sunilsheoran10
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एक बे हाम ७-८ जणे बैठे थे म्हारी गाळ म | खरसा का टेम था ११-१२ का टेम होर्या था | म्हारे गाम म एक पहाड़ी सै तो हामने बैठे-बैठे न्यू सोची आक इब इ पहाड़ी पे दस चक्कर कुण मार दे इस भखत | तो भाई मेरे काका का छोरा गोलु नु बोल्या मै मार दू, एक दो लीटर आळी ड्यू की बोतल मिल्ज्या तै | हामने भाई सर्त ला दी आक ठीक सै आर बिच म कित्ते नही रुकना सै आर सब तै उप्पर आळी चोटी पै गेडे गेल एक भाठा धर के आना सै | नु बोल्या ठीक सै आर भाई हाम च्ढ्गे म्हारी छात पे देखण ताहि | इब उने गेडे मारणे चालू करे ए थे आक हामने के करा मेरे काका ताऊ हर गाळ म ताश खेलः थे हामने उण ताहि नु कह दी आक गोलु क बेरा ना के होग्या वो तो पहाड़ी पे चढ़े सै आर उतरे सै वो तो बाव्ला होग्या, वे सारे खड़े हो के उने देखण लाग गे | उने ५ गेडे तै मारे जोश-जोश म आर फेर ढीला होग्या इब रुक बी कोणी सकता ड्यू के चक्कर म आर फ्री फंड के गेडे बी मारे तो उने ज्युकर त्युकर करके कर दिए १० गेडे | आर इतणी भुंडी तरिया पसीना म तरम तर होग्या आर आते इ खाट म पड़ग्या | हामने थोड़ी सी हाण तो उके मजे लिए आक तन्ने ड्यू कोणी प्यावा तू तै बिच म रुकग्या था तन्ने लगातार गेडे कोणी लाए अपणी सर्त पूरी कोणी होई | वो किलच ग्या फेर हामने मंगा ए दी ड्यू | इब मेरे काका ताऊ हार बी आ लिए ड्यू पीण ताहि, इब वो न्यू बी ना कह सकता सर्मामता आक ड्यू मेरी ऐकले की सै , बिचारे की सारी ड्यू बट्गी सार्या म | एक गिलास थाया बिचारे क | थारी गेल इब पाछे सरत कोणी लाऊ |