albaadi baalkaan key kissey.

हम्बै, के इमेजिन करवा दे स कसाई ....रोटी कुण पोवेगा उस गैस पै......
एह मेरयार | रोटी पोई जागी के उस cylinder पे ? वो ते भाई गाडी की CNG किट में लाण जोगा से | राकेट प्रक्षेपण में भी इस्तेमाल हो सके है उसका | :)
 
एह मेरयार | रोटी पोई जागी के उस cylinder पे ? वो ते भाई गाडी की CNG किट में लाण जोगा से | राकेट प्रक्षेपण में भी इस्तेमाल हो सके है उसका | :)

हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा Pannu.........करवा दे खुड़का राकेट लॉन्चिंग का ..
!!! बाकी वो पादु बानिया इस सोनिया गांदी के साथ चोकस बाँध कै, आग लगवा हो स उसके तले.... इस ने ब्रम्हांड में ले जा के छोड़े.... काटे जागी चक्कर धरती के...
 
Last edited:

हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा Pannu.........करवा दे खुड़का राकेट लॉन्चिंग का ..
!!! बाकी वो पादु बानिया इस सोनिया गांदी के साथ चोकस बाँध कै, आग लगवा हो स उसके तले.... इस ने ब्रम्हांड में ले जा के छोड़े.... काटे जागी चक्कर धरती के...

katti sahi kaha bhai. chutkare ka sabse aasan tarika. na hing lage na fitkri ar rang chokha ka chokha. :)
 
Ya albaad meri maa ne batai thi, aur meri nani ke baare main. Ek bai meri nani tasle main bhains ki jer (placenta) geren ja thi. Upar tai ya raakh aur toodi te dhak rakhi thi. raste mein ek jo dewar laage tha, nyu bolya ek teri toodi to udgi. Meri nani boli ek ek be dabaiye isne, mere to kaakhalwai hori sai. Pher wo jab daban lagya to uska haath dhans gaya .......
 
एक अल्बाद याद आगि आज। मैं उस टेम छठी सातवीं में रह्य होउगा। मेरे पापा की बुआ बोहर गाम में ब्याह राखी से। म्हारा घर जड़ में ऐ स। ते कई बार सांझ ने बोहर केन डीगर जाया करते घूमते फिरते। मेरे ताऊ का छोरा आ रह्य था गाम में ते। वो मेरी हान का ऐ से। हम कट्ठे हो जाया करते ते कीमे ना कीमे अल्बाद रच दिया करते। वो बोल्या चाल दादी हर केन गेडा मार आवे। सांझ सी ने हो लिए बोहर केन दोनु जणे। घरा गए ते म्हारी काकी बोली अक दादी ते खेता केन जा रही सै, मैं बुला के लाऊ सु। उनके खेत सहारे लागते थे गाम के। उनके घर में एक हौदी होया करती जमा गेट के सहारे आर वे उसने सारी हान फुल राख्या करते डांगरा ने पानी प्यान खातिर।
इब हम दोनु जणे रहगे घर में ऐकले। मन्ने साम्ही माचिस धरी दीख्गी। मखा जीतू (मेरे भाई का नाम) देख तन्ने एक चीज दिखाऊंगा। खिड़की में मेरी दादी ने एक पुराणी सी सूती चाद्दर का पर्दा बना के टांग राख्या था। झार्निया ते भरया पड्या था वो पडदा। मन्ने सींक बाल के, बुझा के, उह परदे में ला के सेड देन सी उलटी काढ लि। उह पडदे में एक मोघा हो गया छोटा सा। मन्ने एक सींक और न्यू ऐ बाल के बुझा के एक और मोघा कर दिया। इब उह जीतू के भी कच्क्ची उठी न्यू ऐ करण की। उसने सींक बाल के, बुझा के, पडदे के ला दी। उह सींक में किते कोई आंच फालतू रह रही थी। उसने तो एक दम आग पकड़ ली। खिड़की के सहारे म्हारे दादा के लत्ते टंग रहे थे। मन्ने भाज के वे लत्ते तार के दूर खाट पे फेंके, आर जीतू भाज के बाल्टी पानी की लाया हौदी में ते भर के। इतनी वार में भक्कड़ पाट गया पडदे का। मुसां-सी २-३ बाल्टी पानी बगा के आग बुझाई। मखा प्यारे गोली हो ले तावला सा। हमने डांक मारी धर के उड़े ते। बोहर आली नहर टाप के सांस लिया। शुक्र से फ़ोन ना थे उस टैम पे घर में। नही तो घर ने आके पक्का बक्कल उतरना था म्हारा! :tongue:
 
