Vigyan aur Dharm !!!!!!!

निम्न चित्र सन १९१०-२० में लिया गया है और दृश्य है मक्का का |

कितना सुन्दर दृश्य है |

पूर्ण रूप से भारतीय मंदिरों की तरह लग रहा है |
लग रहा है नहीं,....... था भी |

वेद में भी कहा है कि उपव्हरे गिरिणाम संगमे च नदीनां | धिया “विप्रो” अजायत |
अर्थात् - विद्वान सदा पर्वत और नदी के संगम में रहते हैं | चित्र में नदी/जल-अंश तो नहीं दिख रही परन्तु पहाड़ स्पष्ट दिखाई दे रहा है |

चित्र से स्पष्ट है की यह यज्ञ-शाळा है/थी और यहाँ बड़े-बड़े विद्वान रहते थे |

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अल्लाह , एक हिन्दू देवता का नाम है और क़ाबा एक हिन्दू मंदिर है ,
बर्तानिया और इस्लामिया ज्ञानकोषों के अनुसार क़ाबा में 360 मूर्तियाँ थीं । परम्परागत वर्णनों में उल्लेख है कि जब देवालय पर चढ़ाई की गयी तव उसमे ध्वस्त होनेवाली 360 मूर्तियों में से एक शनि देव की और एक चन्द्रमा की मूर्ति थी इसके अलावा एक और जो अल्लाह (अल्लः ) कि मूर्ति थी । इससे यह ज्ञात होता है कि पूर्व में अरब के लोग नवग्रह की पूजा करते थे । क्योंकि क़ाबा में आराध्य देव भगवन शिव थे इसलिए अर्ध चन्द्र इनके मस्तक पर चिन्हित किया गया और यही अर्ध चन्द्र अब इस्लाम के प्रतीक के रूप में ग्रहण कर लिया गया है । हिन्दू परंपरा के अनुसार जहाँ भी बड़ा शिवालय होगा वहाँ पवित्र जलधारा गंगा जैसी अवश्य रहेगी , वहाँ क़ाबा में भी गंगा फौवारा है जिसे आबे ज़मज़म कहते हैं । काबा देवालय पर मुस्लिम दर्शनार्थी (हज़ -यात्री ) इसके चारों ओर सात बार घूमते हैं , मस्जिदों में तो परिक्रमा का रिवाज़ नहीं है , इससे सिद्ध होता है काबा एक देवालय है । अल्लः तो संस्कृत शब्द है , सात परिक्रमा भी हिन्दू प्रथा है , विवाहों में भी सात फेरे लगाए जाते हैं ।
 
इस साइट पर शंकराचार्य की नाजायज सोच के कुछ लोग हैं इनने खून पी लिया :sorrow:
 
अल्लाह , एक हिन्दू देवता का नाम है और क़ाबा एक हिन्दू मंदिर है ,
बर्तानिया और इस्लामिया ज्ञानकोषों के अनुसार क़ाबा में 360 मूर्तियाँ थीं । परम्परागत वर्णनों में उल्लेख है कि जब देवालय पर चढ़ाई की गयी तव उसमे ध्वस्त होनेवाली 360 मूर्तियों में से एक शनि देव की और एक चन्द्रमा की मूर्ति थी इसके अलावा एक और जो अल्लाह (अल्लः ) कि मूर्ति थी । इससे यह ज्ञात होता है कि पूर्व में अरब के लोग नवग्रह की पूजा करते थे । क्योंकि क़ाबा में आराध्य देव भगवन शिव थे इसलिए अर्ध चन्द्र इनके मस्तक पर चिन्हित किया गया और यही अर्ध चन्द्र अब इस्लाम के प्रतीक के रूप में ग्रहण कर लिया गया है । हिन्दू परंपरा के अनुसार जहाँ भी बड़ा शिवालय होगा वहाँ पवित्र जलधारा गंगा जैसी अवश्य रहेगी , वहाँ क़ाबा में भी गंगा फौवारा है जिसे आबे ज़मज़म कहते हैं । काबा देवालय पर मुस्लिम दर्शनार्थी (हज़ -यात्री ) इसके चारों ओर सात बार घूमते हैं , मस्जिदों में तो परिक्रमा का रिवाज़ नहीं है , इससे सिद्ध होता है काबा एक देवालय है । अल्लः तो संस्कृत शब्द है , सात परिक्रमा भी हिन्दू प्रथा है , विवाहों में भी सात फेरे लगाए जाते हैं ।
एक बात जोड़ दे हिंदुस्तान मे अब तक सिर्फ एक ही ऐसा किस्सा हुआ जिसमे एक हिन्दू राजा ने अपनी माँ जाई सगी बहन से शादी की ऐसा घिनोना काम तो हिंदुस्तान मे किसी दूसरे धर्म वालों ने भी नहीं किया
 
