haryanvi boli aur uske anokhe sabad

गेडा ---- घेरा ,चक्कर ,गोल ,वर्ताकार , गेडा मारणा मतलब घूम के आणा |
अपभरंश--- यु शबद हिंदी के घेरा का अपभरंश स | कित-किते गोल थां ने गोल्धरा भी कह दिया करें ,वो भी "गोल दायरा" का अपभरंश स ,घेर शब्द भी जो की डाँगराँ खातर अर नाज, तुड़ा अर बुड्ढ़े मानसं के बेठन की थां हो स ,वो भी इहे शब्द तें बाण रया स |
वाक्य में परयोग --- राकेश ,जा भाई ,खेताँ में गेडा मार्या |
 
शिरणि--- मतलब ते इह का सीधा-सीधा प्रसाद होवे से | ज्युकर कोए मंगलवार का परसाद बांडे ते न्यू कहवेंगे अक शिरणि बांडे स | अप्भारंश--- यु एक दुसरा शबद भी होवे स "शीर" ,इह का मतलब साझे का होवे स | अर शिरणि भी हर उह चीज ने कह दिया करें जो सब के साझे की हो | यु संस्कृत के "सह" यानी की साथ में ,गेल्याँ , शबद तें बन्या होड़ लागे स अर अंग्रेजी का "शेयर" शबद भी इहे तें बन्या होड़ स |
वाक्य में परयोग---- एक कहावत स इह पे "अंधा बांडे शिरणि फिर-फिर आपणे ने दे "|
 
गनठा --- हिंदी /फ़ारसी में इह ने प्याज कह दिया करें |या एक सब्जी हो स |
अपभ्रन्श ---यु शबद लागे ते इस्सा स अक कन्द-मूल आले कन्द तें बनर्या स ,मराठी/गुजरती में एह ने कांदा कहया करें | पर बात या कोणी स यु शबद घण-तह=गन-ठह-गंठा , यानी घणी -तहाँ आला | अंग्रेजी का onion भी न्यू-ए बनर्या स यानी की one -in -one ,यानी की एक के मांह एक | स ना बड़ी अजीब बात |
वाक्य में परयोग --- आपां ते गंठा रोटी खा कें गुजारा कर ल्यां सां |
 
निस्तरना ---- कती बेकार हो जाणा , नीच अर क: फेर असम्माननिया काम करणा |
अपभरंश--- १) यु शबद संस्कृत के शबद निस्तेज का अपभ्रंश लागे स | यानी ढीला या अस्रहानीय कामकरना |
२) निम्न- स्तरीय तें भी यु शबद बनया हो सके स | इह कामतलब भी नीचा काम करणा हो स |

वाक्य में परयोग --- राकेश ,आ भाई ,इस्सा काम नि करणा चाहिए था | तू ते कती निश्तर ग्या |
 
सत्तर --- यु शबद जट्टू में अंग्रेजी के शबद "लाइन" खातर बर्त्या जावे स |
अपभ्रंश --- यु शबद स्तर का बिग्ड्या होया रूप लागे स | पर स्तर ऊँ ते किहे चीज की ऊंचाई अर क: फेर तह खातर भी बर्त्या जावे स जोकि दीखन में लेनाँ बर्गे-ए दीखे सें
वाक्य में प्रयोग --- र मेरी तख्ती प सत्तर मारिये राकेश |
 
धलीज-- यु फ़ारसी भाषा के शबद दहलीज तें बणर्या स यानी बगड़ |
वाक्य में परयोग--- जा र छोरा , यु तशला धलीज में धर दिए |
 
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ड़ठोरा -- किहे का एक ढाल का घमंड करणा अर क: फेर अंग्रेजी में अटीटयुड़ भी कह दिया करें |
अपभ्रन्श --यु शबद दो शबदां के जोड़ तें बणर्या स "ढीठ"= अड़ियल + टौरा = डिठोरा |( इन् दोनु शबदां की न्यारी वाख्या करूंगा)
वाक्य में परयोग--- यु राकेश घणे डिठोरे आला स |
 
धलीज-- यु फ़ारसी भाषा के शबद दहलीज तें बणर्या स यानी बगड़ |
वाक्य में परयोग--- जा र छोरा , यु तशला धलीज में धर दिए |

रविंदर भाई , माहरे यांह तो धलीज़ बगड़ की बजाय entry gate पे बनी गेल्लरी ने कहा करे
 
रविंदर भाई , माहरे यांह तो धलीज़ बगड़ की बजाय entry gate पे बनी गेल्लरी ने कहा करे



