लगते हैं. अब ऐसे में या तो जाट सभी दलितों को ख़त्म कर दें नहीं तो दलित अपनी नज़रों में सामान्य होने के लिए जाटों पर हमला करेंगे. जाटों को या तो दलितों पर बहुत तगड़ा प्रहार नहीं करना चाहिए या फिर एकजुट होकर पूरी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए. प्रभावित दलितों को सरकारी नौकरी और प्लाट देना तो बहुत खतरनाक बात है. ऐसा करने से इस तरह की घटनाएं और बढ़ेंगी. दलितों को अपना पराक्रम दिखाने के लिए जाटों को नहीं चुनना चाहिए, क्योंकि जाट तो उनके हितैषी हैं. अगर दलितों की भुजाएं इतनी ही फड़क रही हैं तो फिर या तो वे नक्सलवादियों पर अपना जोर आजमाएं या फिर कश्मीर में देशविरोधियों पर.
Katti so ki so Par kunse Dalit ne Sarhad fateh kari hai aaj tak?Marre batte hathiyar bhi ude e baga ke bhaj jange
 
अभी कल ही मुसलमानों ने बक्कल उतारा इनका, वहां कुछ नहीं हुआ इनसे...


दो समुदायों में खूनी संघर्ष एक की मौत, कई घायल
ग्रेटर नोएडा, संवाददाता, 15 जून : बाइक की बैटरी बदलने को लेकर दो दिन पहले हुई मारपीट सोमवार रात पुलिस की लापरवाही से खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। दो समुदायों के बीच गोलियां, लाठी-डंडे और फरसे चले। इससे एक युवक की मौत हो गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। उपद्रवियों ने दर्जन भर मकानों में आग लगा दी। सूचना मिलने के एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उपद्रवियों को काबू करने में पुलिस को चार घंटे लगे। घायलों को दादरी व ग्रेटर नोएडा के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ग्रेटर नोएडा से करीब 28 किमी दूर कलौंदा गांव निवासी मुस्तकीम की जारचा कस्बे में मोटर पा*र्ट्स की दुकान है। गांव के मुकेश, राकेश व संजीव 12 जून को मुस्तकीम की दुकान पर बाइक की बैटरी ठीक कराने पहुंचे। मुस्तकीम ने बैटरी बदलते समय एक साल की गारंटी दी। दूसरे दिन बैटरी खराब हो गई। मुकेश व राकेश रविवार को बैटरी बदलने मुस्तकीम की दुकान पर पहुंचे। उसने बैटरी बदलने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों में मारपीट हो गई। उसी दिन दोनों पक्षों की तरफ से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। सोमवार सुबह पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में मुस्तकीम, राकेश व मुकेश को हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद पुलिस ने मुस्तकीम को छोड़ दिया। शाम करीब सात बजे गांव के लोग राकेश व मुकेश की भी जमानत कराकर गांव लौट रहे थे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के सैकड़ों लोगों ने गांव के पास राकेश पक्ष पर हमला बोल दिया। आसपास गांवों में जब इसकी खबर पहुंची तो लोग इकट्ठा हो गए और दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। एक पक्ष के लोगों ने प्रकाश दलित के घर में आग लगा दी। आग में उसके दो जानवर झुलस गए। दोनों ओर से अवैध हथियारों से गोलियां चलने लगीं। उपद्रवियों ने कई मकान, बिटौरे और भुस के बुंगों में आग लगा दी। गोली लगने से देवेंद्र, प्रकाश, खिच्चू, राकेश, सतेंद्र, अशोक और सुदीश घायल हुए हैं। लाठी-डंडे व फरसे के हमले में ब्रह्मा, सुभाष, राजाराम, सुशील, कालू, कृष्ण, राजेश समेत दर्जन भर लोगों को चोट लगी। पुलिस ने बरती गंभीर लापरवाही : झगड़ा होते ही ग्रामीणों ने फोन कर सूचना पुलिस को दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना मिलने के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने मामले को बेहद हल्के में लिया। दो समुदायों के बीच संघर्ष की खबर मिलने के बावजूद कम पुलिस बल मौके पर भेजा गया, जो उपद्रवियों के आगे बौना साबित हुआ। बाद में मौके पर छह प्लाटून पीएसी व आसपास के थानों की पुलिस को बुलाया गया। अग्निशमन की दो गाडि़यां भी मौके पर पहुंच गई। रात करीब साढ़े दस बजे किसी तरह स्थिति पर काबू पाया गया। घायलों को ग्रेटर नोएडा और दादरी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। दादरी के नवीन अस्पताल में भर्ती देवेंद्र ने दम तोड़ दिया। दर्जन भर घायलों की हालत गंभीर है। बाद में एसएसपी, डीएम समेत पुलिस व प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसएसपी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर रासुका लगाई जाएगी।
 