O bhai Rajpal

Ek seedhi si baat bataun bera na kiski dharam ki kitab mein ke likh rakhya hai usme kitnee jhooth hain.
Tu in bata ki stayata sabit karan khatar vigyan ka sahara lewe hai .


Harit kranti se pehle logo ko bataya gaya ki Modern techniques kheti ki ( Khaad Hybrid beej aur dawaiya) upjau shakti ko badha deti hain aur bahut hi achha anaj deti hain.
Wo kisan joki modern techniques apnayenge unhe hi karja diya gaya
Nateeja :
Bailo ki jagah tractoro ne le li aur pollution bahut badh gaya tel ki khapat badhi to ham doosre desho par jyada nirbhar ho gaya aur karj pe karj lete chale gaye.
Desh mein janwaro ki kami hoti gayee aur doodh ke liye suwe lagane chalu kar diye joki aaj sarkar ye kehkar band kar rahi hai ki unse cancer hota hai. Wahi sue logo ne faslo mein lagane chalu kar diye pehle fal/sabji mein lagate the aaj seedha bel mein lagate hain.
Ban lagne ke baad wo sue aaj har dukan pe milte hain farak itna hai ki ab wo mehnge milte hain
Pehle kheto mein DDT dalwayee jiske liye aaj science kehta hai ki uska asar hajaro salo tak nahi jata fir BHC joki milti julti hai aur ab endosulphan par ban laga rahe hain Pehle yahi science logo ke gharo mein DDT chidakwati thee.
Pehle Polythene chalwaye taki pedo ko katne se bachaya ja sake aaj polythene ke ban par lakho rupiye kharach kar rahe hain.
Ib sarkar hajaro tan anaj bahar tein mangwawe hai aaye saal ar lakho tan godamo mein sad raha hai. Aaj tera science Organic Farming karne ke liye keh raha hai. Ham hajaro salo se organic farming kar rahe to inki BEBE KHASAM howe thee?

Science aur dharam ki barabari na kare bhai kisi desh ko bura kahe mujhe aitraj nahi kisi dharam ko bura kaha to mujhe bardasht nahi. Ye meri nek salah hai aur meri is baat ko tu teri kisi scince se galat sabit kar sakta hai to bata.

Mein apne JAT dharam ki izzat karta hoon par baaki dharmo ki beizzati bardasht nahi karta . Hinduo ke tetis 33 crore devta hain aur kul abadi ke hisab se ek devta ke hisse mein 2 prani aaye je ek devta do manas nahi sambhal sakta fer ke ghanta devta?

Salah to bahut achi thee Rakesh magar end me gobar ho gaya. kyonki tene bhi wahi kaam kar diya jiske liye Rajpal ji ko mana kar raha tha.

Bahut se maa-baap ki ikloti aulad bigad ja na sambahlti kuch bhi kar lo.... ib ke kehna shuru kare ghanta maa-baap ?
 
एक बात जोड़ दे हिंदुस्तान मे अब तक सिर्फ एक ही ऐसा किस्सा हुआ जिसमे एक हिन्दू राजा ने अपनी माँ जाई सगी बहन से शादी की ऐसा घिनोना काम तो हिंदुस्तान मे किसी दूसरे धर्म वालों ने भी नहीं किया
I think only Islamic(arabic would be more correct term here) texts say that Dahir married her own sister. It's authenticity may be doubtful as people always abhor their enemies and write prejudiced history.
 
Rajpal Ji,

I am curious to know what did you do to be not born a muslim, or what would you have done if you were born one?


