albaadi baalkaan key kissey.

आड़े मुंबई में म्हारी सोसाइटी केंद्र सरकार के अफसरों के लिए एक को ओपरेटिव सोसाइटी बनाई गई थी | जिह में लाल बत्ती की गाड़ियां में खाम खा हांडअनिए घने-ए अफसर रिटायर हो के रहवन आगे ( पहलम सरकारी बड्डे -बड्डे बंग्लायाँ में रह्या करदे ) | घंखरे रिटायर होवन की गेल रिटार्डेड भी सें | ठाली पड़े बकवाद करें जा सें | एक पोस्ट मास्टर जेनरल रिटायर हो कें ने आग्या | एर बात बिना बात रोज कदे पुलिस धोरे ,कदे रजिस्ट्रार धोरे एर कदे वारिसठ नागरिक संगठन(यो इस्सा ला बनाया स अक ई की आड़ में बुड्डे समाज ने सतान लागरे सें जुकर दहेज़ विरोधी क़ानून का गेर फायदा ठा कें लुगाई आपने सुस्रालियाँ ने सतावे सें ) धोरे चिठ्ठी लिख दे किम्मे हो सिकायत कर कें | में सेक्रेटरी होने के नाते ऊ का जवाब देंदा हाण्डू आपना बिजनेस छोड़ कें | २ साल पहलम की बात से हाम ३-४ दोस्त बहार हांडअन लागरे थे | म्हारी कालोनी के धोरे एक गाम भी से उड़े सड़क पे एक मर्या होया मुर्गा पा गा | हाम उ ने एक पलास्टिक की थेली में घाल लाये | एर एक के बहरने आगे एक छोटी सी काली गुडिया लटके थी , वा तोड़ ली | एक निम्बू एर माडा सा सिंदूर ले कें सारा सोदा ऊ के घर आगे जा धरया रात नु | आगले दिन वो जब बहार लिकड़ा एर यो सब देख्या तो उलटा-ए भीतर बड गया एर कई दिन ताहि फेर नि दिखया | एर ऊ की चिठ्ठी आणि भी बंद होगी | पर २-३ मिन्हा तें ऊ के फेर खाज होवन लागरी स और किम्मे बंदोबस्त करना पडेगा इब्बके | काला जादू का असर |
 
म्हारे गाम में एक छोरा था घना कसूता गाखड़ | बिना सोचे समझे कितना भी खा जाया करदा | एर ऊ में निरा हांगा भी था | जाटां गेल्यान ते कबे फया नि ( एर जिह दिन फया ऊ दिन ऊ का वध हो गया था )| वो नाइ ,भामन ,बानिये, शर्नार्थियाँ नु तंग कार्या करदा | उनकी दुकाना पर तें मुफ्त में सामान चक लायान्दा| म्हारे गाम में एक दुकानां आली गाल थी ,जिह में ४०-५० दूकान होया करदी कबे ,इब्ब ते ना रही उतनी दूकान | एक बे उनकी मेंहस नाट गी एर दूध बिना ऊ पे रह्या जा ना | एक भामन की नई-नई मेन्ह्स बयाई थी वा धिन्ग्ताने खोल लाया उन के घेर माँ तें | २ दिन ताहि ना दी फेर भामना की पंचायत आई एर उस छोरे के घर कुनबे के मानसा ने बिचाले पड़ कें वा मेंहस वापस करवाई |
 
म्हारे गाम में एक छोरा था घना कसूता गाखड़ | बिना सोचे समझे कितना भी खा जाया करदा | एर ऊ में निरा हांगा भी था | जाटां गेल्यान ते कबे फया नि ( एर जिह दिन फया ऊ दिन ऊ का वध हो गया था )| वो नाइ ,भामन ,बानिये, शर्नार्थियाँ नु तंग कार्या करदा | उनकी दुकाना पर तें मुफ्त में सामान चक लायान्दा| म्हारे गाम में एक दुकानां आली गाल थी ,जिह में ४०-५० दूकान होया करदी कबे ,इब्ब ते ना रही उतनी दूकान | एक बे उनकी मेंहस नाट गी एर दूध बिना ऊ पे रह्या जा ना | एक भामन की नई-नई मेन्ह्स बयाई थी वा धिन्ग्ताने खोल लाया उन के घेर माँ तें | २ दिन ताहि ना दी फेर भामना की पंचायत आई एर उस छोरे के घर कुनबे के मानसा ने बिचाले पड़ कें वा मेंहस वापस करवाई |


Tu Galat Sidee M Chaal Pada ........Chooteeeee ..................Panchat Ke faislaa P Aa Leye Khasam...........
 
