Haryana Tasveero Mein (Continued)

Kindly educate me on the difference in meaning of the word Haryana vs hariyana and hardwar vs haridwar. Thanks in advance!

धन्यवाद, रवीन्द्र। अगर कई लोग प्रयास करें तो गलती सुधारी भी जा सकती है। आपकी तरह गांव के दूसरे लोग भी अगर "भाऊ अकबरपुर" लिखना शुरू कर दें तो बात बन सकती है। ग्राम पंचायत के लोग सड़क पर लगे बोर्डों पर यह नाम लिखें तो जल्दी ही बात बन सकती है।

जैसे आजकल 'हरियाणा' लिखा जा रहा है, जबकि सही शब्द 'हरयाणा' है। इतिहासकार स्वामी ओमानन्द जी ने अपनी सभी इतिहास पुस्तकों में हरयाणा ही लिखा है। मैं भी हर जगह हरयाणा ही लिखता हूं। इसी तरह हरिद्वार की बजाय हरद्वार लिखता हूं, जो बिल्कुल सही है। आप सब भी हरयाणा ही लिखना शुरू करो और दूसरों को भी बताओ। जो अपने जानकार हैं और पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखते हैं, उनको भी समझाओ कि हरयाणा ही लिखें। कुछ समय बाद सब ठीक हो जायेगा, चाहे सरकार बेशक गलत शब्द लिखती रहे।

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Kindly educate me on the difference in meaning of the word Haryana vs hariyana and hardwar vs haridwar. Thanks in advance!

The explanation is rather lengthy. Better please read the book "Veerbhoomi Haryana" written by late Swami Omanand, which explains the meaning of the word "Haryana" in detail. I had prepared an electronic version of this book and uploaded at Jatland Wiki. It can be read at following link:

http://www.jatland.com/home/Veerbhoomi_Haryana

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धन्यवाद, रवीन्द्र। अगर कई लोग प्रयास करें तो गलती सुधारी भी जा सकती है। आपकी तरह गांव के दूसरे लोग भी अगर "भाऊ अकबरपुर" लिखना शुरू कर दें तो बात बन सकती है। ग्राम पंचायत के लोग सड़क पर लगे बोर्डों पर यह नाम लिखें तो जल्दी ही बात बन सकती है।

जैसे आजकल 'हरियाणा' लिखा जा रहा है, जबकि सही शब्द 'हरयाणा' है। इतिहासकार स्वामी ओमानन्द जी ने अपनी सभी इतिहास पुस्तकों में हरयाणा ही लिखा है। मैं भी हर जगह हरयाणा ही लिखता हूं। इसी तरह हरिद्वार की बजाय हरद्वार लिखता हूं, जो बिल्कुल सही है। आप सब भी हरयाणा ही लिखना शुरू करो और दूसरों को भी बताओ। जो अपने जानकार हैं और पत्र-पत्रिकाओं में लेख लिखते हैं, उनको भी समझाओ कि हरयाणा ही लिखें। कुछ समय बाद सब ठीक हो जायेगा, चाहे सरकार बेशक गलत शब्द लिखती रहे।

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देशवाल जी में ते सब थां ,हरयाणा-ए लिखूँ सूं ,मेरी किहे भी पोस्ट में हरियाणा नहीं लिख्या पावेगा। "हरी" का मतलब स"बन्दर " अर "हर" के दो मतलब सें ,एक मतलब स "भगवान्" ,अर दुसरा स "धारण"। जा हाम्म हरियाणा लिखंगे ते मतलब होया "बन्दर प्रदेश " अर ज "हरयाणा" लिखंगे ते होया ईश्वरीय प्रदेश । न्यू -ए हरद्वार ,भी बंदर का द्वार अर ईश्वर का द्वार हो ज्यागा । न्यू-ए मेरा गोत स "बलहारा " ,मतलब स "बल को धारण करने वाला "। यानी बलशाली । पुराणे गरंथा में ज्युकर भारत को भारत वर्ष लिख्या गया स ,न्यू-अ यूरोप हरिवर्ष लिख्या गया स ,यानी बंदरों का प्रदेश ।
 
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छायाचित्र : श्री रणबीर सिंह फोगाट ।
हमारे देश के पश्चिमी और पठारी क्षेत्रों में बाजरे की खेती बड़ी लगन से की जाती है. भादों के तीखे घाम अथवा धुप में सुबह-शाम कुरता निकाल कर पक्षियों से रखवाली करते किसानों को अक्सर मचान या डामचों पर खड़े होकर गोफिया घुमाते हुये हम अक्सर बचपन में देखा करते थे. मेरे ताऊजी ने मुझे भी गोफिया घुमाना और छिटकाना सिखाया था. इसमें चिकनी मिट्टी से बनी एक गोली को बीच में छीके जैसे जाल में रख कर घुमाया जाता है और गति पकडने पर इसके पतली रस्सी वाले छोर को अचानक छोड़ दिया जता है जिससे मिट्टी की गोली बहुत दूर तक जाकर गिरती है और पक्षियों को भयभीत करके उडने को प्रेरित करती है. हरियाणा में अब ऐसे दृश्य दुर्लभ हैं. यही थी हमारी कृषि की गौरवशाली परम्परा
 
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सौजंन्य :- चौ रणबीर सिंह फोगाट ।
The accompanying photographs depict the Baoli or step-well at Meham, ancient town located on the NH-10, 30 kms away towards west. The Baoli was constructed in the medieval period (1556 AD) by Saidu Kalal, a mace-bearer of Emperor of Shah Jehan, the Mughal Emperor of India. It served the purpose until the people neglected it. The structure of the Baoli suffered major damage during the flood of 1995. The restoration took five years to complete but regrettably, no proper study of its structural strength was carried by the ASI in consultation with structural engineers, which protects it. The sub-soil data of the hydrology and movement of water channels in the sub-terrain was not acquired. Therefore, its massive walls again caved in sometime in 2001. Thereafter, it fell into disgrace but still serves as an important landmark. There are more than 60 baolis in the Haryana regions, most of which were erected during the medieval period. It is a matter of concern that most are in state of utter neglect and people living the neighbor hood either through litter in them or defecate at the steps. What a downfall! In India it is said water is God and it is worshiped in the form of Varun but nowadays people only make use of these structures of yore to ease themselves. This improper conduct is one of the reasons for downfall of our society.

इसको ग्यानी चोर की सुरंग भी कहते हैं । ग्यानी ( ज्यानी)गोत्र जट्टों में पाया जाता हे ,और ये ग्यानी जी एक संत और समाज सुधारक थे ,जिनको भाम्नों ने बदनाम करने के लिए चोर के नाम से मशहूर कर दिया ।
 
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