इस्लाम में छोटे दूध मुहे बच्चों को भी नहीं बख्शा जाता जिनको लिखना पढ़ना तक नहीं आता । क्या लोग इतने नीच हो गये हैं कि ऐसे बच्चों से शरीयत का पालन करने की उम्मीद करते हैं ?
खुदा गवाह है की प्रथ्वी पर मोहम्मद से बड़ा रसूल
कोई नहीं है ,सजके जाऊं मै अल्लाह के इसे रसूल पर,जिसने धरती पर लोगों को जीना सिखाया। जीना ही नहीं सिखाया बल्कि इस्लामके अनुयाइयों को एसा बेशकीमती तोफा भी दिया जिससे आज तक मोमिनो (पैगम्बर के अरबी अनुयाइयों ) के बदन से महक फूटती रहती है।
एक हदीस के अनुसार पैगम्बर जब खेतों में मल त्याग करने जाते थे, तो वे जिस डले से अपना पिछवाडा साफ़ करते थे,तो उनके अनुयाई उस डले के लिए आपस में झगड़ते थे.क्योकि उस हदीस के अनुसार उस डले से इतर की खुशबु आती थी.(तल्विसुल शाह जिल्द शाह सफा ८ )
जब डले में इतनी खुशबु आती होगी तो मल (पैगम्बर की टट्टी) तो पूरा का पूरा इतरका डब्बा होता होगा । पैगम्बर के अनुयाई डले के ऊपर ही झगड़ते थे किसी ने भी खेत में पड़े मल की तरफ ध्यान नहीं दिया।
अफ़सोस की बात है ।
अगर पैगम्बर की पूरी जिन्दगी में करी गयी टट्टी को उनके अनुयाई एकत्र कर लेते तो उससे आज मुसलमानों का इतर का खर्चा कितनी हद तक बच जाता ।
मुसलमानों की आर्थिक स्थिति (मुस्लिम नेता बहुत शोर मचाते है की मुसलमानों की आर्थिक स्थिति बहुत ख़राब है ) भी कुछ हद तक सुधरी होती। क्यों की मुसलमान इतर व खुशबु की चीजे बहुत प्रयोग में लाते हैं।कितना पैसा बचता।
 
लीजिये क़ुरान का सीधा लिंक। इसे पढ़े औरक़ुरान को जाने। ये बाते कुरान में लिखी है- सभी मनुष्य एक पुरुस एक स्त्री से पैदा हुआ हैतो भाई बहन बाप बेटी या किस प्रकार वंशआगे बढा क्या भाई ने बहन के साथशादी किया quran 4-1 http://quranhindi.com/101-200/p105.jpg- मनुष्य को गुलाम बना कर रखना जायज हैquran ४-९२ http://quranhindi.com/101-200/p127.jpg- पिता कि जयादात में लडकेका दो हिस्सा जबकि लडकी का एक quran4-176http://quranhindi.com/101-200/p145.jpgquran4-11 http://quranhindi.com/101-200/p107.jpg- अगर कंही गवाही देनी है तो एक पुरुष केबराबरदो औरतो कि गवाही देनी पड़ेगी तो बराबरी कैसेहुई-औरत मस्जिद में नही जा सकती- औरत अगर पुरुष को छू दे पुरुष बिना नहायेनमाज नहीं पढ़ सकते तो क्या यह छुआछूत नहीं हैquran 5-6http://quranhindi.com/101-200/p148.jpg- औरत को पीटना जायज है फिर औरतकि इज्जत करने कि बात कैसे आगई quran ४- ३४http://quranhindi.com/101-200/p114.jpg- अगर औरत बद्काकी करे तो घर में तब तक बंदकरके रखना चाहिए जब तक मरनहीं जाती या अल्ला कोई कोईरास्ता बनाकर नकाल न ले और अगर कोई पुरुषकरे तो प्रताड़ित करके छोड़ दो – ४- १५,१६http://quranhindi.com/101-200/p109.jpgजन्नत कि लालच देकर एवं डरा कर लड़वाता हैquran4-84http://quranhindi.com/101-200/p125.jpg- अगर अल्ला सबकुछ जानने वाला हैतो अल्ला ये क्यों नहीं मालूम कि सूरजकभी डूबता ही नहीं औरपृथ्वी चपाती नहीं बल्कि गोल है quran18-83,84,85,86http://quranhindi.com/401-500/p421.jpg-लडकी के पिता को मेहर देना जायज है -लिखा है माल देकर हासिल करो -इसका मतलब ज्यादा मेहर देकरअच्छी लड़की खरीद कर निकाह करो quran4-24http://quranhindi.com/101-200/p112.jpg- लौंडी के साथ सम्भोग करना जायज हैतो इस्लाम ये कैसे कहता है कि मुसलमान केवलबीबी से ही सम्भोग कर सकता है 23-6http://quranhindi.com/401-500/p476.jpgमुसरीको यानि जो इस्लाम को नहीं काबुलकरते उनको जहा पाओ क़त्ल करो अगर इस्लामकाबुल करे तो छोड़ दो जो पनाह मागेदो लेकिन उसको कुरान पढाते रहो –quran9-5,6http://quranhindi.com/201-300/p260.jpgमुसलमानों को गैर मुसलमानों को मित्र मतबनाओ 3-28 http://quranhindi.com/1-100/p072.jpgअल्ला नहीं शर्माता को वो किसी बातका साबुत दे2-26,29 http://quranhindi.com/1-100/p006.jpgजो जिब्रिल का सत्रु है वो अल्ला का सत्रु हैquran2-97,98,99http://quranhindi.com/1-100/p019.jpgयुद्ध के लिए उभारो quran 4-84 http://quranhindi.com/101-200/p125.jpgमुसलमन अगर इनकार करेतो उसको भी मारो quran4-89http://quranhindi.com/101-200/p126.jpgइंसान को मिटटी से बनाया quran 23-12http://quranhindi.com/401-500/p476.jpgमुसलमान अल्ला का गुलाम है उसको अल्ला केनिर्णय में दखल करने का अधिकार नहीं quran33-36 http://quranhindi.com/501-600/p587.jpgजब जिद ने अपनी बीबी से जरुरतपूरी करली तो मुहम्मद पैगम्बर ने अपनी बहुको रख लिया तब अल्ला नेकहा हमने शादी कराया quran 33-37http://quranhindi.com/501-600/p587.jpgनसे के हालत में नमाज मत पढ़ो 4-43http://quranhindi.com/101-200/p116.jpgअल्ला सपने में दिखता है 8-43 http://quranhindi.com/201-300/p252.jpgमूर्ति पूजको कि लडकी से शादी मतकरो quran2-221http://quranhindi.com/1-100/p046.jpg
 