यो-ए गाखअड छोरे की बाहन के एक बे उनके सुस्राड़इयाँ ने मार दिए | वा नई -नई बयाही थी | यो तो था-ए बिना अक्ल का झोटा | ऊ ने आपने २ भाई लिए गेल्याँ जो कमी बेसी ऊ-ए बर्गे थे एर एक ट्रेक्टर ट्राली किराए पे कर ली गाम की | एर आपनी बेबे की सुस्राड़ में जा बड्या तडके-तड़क | पहलम तो उनके घ्तंग मारे जो फंसया एर फेर उनके घर का सामान ,चाकी ,गंडासा , बरतन भांडे एर गेल्याँ वो छोरा जी के वा छोरी बियाह राखी थी उने बाँध के गेर लाया | आगले दिन छोरी के सुस्राड़इए आ लिए | आपना छोरा बहु एर सामान हाथ जोड़ के लेगे एर फेर वा छोरी कद्दे नि सताई |
 
म्हारे गाम में जो दुकानां आली गाल स | ऊ में एक बूढ़े की दूकान थी ,एर वो एक्ला जाट था दुकानदारां में | म्हारे गेंग का का वो हमेशा टार्गेट रह्या करदा | एक तो वो आपनी पोली में दूकान खोल रया था ,एर ऊ में अन्धेरा रह्या करदा, एर दुसरा फेदा यो था हामने ,अक वो दूकान में पार्टीसन कर रया था | उका आधा सामान ऊ पार्टीसन के गेल नु धरया करदा | हामने आपनी-आपनी ड्यूटी बांड राखी थी | मेरे दोस्त सुरेंदर का काम था ,अक वो ऊ बूढ़े पे इस्सी चीज मंगदा, अक जो सामी ना धरी हो ,एर जब बूढ़ा वो सामान पार्टीसन के गेल तें लेवन जांदा ,तो सुरेंदर भी ऊ की गेल चला जांदा, एर ऊ ने उलझा लेंदा बातां में ,अक यो नि वो चाहिए | २-३ मिनट का-ए खेल होया करदा, इतने में खान की चीज भर कें झोली में ,चाल्दा हो लेंदा | बाकी ३-४ बालक और होया करदे ,उनका काम था ,अक बूढ़े नु बेरा पट ज्या, एर गेल भाजे, तो ऊ के आगे अड़ जाँ | पर इस्सी नोबत कददे ना आई | हामने ऊ बूढ़े के ५-६ बे घपताड़ घाली |लूटेरे बालक |
 
म्हारी एक दूर की रिश्तेदारी में एक बूढ़ा था | वो फोज में तें रिटायर हो कें एर हांसी की डिग्गी पे पम्प ओपरेटर लाग्र्या था ,एर सारी हान फोजी कुडता पहरे रह्या करदा | वो आंदा जांदा म्हारे घरां एक आध दिन रूक जांदा ,ना तो एक बार का रोटी पानी खा के चला जांदा | पुराने माणसआँ में या खासियत थी अक वे ४-५ पीढ़ी पुराणी रीस्तेदारी नु भी निभाया करदे | वा आछी बात थी| आजकाल तो आपनी पीढ़ी की रीस्तेदारी भी कोणी निभाई जांदी | एक बे वो आया एर नु बोल्या में रोटी खा के जावूंगा आजे, एर २-३ टेम की रोटी और बाँध दियो मन्ने बनानी ना पड़ेंगी जा कें | तो मेरी काकी जो खेत माँ तें आई थी, भरोटा ले कें ,वा ऊ का खाना बनान बैठ गी | में ऊ दादा की पेंताने बेठा था | एर जुकर बालकां की आदत हो से में भी ऊ के झोले में झाँकू था | अक किम्मे खावन की चीज लाय्रा स अक नि | ऊ में वो १८-२० बाजरे की रोटी धर रया था एर टिंडा का आचार भी था | मन्ने देखा अक यो इतनी रोटी लेर्या एर और भी मांगे स ,मन्ने ऊ का झोला गिर्डा दिया | ऊ माँ तें ऊ की रोटी लिकड़ कें पड़ी एर खिंड गी | मेरी काकी बोली अक दादा जब तेरे धोरे रोटी थी तो और लेजावन की के जरूरत थी , बासी नि हो ज्यां गी कई दिन की | ऊ दादा का मुंह देखन लायक था ,एर जब पाछे वो कई साल म्हारे घरां कोणी आया |
 