जब में गर्मियां की छुट्टियाँ में मेरे ताऊ के छोर्रयाँ गेल डांगर चराण जाया करदा ते उह बखत हाम सारी हाण किम्मे एक्स्ट्रा कमाण की सोचें जाया करदे । गरमियाँ में मन्ने ते साइकल आले पे अस्क्रीम ( अस्क्रीम का ते पाछे बेरा पाट्ट्या अक किसी होया करे ,ये शरणार्थी हामने रंगीन बर्फ खुवा के राजी करें रंदे ) खाण में सुवाद आया करदा । आर ये मेरे ताऊ के छोरे बीडी का बण्डल आर माचिस के चक्कर में रह्या करदे । ते जब सिक म्हारे खेताँ के बीचाले के एक नई बिजली की लेण बीछी थी अर वा चाल्लू न होई थी (एनर्जाइज ना होई थी ) । उह के उप्पर खाम्ब्याँ पे धरती तें दसेक फुट उप्पर खतरे के निशाँ आले लाल बोर्ड लटका राखे थे जिह पे एक खोपड़ी आर दो हाड x की शेप में छ्प्पे होड़ होया करें । वे बोरड सिलवर(अल्युमुनियम ) के होया करदे आर मोटे-मोटे सिलवर के-ए तारां ते एक लोहे की क्लेम्प पे लटके रह्या करदे । ये मेरे दोनु भाई मन्ने आपणे खोयाँ पे खड़े कर के ने उन्न ने खुलवा लेनदे आर फेर उह सिलवर आर लोहे की कलेम्प में बेच के ने साईकल आले ताहीं आपना खर्चा काढ दे । हामने सहज-सहज गाम ताहीं के ३-४ कि. मि. ताहीं के सारे बोरड तार के ने बेच दिए थे । काम ते यु घणा गलत था ,पर कर दिया जिब्ब ते । नादान चोर ।
 
महारा एक रिश्तेदार स, बहादुर सिंह । नाम का भी बहादुर अर काम का भी बहादुर । उहने भी बड़े कबाड़े करे सें ,उह की भी ८-९ अल्बाद ,जो छापण जोगी सें ,वे छाप्पुंगा । भाददर हर के खेत गाम के लोवेसिक पड़ें थे । इनके खेताँ में गाम का झोट्टा उजाड़ कर आया करदा । क बे इहने , अर इहके दो तीन दोस्तां ने पलान बनाई , अर वो झोट्टा एक रूंख के बाँध लिया रात ने ,खेताँ में , अर उह के नाथ घाल दी । आगले दिन गाम में रुक्का पड़गा , अक किहे ने झोट्टे के नाथ घाल दी । दो-तीन दिन पाछे उन् में तें एक छोरे ने दारु पी के ने, किहे आगे बक दी । आगले दिन पंचायत होई , अर बहादर का दादा-ए फेसला करणिया । वो छोरा बुलाया गया ,अक बता कुण -कुण थे । उह ने सब के नाम बता दिए । फेर इन् चारुआं की १०० -१०० रपिये डंड करया । अर बाहदर के भरी पंचायत में उह के दादा ने खोंश्ड़े मारे वे न्यारे ।
 
