Answers Wanted !!

"Number 1 Haryana" .........Kit gaye woh"Aisa Pehli baar huya hai" ki ad aale ??......Laage ss saarey peesey AD pe e laga diye...........Har ghantey koi 50-50 be ad aaya karti.................. :rock :rock :rock :rock

Sahi baat hai. Jitna Pissa aur Dhyan Ads banan mai lagayo hai utna je Sadak banan mai laga devar to ya naubat na aawe haar.
Mera kai fren hai Gurgaon Delhi mai. Sab preshan hore hain Barish te aur Traffic Jam te.

Upar te CM madam ke kahti hai " itna time to lagta hi hai traffic me,fir kya hua jo aaj aadha ghanta jyada lag gya"

Madam nai khud nai chhod dyo traffic me bina AC aali car mai. fer puchho.

AUr Office me late pahunchta hi ek Manager hona chahiye ki aaj ki chhuti laag gi teri
 
Samasya to yehi hai ki ye seh lenge ye nahi sahenge.
jab yu seh liya to thode se aur mein ke dikkat hai?

Gurgaon mein jane wale Bus drivero se poocho car jeep to chod hi do.

Kyun seh lenge?
 
Samasya to yehi hai ki ye seh lenge ye nahi sahenge.
jab yu seh liya to thode se aur mein ke dikkat hai?

Gurgaon mein jane wale Bus drivero se poocho car jeep to chod hi do.

Kyun seh lenge?


Kyon sah lenge?

Aur kab tak sahenge?
kabhi na kabhi to jaagegi janta.

"Sukhi Sadaken ho,Seenche huye Khet.
Kab aayegi Sehar wo"
 
Centre main iski chalti koni...

Dilli ne centre te crore.ss main rupye mile hain..

Isne NCR ke naam pain..kati kuch nahin..
Yoh ke apni khoj te bharein..

Yoh ke CHOT-ALA jisa bewkoof hain jo GURGAON main pise kharche..

Yade te to koi Dhanpati Seth le ja ga peesa phhonk ke ticket sidha dilhi te....

ISA CM banayon BANSILAL jisa jiski CENTRE main chalein...agar..sehna koni to.....!!

Chautala bada socha karta..ke naya sahar..nayi company..ghana rozgar....isne to peesa kamana hai buss...
chahe dharti bikke..bhaiyan ki...


Samasya to yehi hai ki ye seh lenge ye nahi sahenge.
jab yu seh liya to thode se aur mein ke dikkat hai?

Gurgaon mein jane wale Bus drivero se poocho car jeep to chod hi do.

Kyun seh lenge?
 
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Residents of Dairy Mohalla resort to road blockade to press for their demand for construction of a cemented street in Rohtak on Monday. Tribune photo: Manoj Dhaka

Lyo bhai Rohatk ki development dekh lo :rock:rock:rock
 
रोहतक. सर्कुलर रोड पर बन रहा फ्लाई ओवर लाइन पार की लगभग 18 कालोनियों के हजारों लोगों के लिए पिछले ढाई सालों से परेशानी का सबब बना हुआ है। 17 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस फ्लाई ओवर को 2007 में पूरा हो जाना था, लेकिन 30 करोड़ खर्च होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य किसी सिरे नहीं चढ़ पाया है।



आलम यह है कि फ्लाई ओवर के नीचे की सड़क खोद देने के कारण लोगों को अस्पताल व स्कूल जाने तक के लिए रेलवे लाइन क्रास करनी पड़ रही है। यही नहीं, छोटे बच्चों को भी स्कूल से घर लौटने के लिए रेलवे लाइन का सहारा लेना पड़ता है। लोगों का कहना है कि वे विकास कार्यो के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।



बच्चे करते हैं लाइन पार



डबल फाटक बंद होने के कारण सबसे ज्यादा रिस्क बच्चों को उठाना पड़ता है। ज्यादातर बच्चों के स्कूल फाटक के दूसरी ओर हैं। इसके कारण बच्चों को स्कूल जाने के लिए रेलवे लाइन क्रास करनी पड़ती है। गीता कालोनी निवासी कन्हैया लाल कहते हैं कि शहर के सभी प्रमुख स्कूल व कालेज लाइन पार हैं। इससे हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। यही नहीं, कालोनी में आगजनी होने की दशा में फायर ब्रिगेड के आने का रास्ता नहीं बचा है।



अस्पताल जाना है तो लाइन पार करो



यदि कोई बीमार हो जाए उसे सिविल अस्पताल अथवा पीजीआई जाने के लिए 10 किलोमीटर से ज्यादा लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। देर हो जाने से मरीज की जान जाने का खतरा बना रहता है। यदि रात को सिर दर्द अथवा पेट दर्द की दवा लेनी हो तो भी आसपास की छोटी दुकानें बंद हो जाने के कारण लंबा चक्कर काटना पड़ता है।