राजपाल जी मुझे बड़ा अफसोस हैं की आप शंकरचार्य की औलादों के लिए इतना कुछ कर रहे हैं और उन लोगो ने अब तक आपके लिए कुछ नहीं किया ! कम से कम आपको सम्मानित करना तो बनता ही हैं , आप जैसों शंखों के कारण ही तो उसकी औलादों की रोजी रोटी चल रही हैं |
 
राजपाल जी मुझे बड़ा अफसोस हैं की आप शंकरचार्य की औलादों के लिए इतना कुछ कर रहे हैं और उन लोगो ने अब तक आपके लिए कुछ नहीं किया ! कम से कम आपको सम्मानित करना तो बनता ही हैं , आप जैसों शंखों के कारण ही तो उसकी औलादों की रोजी रोटी चल रही हैं |


अच्छा जी ! आप जैसे पँख फड़फड़ा रहे हैं तो शँख कहाँ बचेंगे?
 
Dr Abdul kalam is a great man, a living legend, aur jaise Bhagat Singh ji youth icon the, waise hi Dr Abdul Kalam eek living Youth icon hain apni old age mein bhi. It is not right to TRIVIALIZE these great inspirational people by comparing them.

Besides Dr Abdul Kalam is a vegetarian devotee of Ganesha ji. He has a muslim name, but I do not know if he is a practicing muslim, two different things.

Religion is a personal thing, for all he know he may be following both religions, religion is personal choice, which should not be set in concrete, each individual is free to cherry pick from different religions and discard the rest ... or discard all the religions and just practice rational humanism without any superstition, rituals, spirits, faith, etc.

कोई संदेह नहीं कि डॉ. अब्दुल कलाम एक श्रेष्ठ व्यक्ति हैं (परन्तु महान नहीं जैसे डॉ. जगदीश चन्द्र बसु , न्यूटन एवं अन्य) अपवाद स्वरुप एक ही मुस्लिम हैं.
मेरा कहने का आशय यही है.
 
