raka
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ये ठाकर बुढापे में सठिया क्यों जाते हैं ?
1990 -91 में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सठिया कर एक ऐसा कदम उठाया जिसमे बहुत जान माल की हानि हुई , फिर 2004 -5 में अर्जुन सिंह ने सठिया कर इतिहास की किताबो में जाटों को लुटेरा बताया , ऐसे ही भाजापा के जसवंत सिंह सठिया गए थे और अब लगता हैं यह जनरल भी सठिया गया हैं इन्होने पहले तो रक्षा मंत्री को लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग के प्रमोशन की सिफारिश कि और अब उसी लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग के खिलाफ सी.बी.आई जांच कि सिफारिश कर रहे हैं | तृणमूल कांग्रेस सांसद अम्बिका बनर्जी कि जिस चिट्ठी के आधार पर जनरल साहब ने दलबीर सिंह सुहाग के खिलाफ जांच के लिए सीबीआइ को पत्र लिखा हैं , उस पत्र के लिए सांसद ने साफ़ मना कर दिया कि उन्होंने सेनाध्यक्ष को कोई पत्र नहीं लिखा |
1990 -91 में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह ने सठिया कर एक ऐसा कदम उठाया जिसमे बहुत जान माल की हानि हुई , फिर 2004 -5 में अर्जुन सिंह ने सठिया कर इतिहास की किताबो में जाटों को लुटेरा बताया , ऐसे ही भाजापा के जसवंत सिंह सठिया गए थे और अब लगता हैं यह जनरल भी सठिया गया हैं इन्होने पहले तो रक्षा मंत्री को लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग के प्रमोशन की सिफारिश कि और अब उसी लेफ्टिनेंट जनरल दलबीर सिंह सुहाग के खिलाफ सी.बी.आई जांच कि सिफारिश कर रहे हैं | तृणमूल कांग्रेस सांसद अम्बिका बनर्जी कि जिस चिट्ठी के आधार पर जनरल साहब ने दलबीर सिंह सुहाग के खिलाफ जांच के लिए सीबीआइ को पत्र लिखा हैं , उस पत्र के लिए सांसद ने साफ़ मना कर दिया कि उन्होंने सेनाध्यक्ष को कोई पत्र नहीं लिखा |