हा हा हा झोटा तै बाहवड. कै आया ना होगा


महारा एक रिश्तेदार स, बहादुर सिंह । नाम का भी बहादुर अर काम का भी बहादुर । उहने भी बड़े कबाड़े करे सें ,उह की भी ८-९ अल्बाद ,जो छापण जोगी सें ,वे छाप्पुंगा । भाददर हर के खेत गाम के लोवेसिक पड़ें थे । इनके खेताँ में गाम का झोट्टा उजाड़ कर आया करदा । क बे इहने , अर इहके दो तीन दोस्तां ने पलान बनाई , अर वो झोट्टा एक रूंख के बाँध लिया रात ने ,खेताँ में , अर उह के नाथ घाल दी । आगले दिन गाम में रुक्का पड़गा , अक किहे ने झोट्टे के नाथ घाल दी । दो-तीन दिन पाछे उन् में तें एक छोरे ने दारु पी के ने, किहे आगे बक दी । आगले दिन पंचायत होई , अर बहादर का दादा-ए फेसला करणिया । वो छोरा बुलाया गया ,अक बता कुण -कुण थे । उह ने सब के नाम बता दिए । फेर इन् चारुआं की १०० -१०० रपिये डंड करया । अर बाहदर के भरी पंचायत में उह के दादा ने खोंश्ड़े मारे वे न्यारे ।
 
जब हाम नए -नये न्यारे होए थे जब की बात सें । मेरे काका हर के ते कोए के कोए रिंगटा था कोणी ,आर म्हारे में बड्डा था ,ते सानी-पाणी डांगराँ का में-ए कर्या करदा । आपणे-आपणे ढोबरे सारयाँ ने किते-किते धर लिए । कोए एक चौबारे में जा बड्या ,कोए दुसरे में ,एक आपनी ने गेल लेग्या ,एक ओब्र में आपना सामान धून्स के ताला मूंदगा । पहलम हेल्ली कह्या करदे पर इब्ब ,ढेढाँ का ढारा होग्या । ज्युकर कई कुणब्याँ के शरणार्थी घर में आण बड़े होँ ,आर आपणी-आपणी कुण में लठ्ठ लियें खड़े होँ । घेर सारयाँ का साझ्ला था । उड़े खोर बंड गी थी । मेरे काका हर सारे नौकरी पे थे बाहर ,आर काकी हर गाम में आपने डांगर पालदी अर जो भी माड़ी-मोती खेती थी उह ने सम्भाल्दी । इब्ब उन के कोए कार्निया ना था पर हां सारे ढाल की चेज बो लिया करदे । हामने बर्षम बो राखी थी ,में खेतान मांह तें लायान्दा ,अर काट के डांगराँ आगे तुड़ी या जो भी सानी सपान्नी होंदी उह में मिला देनदा । इब्ब मेरी काकी हर धोरे बर्षम कोणी थी ,उन् के डांगर तुडाइये करदे अक गंडासे आग्गे पड़ी हरी सानी हामने क्यूँ मिलनी बंद होगी ,काल ताहीं ते कोए फर्क ना था ,। पर यु भारत पाकिस्तान का ज्यूँ बँटवारा हो गया । बेचार्याँ ने के बेरा अक काले सर आले के दीमाग का । चलो कोए बात ना ,डांगर तुडाइये करदे ते मेरी काकी आँख बचा के ,म्हारी बर्षम ठा के आपने डांगराँ आगे मिला देंदी । मेरा बाबु मानने छोह में आंदा अक तू थोड़ी बर्षम ल्याया । एक दिन मानने के कार्या अक उह दिन बर्षम मानने और किते लुको दी । आर ना डांगराँ सान्नि भेइ । आर मेरी काकी की बाट देखण लाग्ग्या लुक के ने ,अक कद सी जावेगी । उह्क लिकड दे मानने ते उनके
डांगराँ आगे ते सामरी सारी बाखर मिलाई होड़ सान्नि अर गेर दी म्हारे आल्याँ के आगे । पाछे वारी सी लागगे उनके डांगर अर्डाण /राम्भन्न । अर पडागे खूंटे । न्यू क्यूकर ,जो मन्ने कोए लुटे ।
 
Yu taaga suru hoye ghane e din ho liye......aaj main b ek albaad likh e du.