आपणी-आपणी सहूलियत के हिसाब तें बोल ले सें लोग | हां म्हारे घरां एक घर के आगे चोकडिया सी बना राखी थी उहने धलीज कह्या करदे | म्हारा पान्ना भी गाम में धलीज कुहावे स | हिंदी में इससे शबद ने चौखट की थां परयोग करें सें | पर इह का सही मतलब हो स बगड़ यानी क:ते एक घर के आगे का खुल्ला आहता अर क: फेर कई घरां के बीचाले (चारुं ओड ने बणे होड़ ) छोड्या होड़ खुल्ला स्थान | म्हारे पान्ने ( ठोला ) ने भी ज्यां तें धलीज कहया करदे अक गाल में बडन तें पहलम एक घणा-ए बड्डा बाहर्ना पार कर के ने भीतर बगड़ में बड़ना पड्या करदा ,बगड़ में चारुं ओड़ ने २०-२५ घर होया करदे जिन के बाहरने बगड़ में खुल्या करदे | रात नु बगड़ के खड़क बंद कर दिया करदे अर बिना बुझे कोए बगड़ में बड भी नि सके था | फारसी भाषा के अनुसार सही अर्थ बगड़ ही स ( कोर्टयार्ड कहयाकरें अंग्रेजी में )( जिह का जट्टों की भाषा पे भोत घणा प्रभाव स अर कदे या भाषा खुद जट्टां की आपणी होया करदी )|
 
हाउ -- का मतलब भूत होया करे | यु शब्द फ़ारसी के "होवा" तें बणर्य़ा स | जिह का मतलब बिना बात का डर बनान्णा या बीठाणा स |
झेरा --
बिना तली के कुंए ने झेरा कह्या करें जट्टू में,यानी जिह कुंए का पानी ख़तम ऩा हो | पर झेरा ,झरा या झरना शबद का अपभरंश स, जिह का मतलब पाणी का इस्सा श्रोत जी खतम ऩा होवे |
 
निखट्टू --- जो बेकार हो किहे काम का ना हो ।
अपभ्रंष ---- नि + खटु , खटना का मतलब काम करणा ,कमाणा ,मेहनत करणा हो स । जो ना कमावे वो निखट्टू ।
वाक्य में परयोग -----
​जो सारे दिन खेत में खटे ,उह ने नींद भोत आंडी आया करे ।
 
आह्दर

भाईसाब इस शब्द के बारे में भी बताइयो ।

प्रयोग : जब कोए बालक अल्बाद करता घूमता हो उसने कह्य करे - क्यों आह्दर उठ रहया सै ?
 
आह्दर

भाईसाब इस शब्द के बारे में भी बताइयो ।

प्रयोग : जब कोए बालक अल्बाद करता घूमता हो उसने कह्य करे - क्यों आह्दर उठ रहया सै ?

अधर --- अ + धर तें बनया होड़ स यु शबद । धर यानी धरा =धरती । यानी जो धरती पे पाँ ना टिकता हो ।
 
चासना ---- जो चीज चानना देवे । बलण / जलण ने भी कदे-कदे चसना कह दिया करें । चुगली कर के ने किहे के घर में रोल करवाण ने भी "चास दी "कह दिया करें ।
अपभ्रंस ----- यु शबद फ़ारसी के आतश (आग)तें बन्या होड़ से । जो के आतश तें बगड़ के आचश अर फेर चश होग्या ।माचश भी इहे शब्द तें बणर्य़ा स ।
वाक्य में परयोग --- आज ते गाल के लट्टू ताव्ले चस्स गे ।
 
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मोक्ला---- यु शबद कई रूप में प्रयोग कर्या जावे स । पर इह का शाब्दिक अर्थ खुल्ल्या आर के फेर फुर्सत के रूप में होवे स ।
अपभरंश----- यु शबद संस्कृत के मोक्ष शबद तें बनया होड़ स ,जिह का मतलब मुक्ति स ।
वाक्य में पर्योग ------ मोक्ला (खुल ) हो के बैठ भाई । काम तें मोक्ला हो के, आ जाइये भाई ।
 
नाड़-- जट्टू में कड़ कानी के भाग ने नाड़ कहवें सें अर छाती कानी के भाग ने घेटुआ ।
अप्भारंश---- नाड़ शबद संस्कृत के नाद शबद तें बन र्या स । नाद यानी आवाज ।ते जट्टू में नाद बिगड़ के ने नाड़ बन ग्या ।यानी wo भाग जो आवाज काढ़े ।
वाक्य में पर्योग -- रे बलध की नाड पे जुआ धर दे ।
 
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