rajpaldular
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कुरान में विज्ञान को ढूँढ़ना उसी तरह असंभव है, जैसे गधे के सिर पर सींग ढूँढ़ना .क्योंकि कुरान और विज्ञान परस्पर एक दूसरे के विरोधी हैं. कुरान केवल ईमान रखने पर जोर देता है. कुरान पर प्रश्न करना अथवा उस पर तर्क वितर्क करना पाप है. जो कुरान में लिखा है वही सत्य है. यदि कोई मुसलमान उस पर शंका करता है तो वह काफ़िर है. यदि कुरान कहे कि बिना पिता और माता के संतान हुई तो मान लो, यदि कुरान कहे कि मुहम्मद ने चाँद के दो टुकड़े कर दिए थे तो ईमान रखो. कुरान का एक भाग अल्लाह ने लिखकर एक फ़रिश्ते जिब्रील के हाथों मुहम्मद को दिया था, तो भी मान लो यदि किसी ने इस पर संदेह किया तो उसकी गर्दन कलम कर दी जायेगी. प्रश्न करना, पूछना इस्लाम में सबसे बड़ा पाप है .
परन्तु विज्ञान प्रत्येक तथ्य के बारे में जांच, करने ,परखने, प्रयोग करने और प्रश्न करने की अनुमति देता है. इसी सिद्धांत से विज्ञान की इतनी प्रगति हुई है. बिना जांचे परखे विज्ञानं किसी भी बात को स्वीकार नहीं करता. विज्ञान का न तो कोई मुहम्मद जैसा अनपढ़ रसूल है जो तलवार की जोर पर अपनी बात मनवा सके न कोई कुरान जैसी कोई " पवित्र??? पुस्तक" है जिस पर सारे वैज्ञानिक ईमान रखने पर विवश हों.
यही कारण है कि मुसलमानों में कोई बड़ा वैज्ञानिक अथवा आविष्कर्ता नहीं हुआ. कुरान ने केवल आतंकी, अपराधी, स्मगलर तथा लुटेरों को ही जन्म दिया है. जो थोड़ी अरबी, उर्दू सीख लेते हैं वे किसी मस्जिद के इमाम ,मुल्ले ,मुफ्ती बन जाते हैं अथवा मुअज्जिन बन कर रेंकते रहते है. फिर भी बेशर्मी से सरकारी पैसों से वेतन लेते है. जो रुपया देश के हिन्दू टैक्स के रूप में देते है.
अचानक इन अक्ल के शत्रुओं को यह सनक लगी कि कुरान को विज्ञान सम्मत सिद्ध करके पश्चिम के लोगों पर अपनी ठग विद्या चलायें ..परन्तु हर स्थान और हर मंच पर इनको मात खानी पड़ी. वहां कुरान को किसी ने रद्दी के भाव भी नहीं पूछा.
हम आपको कुरान के विज्ञान अर्थात अल्लाह के अज्ञान के नमूने दे रहे हैं : -
१) - सूरज दलदल में ड़ूब जाता है.
"यहाँ तक कि वह सूर्यास्त की जगह पहुँच गया, उसने देखा कि सूरज एक काले कीचड़ (muddy spring ) में ड़ूब रहा था. सूरा .अल कहफ़ 18 :86
२) - अल्लाह ने प्रथ्वी को ठहरा रखा है.
"वह कौन है ,जिसने प्रथ्वी को एक स्थान पर ठहरा दिया है. (made the earth fixed ) सूरा - अन नमल 27 :61
३) - धरती झूलती रहती है.
"वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को पालना बनाया (restling झूला) सूरा - अज जुखुरुफ़ 43 :10
४) - धरती फैलायी जा सकती है.
"और धरती को जैसा चाहा फैलाया (spread the earth ) सूर -अस शम्श 91 :6
५) रात और दिन लपेटे जा सकते है.
"और वह रात को दिन पर लपेटता है एवं दिन को रात पर लपेटता है. सूरा - अज जुमुर 39 :5
६) - सूरज अल्लाह से निकलने की आज्ञा लेता है.
