anjali ji , please can you put in meanings as well!
nice compilations all!
please put the meaning as well so that we can all learn something !![]()
घर से बाप्पू की किसी बात पे वोह घने छो में लिकड़ता है, मन में छो के मारे आग लगी हुई थी , उसी सन्दर्भ में ये दोहा है
मैं जाट पिता का लाड़ला पुत्र हूँ, मुझे प्यास लगी है । मेरे मन में जो आग लगी है वह बिना पानी पिए नहीं बुझेगी । हालाँकि रास्ते में पक्का कुआँ बना हुआ है लेकिन न जाने किस पापी ने यह ज़ुल्म किया है कि उस पर डोल नहीं रखा है ।