albaadi baalkaan key kissey.

म्हारी गाल का एक छोरा था | इब्ब ऊह का नाँ याद कोणी (मान लो रमलू )| मेरे तें वो सात आठ साल छोटा होगा एर ऊह की उम्र जब ८=९ साल की रही होगी | एक दिन ऊह के हाथ में मन्ने एक रपिये का सिक्का देख्या, तो में ऊह ने चिडान खातर बोल्या, अक रे रमलू यो तो मेरा रपिया स , काल गोझ माँ तें पड़ ग्या था | तू मन्ने उलटा दे दे | नु कर के मन्ने जब भी वो किते फेट जांदा ,तो में ऊह पे आपना रपिया मांगन लाग जांदा |एर वो मन्ने देख कें लूकण लाग्या,अक आ लिया एर रपिया मांगेगा | वो सहज सहज कसुता चीडान लाग्या मेरे तें | एक दिन जब मन्ने फेर ऊह पे आपना रपिया मांग्या , तो वो बोल्या "क्यों सगाई का दिया था के "| में बोल बाला रह्ग्या | मन्ने सांस नि आई | एर ऊह दिन पाछे मन्ने वो चिडाना छोड़ दिया | एर ऊह ने देख कें मेरा लूकण नु जी करदा | कसूता बालक |

hahhahahahahahaha yo kaata kasuta rog ..............
jab pache to bhai tane vo रपिया bhi yaad na aaya hoga.........
aur jab tere byah (shadi) me tane mila hoga to uski ya baat pakki yaad aayi hogi..........?????
hahhahhahahaa kasuta hadsa bhai............
 
Meri bua ka chora hai padhai ne kah do to chore ki jaan sookh jaya kare ....................dusmi me teesri baar me likda hai. mere fufa bole je eeb k bhi fail ho gaya te bus khetti karega ar addmission na len dun ar na fees bharu .To wo bechara maran me aa gaya ar padhan bhi laag gaya raat ne use jaldi e neend aa jaya karti par dar ka mara baitha rahtta ar neend k lapke bhi le liya karta moka laagte e ...........ek be wo nyu e padhe tha ar lapke le tha fufa ne poochi re padh le sowe na bola papa padhu hoon aankh band kar k man man ne yaad karun hoon bolya acha................ nyu e 2 teen baar dekhya ar wo nyu e kah de .................mere fufa ne sochi bera na nyu kyukar padhe hai wo aankh band kare bheet k kamar laaye baitha tha mere fufa ne uu ki kitaab tha k ar jootta tek diya us aage ar poocha re k kare hai bolya papa aankh band kr k dhayan laga k padhu hoon fufa k cho uth gaya bolya re jootte me k likh rha hai sunaiye mane bhi---- bhai ne saans ni aaya ar laagee suthre karde karde 5--10 bus jib pache jib usne neend aya karti te bata diya karta papa eeb koni baitha ja eeb soun hoon ar tadke e padhunga ...............eeb paas b ho gaya ........12 me hai .................uut chora...:rock
 
Meri bua ka chora hai padhai ne kah do to chore ki jaan sookh jaya kare ....................dusmi me teesri baar me likda hai. mere fufa bole je eeb k bhi fail ho gaya te bus khetti karega ar addmission na len dun ar na fees bharu .To wo bechara maran me aa gaya ar padhan bhi laag gaya raat ne use jaldi e neend aa jaya karti par dar ka mara baitha rahtta ar neend k lapke bhi le liya karta moka laagte e ...........ek be wo nyu e padhe tha ar lapke le tha fufa ne poochi re padh le sowe na bola papa padhu hoon aankh band kar k man man ne yaad karun hoon bolya acha................ nyu e 2 teen baar dekhya ar wo nyu e kah de .................mere fufa ne sochi bera na nyu kyukar padhe hai wo aankh band kare bheet k kamar laaye baitha tha mere fufa ne uu ki kitaab tha k ar jootta tek diya us aage ar poocha re k kare hai bolya papa aankh band kr k dhayan laga k padhu hoon fufa k cho uth gaya bolya re jootte me k likh rha hai sunaiye mane bhi---- bhai ne saans ni aaya ar laagee suthre karde karde 5--10 bus jib pache jib usne neend aya karti te bata diya karta papa eeb koni baitha ja eeb soun hoon ar tadke e padhunga ...............eeb paas b ho gaya ........12 me hai .................uut chora...:rock

hahahhahaaha sardiya main is dhal gazab neend aaya kare razai me ghuste e..............
 