O bhai Rajpal

Ek seedhi si baat bataun bera na kiski dharam ki kitab mein ke likh rakhya hai usme kitnee jhooth hain.
Tu in bata ki stayata sabit karan khatar vigyan ka sahara lewe hai .


Harit kranti se pehle logo ko bataya gaya ki Modern techniques kheti ki ( Khaad Hybrid beej aur dawaiya) upjau shakti ko badha deti hain aur bahut hi achha anaj deti hain.
Wo kisan joki modern techniques apnayenge unhe hi karja diya gaya
Nateeja :
Bailo ki jagah tractoro ne le li aur pollution bahut badh gaya tel ki khapat badhi to ham doosre desho par jyada nirbhar ho gaya aur karj pe karj lete chale gaye.
Desh mein janwaro ki kami hoti gayee aur doodh ke liye suwe lagane chalu kar diye joki aaj sarkar ye kehkar band kar rahi hai ki unse cancer hota hai. Wahi sue logo ne faslo mein lagane chalu kar diye pehle fal/sabji mein lagate the aaj seedha bel mein lagate hain.
Ban lagne ke baad wo sue aaj har dukan pe milte hain farak itna hai ki ab wo mehnge milte hain
Pehle kheto mein DDT dalwayee jiske liye aaj science kehta hai ki uska asar hajaro salo tak nahi jata fir BHC joki milti julti hai aur ab endosulphan par ban laga rahe hain Pehle yahi science logo ke gharo mein DDT chidakwati thee.
Pehle Polythene chalwaye taki pedo ko katne se bachaya ja sake aaj polythene ke ban par lakho rupiye kharach kar rahe hain.
Ib sarkar hajaro tan anaj bahar tein mangwawe hai aaye saal ar lakho tan godamo mein sad raha hai. Aaj tera science Organic Farming karne ke liye keh raha hai. Ham hajaro salo se organic farming kar rahe to inki BEBE KHASAM howe thee?

Science aur dharam ki barabari na kare bhai kisi desh ko bura kahe mujhe aitraj nahi kisi dharam ko bura kaha to mujhe bardasht nahi. Ye meri nek salah hai aur meri is baat ko tu teri kisi scince se galat sabit kar sakta hai to bata.

Mein apne JAT dharam ki izzat karta hoon par baaki dharmo ki beizzati bardasht nahi karta . Hinduo ke tetis 33 crore devta hain aur kul abadi ke hisab se ek devta ke hisse mein 2 prani aaye je ek devta do manas nahi sambhal sakta fer ke ghanta devta?

good perspective ... commenting ..merely to bring it back to focus.
 
1-आकाश के सात तल
इस्लामी मान्यता के अनुसार आकाश के सात तल हैं , जो एक दुसरे के ऊपर टिके हुए हैं . और अल्लाह सबसे ऊपर वाले असमान पर अपना सिंहासन जमा कर बैठा रहता है . और वहीँ से अपने फरिश्तों या नबियों के द्वारा हुकूमत चला रहा है .इसी लिए आकाश को अरबी में " समावात " भी कहा जाता है , जो बहुवचन शब्द है . अंगरेजी में इसका अनुवाद Heavens इसी लिए किया जाता है , क्योंकि इस्लाम में आकाश के सात तल माने गए हैं .जैसा कि इन आयतों में कहा गया है .

"क्या तुमने नहीं देखा कि अल्लाह ने किस प्रकार से सात आसमान ऊपर तले बनाये हैं "
सूरा -नूह 71:15
कुरान की इस बात की पुष्टि इस हदीस से भी होती है ,
अबू हुरैरा ने कहा कि रसूल ने अपनी पुत्री फातिमा से कहा करते थे कि जब भी अल्लाह को पुकारो तो , कहा करो कि ' हे सात असमानों के स्वामी अल्लाह "

सही मुस्लिम -किताब 35 हदीस 6553
 
इस्लामी अंधविज्ञान !
तारे पृथ्वी के निकट हैं
विज्ञानं ने सिद्ध कर दिया है कि तारे ( stars ) पृथ्वी से करोड़ों प्रकाश वर्ष मील दूर हैं .और दूरी के कारण छोटे दिखायी देते हैं .लेकिन कुरान इस से बिलकुल उलटी बात कहती है ,कि तारे आकाश के सबसे निचले आकाश में सजे हुए है .यानी पृथ्वी के बिलकुल पास हैं .कुरान की यह आयत देखिये ,
"हमने दुनिया के आकाश को सबसे निचले आकाश को तारों से सजा दिया है "
सूरा -अस साफ्फात 37:6
 
