माहरा हरयाणा ( हरयाणवी कविताये, रचनाये,गीत
में कोशिश करूँगा के आपको हरयाणवी भाषा म कुछ नया पढ़ने को मिले ..हो सकता ह कॉपी पेस्ट भी हो ..त उसके लिए पुचड वाले बाबा जी से आशिरवाद की कामना करता हूँ ..आप सभी भी अपना योगदान दे ....और हा लेखक का नाम अगर किसी सजन को पता हो त जरुर अवगत कराये ....
जाट करै ना दोस्ती, जाट करै ना प्यार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
चुगलखोर और दुतेड़े दुश्मन इनके खास
चाहे पायां पड़े रहो, कोन्यां आवैं रास
जाट मोहब्बत का भूखा, प्यारा दे सै मार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
अपनी औरत को भाळै, पीटै बेशक रोझ
पर और कोए कुछ बोल दे, मिटा दे उसका खोज
इसकी नफरत और प्रेम का पावै कोन्या पार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
मुंह की अपनी काढ दे, जै कोए आवै मदद करण
मरौड़ कसूती सै धिखे, जिब्बै दे दे जान
जी मैं आवै वो-ए करैगा, कोन्यां मानै हार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
ऊपर तैं जणूं पाथर हो, भीतर जणूं गुलाब
एक मिनट में साळा कह दे, चाहे साहमी हो नवाब !
इसकी माया न्यारी सै, यो लाम्बी करै उडार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
भेल्ली दे दे, ना दे गंडा, इसका इसा मिजान
रूस ग्या तै रूस ग्या, कोन्यां जा मुंह-काण
भगवानां नै मान ली, कई बै इस तैं हार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
में कोशिश करूँगा के आपको हरयाणवी भाषा म कुछ नया पढ़ने को मिले ..हो सकता ह कॉपी पेस्ट भी हो ..त उसके लिए पुचड वाले बाबा जी से आशिरवाद की कामना करता हूँ ..आप सभी भी अपना योगदान दे ....और हा लेखक का नाम अगर किसी सजन को पता हो त जरुर अवगत कराये ....
जाट करै ना दोस्ती, जाट करै ना प्यार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
चुगलखोर और दुतेड़े दुश्मन इनके खास
चाहे पायां पड़े रहो, कोन्यां आवैं रास
जाट मोहब्बत का भूखा, प्यारा दे सै मार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
अपनी औरत को भाळै, पीटै बेशक रोझ
पर और कोए कुछ बोल दे, मिटा दे उसका खोज
इसकी नफरत और प्रेम का पावै कोन्या पार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
मुंह की अपनी काढ दे, जै कोए आवै मदद करण
मरौड़ कसूती सै धिखे, जिब्बै दे दे जान
जी मैं आवै वो-ए करैगा, कोन्यां मानै हार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
ऊपर तैं जणूं पाथर हो, भीतर जणूं गुलाब
एक मिनट में साळा कह दे, चाहे साहमी हो नवाब !
इसकी माया न्यारी सै, यो लाम्बी करै उडार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
भेल्ली दे दे, ना दे गंडा, इसका इसा मिजान
रूस ग्या तै रूस ग्या, कोन्यां जा मुंह-काण
भगवानां नै मान ली, कई बै इस तैं हार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।