hahahahaha apne din yaad aage honge ..............?????? jootte te nhi khaye kade ?
na joote to na khaye per murga jarur ban na pada tha raat ne 11:30 baje aur 3 room k checkar b kaatne pade the.....
per mera case thoda alag tha, main to book me comics rakh k padhta pakda gaya tha...........hahhahaha
 
उउत् काला

या बात याद आयी प्रिया मलिक के किस्से पे ,,,,,,,,,,,,,,,,,,, मेरे काका का छोरा जिसका नाम स काला. ,,,,,,,,,,,उसकी भी आदत से तावला सोन की ,,,,,,,,,,,,एक बार क्रिक्केट के मैच चल रहे थे आर महारा सारा कुनबा कठा बैठ के मैच देख्या करदा तो काला भी आया करदा,,,,,,,,,,,,, इब्ब काले की आदत नींद काडन की,,,,,,, एक दिन हमने देख्या के काला ऊंघन लाग्र्या ,,,,,,, सोवे आर जागे,,,,,,,, ते मेरे ताऊ ने कही के ''जाके सोजा नींद आवे स तने'' .........त काला बोल्या ''ना में मैच देखूंगा'',,,,,,,,,,, थोड़ी हान पाछे फेर काले की वा ऐ हरकत ,,,ते मेरे ताऊ ने फेर छेड़ दिया ... ''र के हो रहया स, जाके पड्ड क्यूँ ना जाता '' तो काले ने जवाब दिया,,,,,,, '' में ऊं तो मैच देखूं सु आर जब्ब मशुरी आ जा स तो में सो ल्यु सु'' .,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, उउत् काला

:rock
 
देख्या जादू

मेरे दादा हर चार भाई थे...... जिनम त एक का ना था चन्दन .... आर लाड में सारे उ न पंडी कह्या करते.....मेरा दादा पंडी था भी घना ऊउत .............म्हारे नोहरे में उ की एक स्पेशल खाट थी जिसके धोरे टालिविजन धरया था,,,,,,,,,,,, इब्ब गर्मी की छूटिया में दादा ने हो जाया करदी परेशानी ......क्यों .............हाम सारे बालक सारे दिन टालिविजन के चपटे रया करदे ............ आर .............मेरा दादा पंडी सोन ना पाता दुफारी में ......कई बे हमने भजा दिया करता नोहरे में ते,,,,,,,,,,, सोन का मारया ........ईब हाम्म भी जुगाड़ देख्या करते के क्यूकर दादा पंडी उस खाट ने छोडे आर हाम्म टालिविजन देखां................. त हाम्म मीटर माँ ते बिजली का तार हटा दिया करते आर पंखा बंध होते ऐ मेरे दादा ने लाग्या करती गर्मी .................. उठ जाया करदा आर बाहर चलया जाया करदा............ फेर हाम तार लाके आ बेठ्दे टीवी आग्गे.............त पंडी ने सोच्या के बालक ते तेरी गेल उत्पना कर रहे स ........... वो एक दिन बोल्या '' र बालको आ ज्याओ तामने एक जादू दिखाऊंगा आर बाहर गाल में लेगया ............एक आल्ले कानी हाथ करके बोल्या,,,,,,,,,,,,, के इसमें हाथ दे के दिखाओ तामने जादू दिखेगा ...........इब्ब बारी बारी सारे हाथ दे आर किलकी मार क ,,भाज ले .....................आर दादा पंडी गेल ते एक एक खुंडा पेलदा जा पाछे पे .....................आर गेल बोले.................. देख्या जादू..............................


सीक्रेट :::::::::::::::::::::::: ऊस आल्ले में भिर्डा का छाता लाग्र्या था..........
 