सुरेंदर हर ने २ किल्याँ में कचरे ( खरबूजे ) बो राखे थे | सुरेंदर हर के काका बाबु जब न्यारे होए तो वो किल्ले नु -के- नु ऊ के एक काका के बांडे में आगे | एर वो इनने कचरे देवाण तें नाट ग्या | बाल्कां ने तो बाट रह्या करदी इस्सी चीजां की हर साल | सुरेंदर बोल्या इब्ब के कराँ | में बोल्या कराँ के रात नु मीटर खींच दयांगे | एक चांदनी रात नु हाम पोंच्गे बोरी ले कें | उड़े देख्या तो एक बन्दा सोवन लाग्रा ,खाट बिछाए खेत के बीचाले | सुरेंदर बोल्या, मेरा काका तो घरां सोवन लाग्र्या से, फेर यो कूण होया | हाम ने सहज-सहज धोरे जा कें देख्या, तो जवार की पूली ताहि चादर ओढ़ा राखी थी | हाम ने चादर पुली तो उड़-ए फेंक दी एर ऊ की खाट जा धरी २ किल्ले दूर ईंख में | एर तोड़ कें एक बोरी कचरे एर मेरे दोस्त नरेंदर हर के घेर में जा लूकोये एर आगले दिन छिक-छिक खाए |
 
जब में गर्मियां की छट्टियां में मेरे ताऊ के छोरयाँ गेल्याँ डांगर चरान जाया करदा, तो एक बे पड़ोस के ठोले का एक छोरा भी म्हारी गेल आग्या | एर मेरे ताऊ के छोरे एर उने मिल के मेरे ताहि डरआन की पालन बनाई | वो दोफारी में लाग्या ओली -सोली हरकत करण ,एर नु कह अक में लेट आला दादा सु ,तू मन्ने बीडी सिगरेट की भेंट दे | कबे डांगरा के लिपट जा एर कबे मेरे | में भूत परेत ने नि मान्या करदा | मखा मन्ने इतने सड़क पे मरे हुए मानस देख लिए एर रात नु ३ बजे भी खेताँ में आजाऊ ३.५ की मी चाल के एर चानियाँ(शमशान ) में हाम कब्बड्डी खेलते एर टूने के लाडू खा जांदे ,जब कदे भूत कोणी आये | ऊने घनी अल्बाद कर दी ,एर में तंग हो के नहर में के तेर के दूसरी ओड नु जा बेठा ,उड़े भी नहर आल्याँ का एक टेंट लाग्र्या था | वे भी भूतां की-ए बात करते पाए, एर सूँ खां अक उनने भूत देख राखे सें | मन्ने जिन्दगी में पहली बार माड़ी वार खातर इस्सा लाग्या अक कदे साचे भूत होंदे हों | पर मखा मन्ने देखे नि तो में क्यूँ मानु | एर मखा ई छोरे ने भी सबक सिखा दू | एर जब में उलटा नहर माँ के दूसरी ओड़ नु गया ,तो यो छोरा फेर चिपट गया, अक मन्ने भेंट चाहिए ना तो में ई माँ तें लिकड़ के तेरे में बड ज्यांगा | मन्ने दे लाठियां ऊ का सूड तार दिया एर में बोल्या ले और भेंट देवू | एर वो छोरा भजता हंडे रे बचाइयो -रे बचाइयो | मन्ने-ए ऊ का भूत काढ दिया | भूत बाबा |
 