इस्लाम की असलियत हर हिन्दू और गैर मुस्लिम सेक्युलर समझ सके।
आश्चर्यजनक ये कश्मीरी बच्चा बड़ा होकर आतंकवादी बनना चाहता है, इस वीडियो को ज़रूर देंखे और शेयर करे. ये अकेला उदाहरण नही है पूरी दुनिया में मदरसो की आड़ में ऐसे ही आतंकवादी तैयार किए जा रहे है.
अगर आप को और भी सबूत चाहिए तो इस लिंक पर जाएँ।
http://goo.gl/72oQPK
 
"क्या आप इस्लाम को समझना चाहते हैं ?", उसने मेरी आँखों के सामने कुरान लहराते हुए पूछा. . .
- जी. . अभी थोड़ा-थोड़ा ही समझ पाया हूँ, ठीक से समझना चाहता हूँ. . मैंने जवाब दिया |
- "इस्लाम एक बेहद शांतिपूर्ण धर्म है", आप कुरआन पढ़िए सब जान जाएँगे. . .
- "जी, वैसे तो अल-कायदा, बोको-हरम, सिमी, isis और हिजबुल ने मुझे इस्लाम के बारे में थोड़ा-बहुत समझा दिया है, फिर भी यदि आप आग्रह कर रहे हैं तो मैं कुरआन ले लेता हूँ. . .
- "लिल्लाह!! उन्हें छोडिए, वे लोग सही इस्लाम का प्रतिनिधित्व नहीं करते. . .
- अच्छा!! यानी उन्होंने कुरआन नहीं पढ़ी ? या कोई गलती से कोई दूसरी कुरआन पढ़ ली है?, मैंने पूछा |
- नहीं, उन लोगों ने भी कुरआन तो यही पढ़ी है. . लेकिन उन्होंने इसका गलत अर्थ निकाल लिया है. . वे लोग इस्लाम की राह से भटक गए हैं. . कम पढ़े-लिखे और गरीब होंगे, इस्लाम तो भाईचारा सिखाता है |
- जी, हो सकता है. . लेकिन मैंने तो सुना है कि ट्विन टावर पर हवाई जहाज चढ़ाने वाला मोहम्मद अत्ता एयरोनाटिक्स इंजीनियर था, और बंगलौर से पकड़ाया isis का ट्विटर मेहदी बिस्वास भी ख़ासा पढ़ा-लिखा है |
- आपसे वही तो कह रहा हूँ कि इन लोगों ने इस्लाम को ठीक से समझा नहीं है. . आप कुरआन सही ढंग से पढ़िए, हदीसों को समझिए. . आप समय दें तो मौलाना जी से आपकी काउंसिलिंग करवा दूँ ?
- "लेकिन सर, मेरे जैसे नए लोगों की इस्लाम में भर्ती करने की बजाय, आप इराक-अफगानिस्तान-लीबिया-पाकिस्तान जाकर आपकी इस "असली कुरआन" और "सही इस्लाम" का प्रचार करके, उन भटके हुए लोगों को क्यों नहीं सुधारते ? जब मौलाना जी आपके साथ ही रहेंगे तो आप बड़े आराम से सीरिया में अमन-चैन ला सकते हैं | ताकि आपके शांतिपूर्ण धर्म की बदनामी ना हो. . तो आप सीरिया कब जा रहे हैं सर ?
- "मैं अभी चलता हूँ. . मेरी नमाज़ का वक्त हो गया है."
- सर. . सीरिया तो बहुत दूर पड़ेगा, आप मेरे साथ भोपाल चलिए, वहाँ भी ऐसे ही कुछ "भटके" हुए, "कुरआन का गलत अर्थ लगाए हुए" लोगों ने, ईरानी शियाओं के मकान जला दिए हैं, मारपीट और हिंसा की है. . वहाँ आप जैसे शान्ति प्रचारक की सख्त ज़रूरत है |
- "मैं बाद में आता हूँ. . नमाज़ का वक्त हो चला है."
 
शान्ति के दूतों द्वारा प्रस्तुत है नाइजीरिया का दृश्य !!


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