Last edited:
म्हारे गाम की , दुकानां आली गाल में एक दूकान थी, रामजी बानिये की ,वो ऊँ शरणार्थी था ,एर लत्ते की दूकान करर्या था | म्हारी तिकड़ी माँ का दोस्त ,सुरेंदर एक बे जाड्डयाँ में, जोहड़ में बड ग्या मेंहस काढअन खातर, एर किस्से ने ऊह का खेस ठा लिया | इब्ब नु का नु घरां जा तो घर के मारे | वो बड ग्या रामजी की दूकान में ,एर रामजी ताहि बोल्या अक खेस दिखा दे ,बढ़िया सा | रामजी ने ऊह ताहि कई खेस दिखाए | इतने सुरेंदर ने एक खेस की बुक्कल मार ली, एर रामजी ताहि नु कह के ने अक तेरे खेस इन्ने बढ़िया कोणी ,जिस्से तू ले रया स उसा तो में यो काल रोहतक तें ले के -ए ना आया था| मन्ने तो और बढ़िया चाहिए था | एर बेरी डाकां आया , रामजी के समझ में-ए कोणी आई अक के होया | जडाया चोर |.
 
एक बे मेरी दादी ने जुवारे(खेत में ले जावन खातर बाणाई होड़ रोटी ) की रोटी तैयार कर कें एर छालने( एक लत्ता जो सारी हान रोटी लपेटन या बाँधन के काम आया करे ) में बाँध के धर राखी थी बगड़ में | एर मेरा काका कँवल सिंह जब १०-१२ साल का था | उड़े-ए बेठा रोटी खावे था | एक बांदरी आई छात पर तें एर आपना बच्चा तो तार दिया एर उन् रोटियाँ नु ठा के चढ़ गी छात पे, एर वो बच्चा रह गा तले-ए | मेरी दादी नु धरती भीडी होगी अक इब्ब फेर रोटी पोवाणी पड़ें गी | मेरे काका ने वो बांदरी का बच्चा पकड़ लिया ऊह पे चादर बागा के | एर बांदरी खी खी केरे | आखिर में बांदरी ने रोटी तले बागा दी नु की नु ,जब ऊह का बच्चा छोड्या मेरे काका ने
 
एक बे मेरी दादी ने जुवारे(खेत में ले जावन खातर बाणाई होड़ रोटी ) की रोटी तैयार कर कें एर छालने( एक लत्ता जो सारी हान रोटी लपेटन या बाँधन के काम आया करे ) में बाँध के धर राखी थी बगड़ में | एर मेरा काका कँवल सिंह जब १०-१२ साल का था | उड़े-ए बेठा रोटी खावे था | एक बांदरी आई छात पर तें एर आपना बच्चा तो तार दिया एर उन् रोटियाँ नु ठा के चढ़ गी छात पे, एर वो बच्चा रह गा तले-ए | मेरी दादी नु धरती भीडी होगी अक इब्ब फेर रोटी पोवाणी पड़ें गी | मेरे काका ने वो बांदरी का बच्चा पकड़ लिया ऊह पे चादर बागा के | एर बांदरी खी खी केरे | आखिर में बांदरी ने रोटी तले बागा दी नु की नु ,जब ऊह का बच्चा छोड्या मेरे काका ने


Tit For tat hogi Bandari gail to...!!!!
 
एक बे में एर मेरे मामा का छोरा गुलू फोगाट किते तों आये थे | रोटियाँ का बखत होर्या था | मेरी मामी बोली "आरे बालको ,रोटी काढ के जूती खा लो " या बात मेरी मामी ने दो बे धोहराई | हाम ने दोनुआ ने नु-ए कर्या | रोटी तो थाली माँ तें काढ के एक ओड नु धर दी एर आपणे-आपणे जूते धर लिए थाली में | मेरी मामी देख कें हेरान , एर बोली तम बावले होरे सो के ? हाम नु बोले अक तन्ने-ए ना कही स | फेर जिह-जिह नु भी बेरा पाट्टया ईह बात का ,हान्स-हान्स के बावले होगे | जूती चाब बालक |
 
जब मेरा काका कँवल सिंह डांगर चराण जाया करदा | वो आछा बड्डा होयें पाछे पढ़न्न बैठाया था | एक बे उह्हने एक दो मुन्हा सांप पकड़ लिया | एर आपनी चादर में बाँध लिया एर सांझ नु घरां ले आया | इतने सांप के भी करडा छो उठ लिया था ,एर वो कसुता कुल्बुलावे | ऊह ने ला धरया वो पहन्डी पे, घेर में , मेरे दादा ने देख लिया अक रे यो के पकड़र्या स चादर में | जब धमका के ने वो बीटोडयाँ में छुड्वाया |
 
