"गुण बिन लाज, लाज बिन मतलब, बिन मतलब के प्यार नहीं"
रस बिन इश्क, इश्क बिन आशिक, आशिक बिन संसार नहीं,
गुण बिन लाज, लाज बिन मतलब, बिन मतलब के प्यार नहीं!
धन बिन ध्यान, ध्यान बिन दाता, दाता बिन जग सुना है,
सत बिन पुरुष, पुरुष बिन तिरया, तिरया बिन घर सुना है,
रन बिन सुरे, सुरे बिन तेगा, तेगा बिन...