Chaar laaine jo churayi na ho ....

4 lines aur ...

हर डगर के मोड़ पे हम, बीतें कुछ पल छोड़ आये है,
जिन पेड़ो तले सोये, उनके कुछ पत्ते तोड़ लाये है,
साहिलों की खोज में, हमने तो छान डाला सारा समंदर,
नयी किस्तियो में हम, कुछ मांझी छोड़ आये है !!
 
ye jo aag dil me lagi hai
zamane me laga dunga
uski doli jo uthi to
koi baat nhi smart hoon
dusri pata lunga ........:rock

PS: ye line mere bhai ki hai uske behalf pe likhu hoon .....:p
 
4 line aur...

जब कभी भी दिल इस जबान से बोलने लगा है,
आखें जब इस कदर सच्चाई बयां करने लगती है;
सुनती तो है बड़े चाव से ये लोग मजाक बनाने को,
इसलिए दिल की बाते दिल में रक्खो तो अच्छा है !!
 
4 line aur...

खुशिया ना थी हमारे लिए, फिर भी औरो को खुशिया लुटाते गए
भीगा था दामन हमारा भी, फिर भी दूसरो के आंसू पोछंतें चले गए
हर मोड़ पे दीपक जलाया हमने, कही अंधेर ना हो जाये ये डगर,
वक़्त ने ना दी क़द्र कभी, फिर भी हर पल को हम सहोंजते चले गए ...
 
4 line aur...

बहुत मुस्किल होता है किसी को माफ़ करना,
किसी की गलतियों को अपने दिल से साफ़ करना,
एक बार ये माफ़ करने की कला आ जाये ..
फिर बहुत सुन्दर दिखती है, नजरो से ये दुनिया ...
 
bahut ache..
maaf karna aa jaye to baat hi kya.
but insaan maaf isiliye nahi kar pata ki isse wo chhota na ho jaye.
jabki maafi to insaan ko ucha uthati hai.

बहुत मुस्किल होता है किसी को माफ़ करना,
किसी की गलतियों को अपने दिल से साफ़ करना,
एक बार ये माफ़ करने की कला आ जाये ..
फिर बहुत सुन्दर दिखती है, नजरो से ये दुनिया ...
 
4 line aur...

खोलो ये दरवाज़े और ये खिड़कियाँ
ये चिराग जले किस तरह, इनको हवा भी तो चाहिए !
मैं वफ़ा करू तो यहाँ किससे करू
इस ज़माने में कोई बेवफा भी तो होना चाहिए !!
 
arz kiya hai...

क्यूँ आईने में भी अकेला पाते हो, साथ मैं भी तो हूँ,
क्यूँ लगते हो सताए हुए तन्हाई से, साथ मैं भी तो हूँ,
हर तरफ एक बिखरा हुआ बर्बादी का आलम सा है,
क्यूँ अकेले को दोषी मान रहे हो, साथ मैं भी तो हूँ !!
 
ना दे इन चिरागों को हवा
ये आशियाना भी जलायेगे
ना ढूँढ बेवफा कोई
जिन्हें दिल से चाहो वही बेवफा हो जायेंगे

खोलो ये दरवाज़े और ये खिड़कियाँ
ये चिराग जले किस तरह, इनको हवा भी तो चाहिए !
मैं वफ़ा करू तो यहाँ किससे करू
इस ज़माने में कोई बेवफा भी तो होना चाहिए !!
 
अर्ज़ किया है...

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ताजमहल देख कर शाहजहाँ का पोता बोला,

अपना भी बैंक बैलेंस होता,

अगर दादा आशिक मिजाज़ न होता !!!!!!!
 
दोस्त है ना कोई दुश्मन है
तेरा शहर कितना वीरान
यहाँ किसका चेहरा देखू
सब है मुझसे अन्जान
कि
से कहू मेरे साथ चल
सब के सब परेशान
कल तक जो था
वो इश्क का जूनून था
आज जो तन्हाई है
वो उसका वरदान
 
You are most beautiful in world
Your eyes are like a lake and beauty is earned
I have no courage to be in your proximity
It is uncertain to be favoured by your pity
 
4 laine aur..

बिखरे सुरों में खोयी एक साज़ चुरायी जाये,
दफन लम्हों में सोयी एक याद चुरायी जाये,
हर दिल की ख्वाहिस हो या मजबूरी सुनने की,
तन्हाई में गूंजती, उनकी आखिरी बात चुरायी जाये.
 
4 laine aur..

बिखरे सुरों में खोयी एक साज़ चुरायी जाये,
दफन लम्हों में सोयी एक याद चुरायी जाये,
हर दिल की ख्वाहिस हो या मजबूरी सुनने की,
तन्हाई में गूंजती, उनकी आखिरी बात चुरायी जाये.
 
वह तारा


वह जो तारा
देख मचल गया
धरती का अन्धकार
"जाऊंगा मैं मिटाऊंगा" वह बोला
हँसे सब तारे बोले देखो यह नया अनोखा
अब तक क्या तू सोया था
आज यह जो तम देखा
रे नन्हे तू बीच हमारे टिमटिमाता
हमसे शोभित इस नभ मैं शोभा पता
पर रे सुन नादाँ धरती बहुत बड़ी है
और पथ है यह बहुत बड़ा
पर वह नहीं माना चला मिटने
तम धरती का
नैश पथ दुर्गम बहुत था
उस पर अनवरत संघर्ष था
धरती पर आते वह साहसी हो गया शेष
ये अनंत तारे अनन्त तक टिमटिम करते
बुझ जायेंगे पर क्या उसका
बलिदान व्यर्थ हो जाएगा
अरे नहीं उसे तो उस दिन ही जाने कितने नेत्र
अनिमेष देख देख रहे थे
वह क्षीण क्षणिक अलोक रेख थी आँखों मैं इक
चमक भर गयी
मिटते तारे की वह प्रभा
नवसिर्जन की उमंग भर गयी.​
 
सुनामी करवा देती है, नाविक की ताकत का एहसास,
दूरीयाँ बता देती है, प्यार की गहरायी का एहसास;
उभरता है कौशल अ-राही, हर किसी के परखने से,
संयम ही देता है, हर मजबूरी से लड़ने का एहसास.
 
कल की उम्मीद में हैं, हम आज जिन्दा,
मंजिल की उम्मीद में है काफीला बना,
राह भी थमी है, एक राही की उम्मीद में,
इसी के दम पर है दिल की धड्कन जवां !!
 
हर मुस्किल में, जब एक हाँ की जरुरत होती है,
हर मोड़ में, जब एक नयी डगर चुननी होती है,
जब हर आश में जब किसी की आश तलाशी जाती है,
तब राही, हमसफ़र की पलकें ही याद आती है !!
 
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