जब मेरा काका कँवल सिंह डांगर चराण जाया करदा | वो आछा बड्डा होयें पाछे पढ़न्न बैठाया था | एक बे उह्हने एक दो मुन्हा सांप पकड़ लिया | एर आपनी चादर में बाँध लिया एर सांझ नु घरां ले आया | इतने सांप के भी करडा छो उठ लिया था ,एर वो कसुता कुल्बुलावे | ऊह ने ला धरया वो पहन्डी पे, घेर में , मेरे दादा ने देख लिया अक रे यो के पकड़र्या स चादर में | जब धमका के ने वो बीटोडयाँ में छुड्वाया |
...sapela(oot) kaka..!!!!
 
म्हारी गेल दो जुड़वां भाई पढ्या करदे | असली नाँ तो में कोणी बताऊँ ,कारण ,एक तो वे मर लिए दुसरा उनका परिवार इस्सा-ए स (समझ गे होगे )| इन् दोनुआ ने घणे उत्पने करे थे आछे भी एर भुंडे भी , जो याद आवेंगे वे छाप्दा जाउंगा | इब्ब इन् का नाम मान लो राम एर श्याम था | ये कट्ठे फेल होया करदे, एर कट्ठे पास होया करदे, हर क्लास में | राम ,श्याम तें तीन मिनट बड्डा था | दोनुआ की पिछान घणी मुस्किल थी, तो जब ये पैदा होए थे तो उनकी दादी एक के काला तागा एर एक के लाल तागा बाँध के राख्या करदी ,पिछान खातर अक कदे एक जाणे ने-ए दो बे दूध प्या द्यां एर दुसरा भूखा मर्जा | उनकी एक सी आवाज , एक सी चाल ,बाकी तो सब किम्मे एक सा-ए था | म्हारा इनका घणा आणा जाणा था | एक तो इनका बाबू एर मेरा बाबू एक-ए रज्मेंट में थे | दुसरा म्हारा एर इनका घेर साहरे-साहरे थे | ये दोनु मेरे तें ५-६ साल बड्डे होंगे | इनका एर मेरा साथ ९ मी एर दशमी में होया था, क्यूंकि ये कई बे थलस कें तलान आ लिए थे | ये दोनु उत भाई मन्ने दुसरे छोरयाँ तें भी बचाया करदे | में म्हारी क्लास में सब तें छोट्टा था |
दशमी में इस्सा होया ,शायद उनकी जिन्दगी में पहली बार अक श्याम पास होगया एर राम फेल | पहलम दोनुआँ की कट्ठे फोज में भर्ती होवण की पलान थी | पर इब्ब के कर्या जा सके से | राम एक्ला स्कूल में जाण तें नाट ग्या, एर श्याम फोज में भर्ती होवण तें | इब्ब घरके के करें | उन् के बाबू ने उन् खातर ५-६ मेन्ह्स मोल ले कें बाँध दी अक यो काम तो कट्ठे हो के कर लोगे | इब्ब उनकी मेह्स्स्याँ की डेरी भी बढ़िया चाल पड़ी | वे उत होवण की गेल मेहनती भी थे | दशमी करे के दो-तीन साल पाछे ताहि उनकी सगाई ना होई | एक तो उनके किल्ले १-१ ए बांडे आवें थे , दुसरा डेरी कोए ख़ास रोजगार का साधन ना स्मझ्या जावे था | कोए सगाई आला भड़े -ए ना था | दुखी हो कें राम ने श्याम की दशमी की सनंद ठाई एर जा कें फोज में भर्ती होगया | गाल में सब ने बेरा था अक राम ,श्याम की सनद ले के भर्ती होया स | राम की रंगरूटी लिकड़ती -लिकड़ती उन् दोनुआ का बियाह भी होग्या | एक दिन श्याम की उनकी गाल के एक छोरे गेल्याँ लड़ाई ही गी | एर श्याम ने चेलेंज कर दिया अक तम म्हारा किम्मे नि पाड़ सकदे | ऊह छोरे ने राम की यूनिट में चिठ्ठी गेर दी अक यो दुसरे की सनद पे भर्ती होर्या स | राम आ लिया २ मिन्हाया-ए में घरां पर्मानेनेट छुट्टी | जाटडा,काटडा आपणे ने-ए मारे |
 
Back
Top