भुखमरी के कगार पर दुकानदार



सर्कुलर रोड व्यवसाई रोशन लाल कहते हैं कि फ्लाई ओवर न बनने व सड़क खराब होने के कारण इस ओर लोगों का आवागमन कम हो गया है। इससे व्यापारी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। कई दुकानदार इस समस्या के कारण अपनी दुकान बंद करके अन्य स्थानों पर शिफ्ट हो गए है।



समाधान हैं, लेकिन करे कौन



पटेल नगर के विकास दुआ का कहना है कि कालोनियों के अंदर से रेलवे लाइन पार करने का रास्ता बनाया जा सकता है। बड़े वाहनों का प्रवेश बंद कर रास्ता दिया जा सकता है। फाटकों की यथास्थिति रखकर समस्या सुलझाई जा सकती है। समाधान तो कई हैं, लेकिन उनको करने वाला कोई नहीं है।



लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी



ञ्चनिर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही लोगों को इस समस्या से निजात मिल जाएगी। - पीसी मीणा, डीसी, रोहतक


http://www.bhaskar.com/2009/09/22/090922025308_development_works_in_rohtak.html
 
‘माडल स्टेशन’ बनेगा रोहतक जंक्शन
Bhaskar News Tuesday, September 22, 2009 02:53 [IST]

रोहतक. कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन को देखते हुए राजधानी के साथ लगते रोहतक स्टेशन को भी रेलवे मुख्यालय ने माडल और मॉडर्न स्टेशन की श्रेणी में शामिल कर लिया है। अब यात्रियों को वो सभी आधुनिक सुविधाएं मिलंेगी, जो महानगरों के स्टेशन पर मिलती हंै। रेलवे ने इसकी हरी झंडी दे दी है।


रोहतक रेलवे स्टेशन दिल्ली के काफी नजदीक होने के कारण रोजाना 40 हजार यात्री आवागमन करते हंै। रेलवे को यात्रियों से सालाना दस करोड़ रुपए की आमदनी भी होती है। आमदनी और यात्रियों की संख्या ए-ग्रेड स्टेशन की सभी शर्तें पूरी करती हैं, जिसके आधार पर रेलवे ने इसे दो साल पहले ही ए-ग्रेड की श्रेणी में शामिल कर लिया था।


लेकिन यात्रियों को वो सभी सुविधाएं नहीं मिल सकी जो ए-ग्रेड स्टेशन पर मिलती हैं। कॉमनवेल्थ गेम के आयोजन को देखते हुए रेलवे को इसे ए-ग्रेड के साथ-साथ माडल स्टेशन बनाने का निर्णय लेना पड़ा। रेलवे ने यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए विस्तार करने का निर्णय लिया है। इससे दिल्ली स्टेशन का भार भी कम होने की संभावना है।


वाशिंग लाइन का होगा विस्तार


दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेन की भरमार रहती है, जिसके कारण गाड़ियों की समय पर वाशिंग नहीं हो पाती। दिल्ली में रुकने वाली एक्सप्रेस गाड़ियों को रोहतक रेलवे स्टेशन पर भेजा जाएगा, ताकि ट्रेनों की अच्छी तरह से वाशिंग भी हो जाए और स्थानीय रेलयात्रियों को एक्सप्रेस गाड़ियों में सफर करने का मौका मिलेगा। अब वाशिंग लाइन पर केवल एक-दो ही गाड़ियां वाश की जाती हंै। इसका सबसे ज्यादा फायदा रेल यात्रियों को मिलेगा।


सेकंड इंट्री की होगी व्यवस्थारेल यात्रियों को स्टेशन पर जाने के लिए एक ही इंट्री थी, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मॉडल स्टेशन बनने के बाद वैश्य कालेज की तरफ से एक और इंट्री होगी। इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा टिकट खिड़कियों की संख्या में भी इजाफा होगा।


ब्रांडेड होगा स्टेशन का मेन्यू


रेल यात्रियों को स्टेशन व ट्रेन में घटिया खाद्य सामग्री से बने उत्पाद खाने को मिलते थे, जिससे यात्रियों को बीमार होने का डर सताता रहता था। माडर्न स्टेशन बनने के बाद स्टेशन पर खाद्य पदार्थ भी ब्रांडेड और पैकेजिंग हो जाएंगे। इससे यात्रियों को घटिया और सड़े खाद्य पदार्थों से छुटकारा मिलेगा।


रूट रिले इंटरलाकिंग बनेगा


रेलवे स्टेशन पर रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा। इससे रिमोट से ही सिग्नल और फाटक अप-डाऊन होंगे। अब यह कार्य फाटकों पर बने कैबिनमैन कर रहे हैं। इससे कार्य में तेजी आएगी और कर्मचारियों का वर्कलोड कम होगा। दो मंजिला आरआरआई का बजट पास हो गया है।


