Lagta to in baaton se bhi kuch aisa hi hai...
बेहतर होगा कि भारतीय वहाँ काफी सतर्कता बरतें. ऐसे में मेरे पास एक बहुत ही बढ़िया सुझाव है. भारतीयों को चाहिए कि वे आत्मरक्षा के लिए कोई सामान साथ लेकर चलें. इसके लिए चिल्ली गार्ड स्प्रे एक काफी उपयोगी चीज सिद्ध हो सकती है.
http://www.chilliguard.com/
यदि किसी भारतीय को कुछ असामाजिक तत्त्व वहाँ घेर लेते हैं तो यह स्प्रे काफी काम आ सकता है. इसके हमले से हमलावर कई घंटे देख नहीं पायेगा. इसका फायदा उठाकर भारतीय उस हमलावर या हमलावरों को पीट तो सकता ही है, साथ ही पुलिस को भी बुलाने का मौका उसके पास रहेगा. साथ ही इसे रखना भी गैरकानूनी नहीं है. इसके लिए वहाँ क्या क़ानून है, यह देख लें. यह स्प्रे 4 -5 हमलावरों को भी पीछे हटने के लिए मजबूर कर देता है. दिल्ली में भी चूंकि झपटमारों और बुरे लोगों की कोई कमी नहीं है तो मैंने तो यह स्प्रे मंगवा लिया था और यह मेरे पास रहता है. चूंकि ऑस्ट्रेलियाई अभी भारतीयों पर अधिकतर मौकों पर जानलेवा हमला नहीं कर रहे हैं, इसलिए वहाँ भारतीयों को कोई ऐसा रास्ता ढूंढना चाहिए कि सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे. यह स्प्रे या ऐसा ही कुछ अन्य सामान साथ रखने से हमलावर को भी सबक मिल जाएगा और खुद को बचाने वाला कानून के पचड़े में भी नहीं पड़ेगा.