Hisar Jat Versus Dalit incident is getting bigger day by day :-

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सूर्य नगर में वाल्मीकि समुदाय द्वारा जाट परिवार पर हमला करने के मामले में वाल्मीकि समुदाय की बैठक में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों(सीआईडी) को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। इस हमले में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एक निजी अस्तपाल में भर्ती करवाया गया है जहां उसकी हालत गंभीर चल रही है। दूसरी ओर सूर्य नगर निवासी कल्याण संघ ने बैठक का आयोजन कर पुलिस अधीक्षक को हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस ने सोमवार की रात को हुए पथराव व फायरिंग को लेकर दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जाट समुदाय के सिगारा राम की शिकायत पर सुनील, गोलू व सुधीर को नामजद करते हुए सवा दो सौ अन्य लोगों के खिलाफ हत्या प्रयास, हंगामा करना, जान से मारने की धमकी, घर में घुसना, मारपीट व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं वाल्मीकि समुदाय के नरेन्द्र की शिकायत पर अमित, गुरमीत सहित 15-20 अन्य के खिलाफ जान से मारने की धमकी, मारपीट व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इसी बीच वाल्मीकि समुदाय के हमला करने के विरोध में क्षेत्र व आसपास के नागरिकों ने बैठक का आयोजन किया जिसकी अध्यक्षता रामफल डागर ने की। बैठक में जाट समुदाय के साथ-साथ अन्य समुदाय के नागरिक भी शामिल थे। यहां सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि हमले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई व उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की जाए। इसके बाद यहां उपस्थित सभी नागरिक उपायुक्त ओपी श्योरान व पुलिस अधीक्षक सुभाष से मिलकर कार्रवाई की मांग की जिस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया तथा शांति बनाए रखने की अपील की। इसी बीच वाल्मीकि समुदाय ने उनके मौहल्ले में पहुंचे दो पुलिसकर्मी जगजीत सिंह व राज पर हमला कर दिया। इसमें जगजीत सिंह के सिर पर गहरी चोट आई है तथा उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिसकर्मी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

Had it been otherwise, it would have leaded to a reaction-spree from the zombies of human right.



It wouldn't stop here probably and the fight continues at Uchana, Jind :-

+++++++++++++++++++


जाटों और दलितों में संघर्ष की कड़ी में एक और मामला जुड़ गया है। अब जींद जिले के उचाना कस्बे के निकट कालता गांव में जाटों और दलितों में विवाद हो गया है। बुधवार को दलित समुदाय के लोगों ने उचाना बाईपास स्थित थाने के सामने नेशनल हाईवे-71 को करीब पौने घंटे तक जाम रखा। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज कर लिए हैं। बाद में अदालत में पेश किए जाने पर दोनों पक्षों को जमानत मिल गई। दलितों ने आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई न होने की सूरत में भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। बुधवार देर रात कालता गांव निवासी दलित समुदाय का चंद्र जाटों की बस्ती में पहुंच गया। वहां कुछ लोगों से उसका किसी बात पर विवाद हो गया और जाटों ने चंद्र की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी मिलने पर दलित समुदाय के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस द्वारा चंद्र को गिरफ्तार कर लेने पर दलित भड़क गए और थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने थाने के सामने ही नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। दलितों का कहना था कि पुलिस ने बिना कसूर के चंद्र को गिरफ्तार किया है। इस मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने राममेहर की शिकायत पर चंद्र और चंद्र की शिकायत पर राममेहर और उसके पुत्र सोनू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बृहस्पतिवार को कालता गांव से महिलाओं सहित काफी संख्या में दलित समुदाय के लोगों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों के अलावा नरवाना के डीएसपी व चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी एक्ट के तहत तत्काल मामला दर्ज नहीं किया गया तो दो दिन बाद भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कालता गांव निवासी चंद्र सिंह ने उपायुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया कि गत दिनों शामलात भूमि में लगे उसके तूड़ी के कूप में कालता निवासी राममेहर ने शौच कर दिया। जब उसे इस बाबत कहा गया तो उन्होंने सोनू, कृष्ण, जोगेंद्र, कुलदीप, सुनील, अनिल, बंसीलाल, कर्म सिंह, रघुबीर सिंह, होकमी जाट ने मिलकर जातिसूचक गालियां देते हुए हथियारों से उस पर हमला कर दिया।
 
More to come Samar....These kinda incidents are on media radar....Agli baar dalit arr jat ke kutte ki bhi ladai hoo gayi toh woh bhi news ban jagii...falane ke kutte ne falane ke kutte ko fafeda......:rolleyes:
 
Hooda sahab thode din kee baat hai.. Ek bai hamane reservation mill jaan doo.. Fer toh mahara unki gellan bhai chara hoga... Sarre rolle khatam..
 
Mor Sahab, Ye roole pehle bhi hoote thee , aaj bhi hoote hain aur aage bhi hoote rehenge reservation or no reservation....Only difference is reporting in media & their say in power corridors due to large vote bank involved....

Bhai Bhai ke ladte kyona?

Waise ye SC mein hain aur hum OBC ki demand kar rahe hain.... :)
 
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