सड़ांध वाले शौचालयों से मिलेगी राहत (aaj ke halat)


अक्सर देखने में आता है कि रेलवे स्टेशन पर बने शौचालयों के बगल से निकलना दूभर हो जाता है, क्योंकि साफ-सफाई ठीक से नहीं होने पर सड़ांध मारती रहती है। माडल स्टेशन बनने के बाद महानगर की तर्ज पर पेड शौचालय होंगे। हालांकि इसमें यात्रियों को जेब से पैसे तो देने होंगे, लेकिन सड़ांध से मुक्ति मिल जाएगी।


पूछताछ केंद्र पर नहीं लगेगी भीड़


यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी के लिए पूछताछ केंद्र पर रेलवे क्लर्कों से माथापच्ची करनी पड़ती है। इसके बावजूद उनको ठीक से जानकारी नहीं मिल पाती। माडल स्टेशन बनने के बाद आटोमेटिक स्क्रीन पर ट्रेनों की लोकेशन का पता लगता रहेगा, इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा।


मिल चुकी है हरी झंडी


ञ्चस्टेशन पर वाशिंग लाइन, सक्रूलेटिंग एरिया, वेटिंग हाल और आरआरआई का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी अंतिम स्तर पर पहुंच गया है। मॉडल स्टेशन से यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। रेलवे ने मॉडल और माडर्न स्टेशन के दर्जे को हरी झंडी दे दी है। - रणधीर सिंह ग्राक, सहायक मंडल अभियंता, रोहतक
 

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रोहतक. शहर का एकमात्र अत्याधुनिक मानसरोवर पार्क 1952 में बना। रोजाना सैकड़ों आदमियों की चहल-पहल। सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए लाखों रुपए। कमेटी से लेकर हुडा तक जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है। मगर नगर परिषद के अधिकारी तमाम प्रयासों के बावजूद इस अत्याधुनिक पार्क का योजनाबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण नहीं कर पाए।


करीब छह एकड़ में फैले मानसरोवर पार्क के सौंदर्यीकरण की योजना को सिरे चढ़ाने के लिए नगर परिषद ने इसका जिम्मा प्राइवेट कंपनी सनसिटी को सौंपा था। मगर ज्यादा प्रगति नहीं हुई। इसके बाद इसकी जिम्मेदारी हुडा व हैफेड को दी गई लेकिन फुटपाथ व पौधरोपण के सिवाय कुछ नहीं हुआ। बच्चों के लिए अत्याधुनिक झूले लगाने का प्रस्ताव था जो कि अधर में लटका हुआ है।


प्रशासन ने पार्क के मध्य में जमा होने वाले बरसाती पानी को निकालने के लिए इसे ऊंचा उठाने की योजना बनाई। इसके लिए मिट्टी डालने का ठेका करीब 20 लाख रुपए में दिया, लेकिन आज तक यह कार्य पूरा नहीं हो सका। पार्क की मेन दीवार पिछले एक साल से टूटी है और अधिकारियों ने इसे ठीक कराने की जहमत तक नहीं उठाई।


बदहाल हुईं पार्क की दो तोपें


वर्ष 1971-72 के दौरान हुई लड़ाई के बाद जो जवान शहीद हुए थे, उनकी याद में तोप बनवाई गई थी। मगर दोनों ऐतिहासिक तोप बदहाल हो चुकी हैं। असामाजिक तत्वों के चलते व नगर परिषद अधिकारियों की अनदेखी के कारण अब तोपें अपना अस्तित्व खो रही हैं।


सिरे नहीं चढ़ा रेनिंग सिस्टम


पार्क कटोरीनुमा होने के कारण बरसाती पानी जमा हो जाता है और कई दिन तक खड़ा रहता है। नगर परिषद ने रेनिंग सिस्टम की इस समस्या से निजात दिलाने की योजना बनाई थी लेकिन अभी तक ठोस प्रोग्रेस नहीं हुई है। पिछले तीन दिन तक हुई बारिश का पानी अभी तक नहीं निकला है। फिलहाल पार्क के मध्य में दो से ढाई फुट तक पानी जमा है।


नगर परिषद पार्क की देखभाल को लेकर गंभीर है। सैकड़ों पौधे लगाए गए हैं। फुटपाथ बनाया गया है। पार्क को ऊंचा उठाया जा रहा है इसलिए मिट्टी डालने की योजना बनाई थी। - अनीता मिगलानी उपप्रधान नगर परिषद


पार्क के सौंदर्यीकरण में कई कदम उठाए गए हैं। भविष्य में इसे और अच्छा बनाया जाएगा। - बीएन भारती ईओ नगर परिषद


Ib nyu na keh diyo ki Hooda ne siraf rohtak mein development kara hai.
 
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