पुलिसिया रोहतास - कवि जगबीर राठी |
आपणा सै वो ढ़ब्बी ख़ास
सारै कहैं उसने पुलिसिया रोहतास़
ड्यूटी का कतई ख़रा सै माणस
न्यू समझो ‘कैप्टन कुक’ का आटा सै, कतई ना छाणस
शहर मैं रोज़ गश्त लगावै सै
कई ढाल़ की ड्यूटी निभावै सै
एक दिन उसनै कानून अपनै ढंग तै मोड़ दिया
हाथ मैं आया-ऊया एक जेबकतरा छोड़ दिया
मैं भी धोरै खड़ा था, मैं बोल्या, क्यूँ रै
छोड़ दिया तन्नै यू दुष्ट न्यू रै
वो बोल्या, रै इसकी तो सारी माफ़ सै
रै बाबल़ी बूचः समझा कर, स्टाफ सै
मैं बोल्या, भाई इस लिखा-पढ़ी तैं मेरा पांडा छुड़ाइयो
इसकै जेबकतराँ की पोस्ट लिकड़ै तै, मन्नै भी बताइयो
उसकी इस हरकत पै एस.पी. सॅाब छो मैं आये
तुरन्त उसको ट्रैफिक ड्यूटी के आर्डर भिजवाये
चैराहे पै बहोत कसूता घाम था
तलै सड़क अर ऊपर राम था
सड़क पै एक बुढ़िया भ़ाजी आवै थी
मोटर-गाड़ियाँ न देख, वा बांगी-बांगी जावै थी
रोहतास नै सोच्या, बुढ़िया मरैगीं, बुढ़ै बारै, किसनै सिर करैगी
उसनै अपनी ड्यूटी निभाई, बड़े ज़ोर तैं सीटी बजाई
पर बुढ़िया के तो समझ ना आवै
सुणै एक ना, चाली जावै
सैड़ दे सी बुढ़िया के धोरै जाकै
बुढ़िया नै बोल्या वो धमका कै
न्यू बोल्या के करै थी रो बॅावली ताई
एक सुणी ना, मन्नै इतणी सीटी बजाई
बुढ़िया पहल्यां तो थोड़ी-सी खांसी
अर फेर बड़ी ज़ोर से हांसी
न्यू बोल्यी, इब के कसर रह रही सै
मेरी के सीटी सुणन की उमर रह री सै
बुढ़िया रोहतास की आब-सी तारगी
अर जांदी-जांदी उसनै पुचकारगी
एक दिन की और बात सुणाऊँ
गज़ब कर दिया, यार आगै के बताऊँ
वो खड़ा चैराहे पै, आ गी एक छोरी
सुथरी शान की अर रंग की गौरी
आ कै बोल्यी, मेरी हैल्प कराओ
कुछ गुण्डे मेरे पीछे पड़े सैं, पाण्डा छुटवाओ
रोहतास बोल्या, दिल खोल्या
बड़ी मुश्किल में हूँ वरना ना यू दिल को भींचे होता
शुक्र सै डयूटी पे हूँ ना तो मैं भी तेरे पीछे होता
मैं बोल्या, तू के कहै सै
पुलिस आला हो कै भावना मैं बवै सै
रोहतास बोल्या सिरीयस हो कै
देख मेरी जगहाँ खड़या हो कै
रै के होग्या, जै हाम लॅा एण्ड आर्डर के आँख-कान साँ
रै हाम भी तो धरती पै आये, हाम भी तो इन्सान साँ
पर तू सोच़, नहर मैं सड़ती लाष नै हामैं तो खींच के ल्यावैं सां
पौ की अंधेरी रात मैं जाग कै, थामनै हामैं तो सुलावें सां
भाई, मेरै पाप कोन्या लाग़ै
अर धर्म मेरे तैं कोन्या भाज़ै
लावारिस मुरदयां नै पुराणे टायरां तैं, मैं-ए जाक़ै जलाया करूँ
आपणा तो योए तीर्थ सै, न्यू-ए धर्म कमाया करूँ
तूं तो न्यूं-ऐ बेकार में र्याड़ जगावै सै
तूं ए बता, पुलिस आलयां नै, कोए ब्याह-शादियाँ मैं बुलावै सै
मैं बोल्या, ठीक सै भाई, इबके तेरा बर्थ-डे मनाऊँगा
अर गिफ्ट मैं तेरे खातर सतपुतर ल्याऊँगा
न्यू बोल्या, ले आइये पर थाणे मैं ना पाइये
जै आग्या थाणे मैं, जी नै हो ज्यागा झांगल
उन्नै सतपुतरां तैं तेरा पाछा पीटांगे
सारे बिछा के कांबल
ले आइये गैल्या थोड़ी हल्दी अर घी
जब पिटण लागे तो जोर तैं गाइये
हैप्पी बर्ड-डे टू मी, हैप्पी बर्थ-डे टू मी।