नही करवाएंगे जमानत, ठप करेंगे दिल्ली की व्यवस्था
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक में लिए महत्वपूर्ण फैसले
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी इकाई की एक बैठक आज जाट धर्मशाला, भिवानी में चौ. धर्मपाल अटेला की अध्यक्षता में हुई, जिसमें 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे जाट समाज के लोगों पर पुलिस व सीआरपीएफ द्वारा बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज किए जाने व समाज के नेताओं को गिरफ्तार किए जाने पर गंभीरता पूर्वक विचार-विमर्श किया गया तथा भविष्य की रणनीति तय की गई। बैठक में अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
1. जाट समाज जोर-शोर से दिल्ली के चारों ओर रेल व सडक़ मार्ग को अवरूद्ध कर रोजमर्रा की आवश्यकता की वस्तुओं की, जैसे दूध, फल व सब्जी आदि की सप्लाई को रोकेगा।
2. जाट समाज कभी भी दिल्ली के इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से विदेशों को जाने वाली उड़ानों को किसी भी प्रकार अवरूद्ध करेगा ताकि विदेशों को संदेश जाए कि भारत सरकार जाटों का दमन कर रही है।
3. यदि केंद्र सरकार 2 अक्टूबर तक जाटों की केंद्र में आरक्षण की जायज मांग को पूरा नहीं करती तो जाट समाज विजय चौक या राजघाट पर यूपीए सरकार का पुतला फूंकेगा।
4. दिल्ली प्रशासन ने जो धमकी दी है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह दलाल व प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान सहित 87 गिरफ्तार जाट नेताओं, जिनको कच्ची जमानत पर रिहा कर दिया गया है, उनकी अगर मुचलके भरकर 23 अगस्त तक जमानत नहीं करवाई गई तो उन्हें दोबारा से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा। इसके जवाब में बैठक मे दृढ़ संकल्प लिया गया कि जाट नेता जमानत नहीं करवाएंगे तथा जेल जाना अधिक पसंद करेंगे।
बैठक में निम्रलिखित पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे :
रघुबीर सिंह बूरा प्रेमनगर, जगतसिंह मिताथल, ईश्वर सिंह, कृष्ण कुमार, सूबेदार कलीराम, कप्तान भोपालसिंह, जिलाध्यक्ष कपूर सिंह, राजसिंह धनाना, राजसिंह घणघस, जोगेंद्र तालू, हरकेश बडेसरा, दयाकिशन बडेसरा, सूबेदार बलवान सिंह बामला, सूबेदार उमेदसिंह बामला, रणसिंह सांगवान, कृष्ण बलहारा ऊण, सोमबीर तोशाम, कप्तान रामकुमार, अशोक अटेला आदि।