में जब उनिवार्सिती कोलज में पढ्या करदा ,तो मेरा साल के आखिर में फोजी वजीफा आया | जो के कलरक धोरे था | उंने चेक बना के देना था | वो दो दिन तें मन्ने हंडआन लाग्र्या था | कबे तो नु कह दे अक प्रिंसिपल के दस्खत कोणी होए सें एर किबे नु कह अक जा किस्से लेक्चरार धोरे तें सिग्नेतर करवा के ल्या, अक तू-अ रविंदर जीत से | में नु बोल्या अक मेरे धोरे आइदेंती कार्ड रह्या या पिछाण कोणी के ? पर वो मान्या कोणी | वो परिन्सिपल के कमरे धोरे-ए बेठ्या करदा अर शायद पि-ए का भी काम कर्या करदा | मेरे दोस्ताँ ताहि मन्ने या बात बताई तो वे नु बोले अक वो सब कयाँ में पिस्से मांग्या करे ज्यां तें वो तन्ने चेक नि देंदा | मन्ने तो रिश्वत का ना-ए सुणा था पर कदे दी कोणी थी | हाम सारे दोस्त, ६-७ जाणे, आगले दिन ऊ धोरे पूंचगे तडके-तड़क, एर पलान के अनुसार जब परिन्सिपल ओफ्फिस में आया , जब लागे ऊ कलरक गेल्याँ ठाडू -ठाडू रोला मचान | एर रोला सुन कें परिन्सिपल बहार लिकडाया एर नु बोल्या ,के बात स | तो हामने बताई | परिन्सिपल आछा आदमी था | उनने म्हारे आगे-ए ऊ कलरक ताहि घनी भूंडी-भूंडी सुनाई , अक थारे बर्ग्या के कारण सारा कोलेज बदनाम हो जा स | ऊ कलरक का मुंह देखन लायक था, एर बिना मेरा आइदेंती कार्ड देखें तुरंत चेक पकड़ा दिया | सरकारी अमले के खिलाफ मेरा ये पहला छोटा सा आन्दोलन था | युद्धम शरणम गछामी |
 
में जब उनिवार्सिती कोलज में पढ्या करदा ,तो मेरा साल के आखिर में फोजी वजीफा आया | जो के कलरक धोरे था | उंने चेक बना के देना था | वो दो दिन तें मन्ने हंडआन लाग्र्या था | कबे तो नु कह दे अक प्रिंसिपल के दस्खत कोणी होए सें एर किबे नु कह अक जा किस्से लेक्चरार धोरे तें सिग्नेतर करवा के ल्या, अक तू-अ रविंदर जीत से | में नु बोल्या अक मेरे धोरे आइदेंती कार्ड रह्या या पिछाण कोणी के ? पर वो मान्या कोणी | वो परिन्सिपल के कमरे धोरे-ए बेठ्या करदा अर शायद पि-ए का भी काम कर्या करदा | मेरे दोस्ताँ ताहि मन्ने या बात बताई तो वे नु बोले अक वो सब कयाँ में पिस्से मांग्या करे ज्यां तें वो तन्ने चेक नि देंदा | मन्ने तो रिश्वत का ना-ए सुणा था पर कदे दी कोणी थी | हाम सारे दोस्त, ६-७ जाणे, आगले दिन ऊ धोरे पूंचगे तडके-तड़क, एर पलान के अनुसार जब परिन्सिपल ओफ्फिस में आया , जब लागे ऊ कलरक गेल्याँ ठाडू -ठाडू रोला मचान | एर रोला सुन कें परिन्सिपल बहार लिकडाया एर नु बोल्या ,के बात स | तो हामने बताई | परिन्सिपल आछा आदमी था | उनने म्हारे आगे-ए ऊ कलरक ताहि घनी भूंडी-भूंडी सुनाई , अक थारे बर्ग्या के कारण सारा कोलेज बदनाम हो जा स | ऊ कलरक का मुंह देखन लायक था, एर बिना मेरा आइदेंती कार्ड देखें तुरंत चेक पकड़ा दिया | सरकारी अमले के खिलाफ मेरा ये पहला छोटा सा आन्दोलन था | युद्धम शरणम गछामी |

