ravinderjeet
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पहलम बताये होए ठोले(ठोबे ) में तें-ए एक छोरा था घणा निकरमा | ऊह का असली नाँ तो बेरा कोणी पर ऊह ने सब बांदर कह्या करदे | घरक्याँ ने वो घर तें काढ राख्या था | ऊह ने किम्मे भी काम बता देंदे , वो-ए काम उलटा कर के आंदा | वे उहने ना तो खावन ने बुझया करदे एर ना कदे कई-कई दिन आंदा तो टोहन्दे | वो कदे गाम में एर कदे रोहतक पाँ के पाँ भीडान्दा हंडे जांदा | एक दिन रोहतक बस अड्डे पे (पुराणा )वो हांडअन लाग्रा था | उड़े एक फोजी जो छुट्टी आया था एर चा पीवण लाग्र्या था | ऊह की नजर हटदे-ए ऊह का शूट्केश ले कें चाल्दा हो लिया | इतने फोजी ने बेरा पाट्या इतने वो महम आली बस में चढ़न लाग्र्या था | बस चाल पड़ी थी फोजी गेल्याँ भाज्या पर इतने बस लिकड़ गी | ऊह ने एक भुंड (आटो रिक्सा ) ले कें एर बस की गेल लाग लिया | बस के थ्यावे थी ऊह के | पर गाम में पोंच्या इतने वो बस माँ तें उतर कें एर एक गाल में बडदा देख लिया | इतने अन्धेरा हो लिया एर ओपरा गाम देख कें ऊह ने रोला ना मचाया | फोजी ने फोजी ट्रेनिंग का आड़े परयोग करया | बांदर हर का घर दूँघे सी पड़े था गाम में , एर राह में भीड़ी -भीड़ी घट्टी-गाल पड़ें थी | घणे मोड़ लाग कें उनका घर आया | फोजी ने वो बड़ता देख लिया | एर जित के गया था , उड़े-उड़े गाल के हर मोड़ पे गोबर लांदा गया | एर ऊह गोबर ने देख - देख कें फेर उलटा-ए आग्या सड़क पे | रोहतक आ कें एर गेल ले कें पुलिस आधे घंटे में फेर आ लिया , एर गोबर क-ए साहरे फेर उन के घर जा पोंच्या | एर रंगे हाथ पकड्या गया वो बांदर | यो बांदर फेर बड्डा हो कें एक भोत बड़े गिरोह का नेता बन्या था | जो सारे हरयाणा में हाई टेंसन बिजली के खाम्ब्याँ के ताम्बे के तार चोरी कर्या करदे | बिजली के तारां तें बांदर ने म्हारे गाम का नाँ भोत रोशन कर्या बिना लट्टू के |