Jab hum nyare hoye to humne 1 bhains mili thi (thodi kamjor e thi aur sudhi b thi).
Dusri bhains hum 1 mahine pache le aaye (ya meri maa ne aur mane kuch na kara karti per koi aur khoote dhore aa jata to tha k patka karti).
sara ki bhains gher me kathi e bandha karti, ek lambi si khorr thi, ek side me mari bhains aur dusri side me chacha ki bhains banda karti.
us kamjor ne tagdi banan khater meri ma nara bakhar gera karti us aage.
aur meri chahci k krti ki jab dophari me sare so jate to va gher me ja k us bhakhar ne apni bahin kani kar deti, k pher beail ki aatt kadd aati (aatt matlab kyukar samjhau bera ni, per beail chotti karan khater khoote me laya kre).
ek din meri maa meri chachi te boli ki "ya galat baat h nu bakhar chorri karna".
meri chachi boli na main na krti balki ya thari bhain muh te mari kani kar de hai.
kai b kaha-suni ho li, per va mane e na.
ek din mane va doon marni bhains to bandh di kamjor aali jaghar aur kamjor aali uski jagah.
meri Chachi ka to vo e kaam, va gayi gher me aur jisa bakhar ka bukta bhara, bhains ne tha k patak di..
niche va aur uper bahkar-aali sanni.
us din pache meri chachi sudhri.
 
हा हा हा हा हा हा हा हा..इसी "कुल्ली-तोड़" भैंस कीत तें ल्याए थम र कासे ?


Yu taaga suru hoye ghane e din ho liye......aaj main b ek albaad likh e du.

Jab hum nyare hoye to humne 1 bhains mili thi (thodi kamjor e thi aur sudhi b thi).
Dusri bhains hum 1 mahine pache le aaye (ya meri maa ne aur mane kuch na kara karti per koi aur khoote dhore aa jata to tha k patka karti).
sara ki bhains gher me kathi e bandha karti, ek lambi si khorr thi, ek side me mari bhains aur dusri side me chacha ki bhains banda karti.
us kamjor ne tagdi banan khater meri ma nara bakhar gera karti us aage.
aur meri chahci k krti ki jab dophari me sare so jate to va gher me ja k us bhakhar ne apni bahin kani kar deti, k pher beail ki aatt kadd aati (aatt matlab kyukar samjhau bera ni, per beail chotti karan khater khoote me laya kre).
ek din meri maa meri chachi te boli ki "ya galat baat h nu bakhar chorri karna".
meri chachi boli na main na krti balki ya thari bhain muh te mari kani kar de hai.
kai b kaha-suni ho li, per va mane e na.
ek din mane va doon marni bhains to bandh di kamjor aali jaghar aur kamjor aali uski jagah.
meri Chachi ka to vo e kaam, va gayi gher me aur jisa bakhar ka bukta bhara, bhains ne tha k patak di..
niche va aur uper bahkar-aali sanni.
us din pache meri chachi sudhri.
 
हा हा हा हा हा हा हा हा..इसी "कुल्ली-तोड़" भैंस कीत तें ल्याए थम र कासे ?



तन्ने आपणी काकी की कुल्ली तुडवाणी से के अनिल ,कास्से इहने दो मिह्न्या खात्र किराए पे दे दे भाई ।
 
Ravinderjeet Bhai, kasuta taaga chala rakhya hai yu to aapne.. kayi din ho liye is site pe padhte ne manne, par aapki albaad khatam nahi hoyi.. ;)
 
Ravinderjeet Bhai, kasuta taaga chala rakhya hai yu to aapne.. kayi din ho liye is site pe padhte ne manne, par aapki albaad khatam nahi hoyi.. ;)


भाई पवन ,पहलम ते तेरा स्वागत भाई "जाटस्थान " में अर और भी कई ताग्गे सें ,पढ़े जा ,इब्बे तू नया आया स आड़े ,एक साल ते तन्ने पढ़न में-ए लाग ज्यांगे ।
 
Back
Top