Lekin yo albaadi kisssa kyukar hoya..Yo to युद्धम शरणम गछामी kissa sai :D
 
जुकर मन्ने पहलम भी बताई थी महारा आड़े मुंबई में होस्टल सुपरिडेंट एक मराठी था | वो सब किम्मे फ्री खावन के चक्कर में रह्या करदा | जब में नया-नया मेस इंचार्ज बणा था | उने मेरे बारे में नु तोह बेरा था अक यो उत से ,पर तेरी गेल भी अल्बाद कर देगा नु नि सोची थी | उने नई-नई मोपड ली थी | एर ऊ में वो मुफ्त का पेट्रोल घल्वाया करदा बालकां पे | वो मेरे ताहि बोल्या जा बल्हारा ई में पेट्रोल घलवा ल्या | में नु बोल्या अक सर जी पिस्से दे दो ,वो बोल्या फेर दे दूंगा तू इब्ब घलवा के तो ल्या | मेरा फोजी बाबू हान्ग्या सी काम चलाऊ पिस्से भेज्या करदा, आपना-ए काम मुस्किल तें चाल्या करदा ,ई का पट्रोल किथों भार्वाऊ | एर भैये तो चमचा गिरी कर्या करें उन्ने यो बिगाड़ राख्या था ,वे मेस का सामान खरीदन में पिस्से खाया करदे | मन्ने बचन खातर कह दी अक मन्ने तो मोपड चलानी भी कोणी आंदी | उनने अक भैया मेरी गेल खंदा दिया,मोपड चलानिया | पट्रोल पम्प पे जा कें में नाट गया अक मेरे धोरे घने पिस्से कोणी | एर मन्ने १ लीटर पट्रोल घलवा लिया | जब ८ रपिये लीटर पट्रोल आया करदा| पहलम तो वो सुपरिडेंट नु बोल्या अक टंकी क्यों नि भरवाई , एर मड़ा छो सी में आग्या |जब कई दिन ताहि मेरे पिस्से ना दिए तो मन्ने ऊ ताहि १-२ बे कही तो वो नु बोल्या अक बलहारा तुम समझते नहीं हो | में नु बोल्या अक में सब समझग्या हूँ | कई दिन पाछे जब एक भैया ऊ की टंकी फुल करवा के लाया तो रात नु मन्ने ऊ की पट्रोल टंकी की नली काढ दी | गया सरा पट्रोल नाली में | आगले दिन हंडे सुपरिडेंट फुद-फुदान्दा | कोणी मिले पिस्से ,पर लिए जिस्से |
 
ibb chhap di ,yaa to albaad hogi?

Haan bhai ya albaad thi katii

जुकर मन्ने पहलम भी बताई थी महारा आड़े मुंबई में होस्टल सुपरिडेंट एक मराठी था


Bhai ek suggestion. Not sure if you would like to consider it... Is thread mai category bana le..taki ham relate kar sakein albadan nai..Balkpan ke albaadi kisse...Hostel ke albaadi kisse..Gaam aale kisse...Mumbai aale kisse...Hostel Mess aale kissey.. :)
 
Haan bhai ya albaad thi katii




Bhai ek suggestion. Not sure if you would like to consider it... Is thread mai category bana le..taki ham relate kar sakein albadan nai..Balkpan ke albaadi kisse...Hostel ke albaadi kisse..Gaam aale kisse...Mumbai aale kisse...Hostel Mess aale kissey.. :)

ibb to category koni baney par kitaab chhaapungaa jab kar dungaa aachhaa suggestion se,dhanyawaad.
 
ibb to category koni baney par kitaab chhaapungaa jab kar dungaa aachhaa suggestion se,dhanyawaad.

" राज कॉमिक्स " पेश करते है एक नया हाहाकार ----> "रबिंदर और हॉस्टल की मेस!" :rock
 
hahaha malik RAJ nahi JAT comics pesh kerte hain .....

" राज कॉमिक्स " पेश करते है एक नया हाहाकार ----> "रबिंदर और हॉस्टल की मेस!" :rock
 
यो थ्रेड जाटलैंड के सर्वर की घेट्टी मोस्सेगा ....... बधता इ जा स.... .. हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा अ हा ha
 
aur JL moderator ko special request de ke ek seprate server aloat ho sake in aalbadi ki kisse tayi.
Mane lage hai jab tak ravinnder bhai jinda ha( expected life 80-90 years) tab tai ki aalbad to chalegi


यो थ्रेड जाटलैंड के सर्वर की घेट्टी मोस्सेगा ....... बधता इ जा स.... .. हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा अ हा ha
 
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