"सूरज रात को गंदे कीचड़ में डूबा रहता है, और अजान से पहले अल्लाह से निकलने की अनुमति लेता है.
सही बुखारी - जिल्द 4 किताब 54 हदीस 441
अब हम कैसे मानें कि कुरान में विज्ञान होगा, जब अल्लाह को स्वयं ही प्राथमिक ज्ञान नहीं है. मुसलमानों के कट्टर होने का यही कारण है. यदि वह कुरान की बातों की जाँच कर लेते तो तुरंत इस बेकार किताब को फ़ेंक देते.
परन्तु विज्ञान प्रत्येक तथ्य के बारे में जांच, करने ,परखने, प्रयोग करने और प्रश्न करने की अनुमति देता है. इसी सिद्धांत से विज्ञान की इतनी प्रगति हुई है. बिना जांचे परखे विज्ञानं किसी भी बात को स्वीकार नहीं करता. विज्ञान का न तो कोई मुहम्मद जैसा अनपढ़ रसूल है जो तलवार की जोर पर अपनी बात मनवा सके न कोई कुरान जैसी कोई " पवित्र??? पुस्तक" है जिस पर सारे वैज्ञानिक ईमान रखने पर विवश हों.
यही कारण है कि मुसलमानों में कोई बड़ा वैज्ञानिक अथवा आविष्कर्ता नहीं हुआ. कुरान ने केवल आतंकी, अपराधी, स्मगलर तथा लुटेरों को ही जन्म दिया है. जो थोड़ी अरबी, उर्दू सीख लेते हैं वे किसी मस्जिद के इमाम ,मुल्ले ,मुफ्ती बन जाते हैं अथवा मुअज्जिन बन कर रेंकते रहते है. फिर भी बेशर्मी से सरकारी पैसों से वेतन लेते है. जो रुपया देश के हिन्दू टैक्स के रूप में देते है.
अचानक इन अक्ल के शत्रुओं को यह सनक लगी कि कुरान को विज्ञान सम्मत सिद्ध करके पश्चिम के लोगों पर अपनी ठग विद्या चलायें ..परन्तु हर स्थान और हर मंच पर इनको मात खानी पड़ी. वहां कुरान को किसी ने रद्दी के भाव भी नहीं पूछा.
हम आपको कुरान के विज्ञान अर्थात अल्लाह के अज्ञान के नमूने दे रहे हैं : -
१) - सूरज दलदल में ड़ूब जाता है.
"यहाँ तक कि वह सूर्यास्त की जगह पहुँच गया, उसने देखा कि सूरज एक काले कीचड़ (muddy spring ) में ड़ूब रहा था. सूरा .अल कहफ़ 18 :86
२) - अल्लाह ने प्रथ्वी को ठहरा रखा है.
"वह कौन है ,जिसने प्रथ्वी को एक स्थान पर ठहरा दिया है. (made the earth fixed ) सूरा - अन नमल 27 :61
३) - धरती झूलती रहती है.
"वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को पालना बनाया (restling झूला) सूरा - अज जुखुरुफ़ 43 :10
४) - धरती फैलायी जा सकती है.
"और धरती को जैसा चाहा फैलाया (spread the earth ) सूर -अस शम्श 91 :6
५) रात और दिन लपेटे जा सकते है.
"और वह रात को दिन पर लपेटता है एवं दिन को रात पर लपेटता है. सूरा - अज जुमुर 39 :5
६) - सूरज अल्लाह से निकलने की आज्ञा लेता है.
"सूरज रात को गंदे कीचड़ में डूबा रहता है, और अजान से पहले अल्लाह से निकलने की अनुमति लेता है.
सही बुखारी - जिल्द 4 किताब 54 हदीस 441
अब हम कैसे मानें कि कुरान में विज्ञान होगा, जब अल्लाह को स्वयं ही प्राथमिक ज्ञान नहीं है. मुसलमानों के कट्टर होने का यही कारण है. यदि वह कुरान की बातों की जाँच कर लेते तो तुरंत इस बेकार किताब को फ़ेंक देते.