rajpaldular
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अन्ना हजारे, स्वामी रामदेव अथवा अन्य जो भ्रष्टाचार के विरूद्ध लड रहे हैं उनसे कांग्रेस क्यों परेशान है, जानिए कारण:-
१ - सरकार हर वर्ष लोगों से 134 प्रकार के टैक्स से कितना पैसा जमा कराती है और ये पैसे कहा व्यय हो जाते हैं?
२ - मंदिरों का पैसा सरकार किस मद में खर्च कराती है जिसे केवल हिन्दू दान देकर इकठ्ठा करते हैं? बहुत बड़ा प्रश्न है.
३- काले धन का इतिहास क्या है? पहले कपिल सिब्बल ने कहा कोई भी नुकसान २ जी घोटाले में नहीं हुआ है, फिर अहलुवालिया ने कहा कि हाँ कोई घोटाला नहीं हुआ है, फिर मनमोहन सिंह ने कहा कि उसकी जाँच चल रही है, विपक्ष को टालते रहे, राजा जैसा व्यक्ति जिसके पास अपनी मोबाइल को टाप अप करने का पैसा नहीं हो, यदि वह अपनी पत्नी के नाम 3000 करोड़ रुपया मारीशश में जमा कर दे, क्या यह सब बिना सोनिया की जानकारी के कर सकता है, उस पार्टी में जहाँ पर बिना सोनिया के पूछे कोई वक्तव्य तथाकथित प्रवक्ता नहीं दे सकते हैं,
४- फिर आया महा घोटाला देवास-इसरो डील का जिसमें कि 205000 करोड़ की बैंड विड्थ को मात्र 1200 करोड़ के 10 साल के उधार के पैसे में दे दिया गया, भला हो सुब्रमण्यम स्वामी जी का जिन्हें इन चोरो को नंगा कर दिया, हमारी कांग्रेसी और विदेशी मीडिया सुब्रमनियम स्वामी का चित्र सदैव से दोषपूर्ण प्रस्तुत किया है जब कि वास्तव में भारत देश को ऐसे ही कर्तव्यनिष्ट नेताओ की आवश्यकता है जिसने कभी भी चोरी के बारे में सोचा ही नहीं.
५ - फिर आया कामनवेल्थ खेल का 90000 करोड़ का घोटाला, फिर कोयला का घोटाला जिसमे ठेकेदारों द्वारा 10 पैसे प्रति किलो के भाव से कोयला क्रय किया जाता है और उसे बाजार में 4 रुपये किलो तक बेचा जाता है, यह रकम अब तक 26 लाख करोड़ होती है.
६ - इटली के 8 बैंक और switzerland के 4 बैंको को 2005 में भारत में क्यों खोला गया है और इसमे किसका पैसा जमा होता है, ये बैंक किसको लोन देते है और इनका ब्याज क्या है, इनकी आवश्यकता क्यों आ पड़ी भारत में. जब कि भारत के ही बैंकरों की बैंक खोलने के आवेदन सरकार के पास धूल खा रहे हैं , इन बैंको को चोरी छुपे क्यों खोला गया है, इन बैंको की आवश्यकता क्यों है जब भारत में 80% लोग 20 रूपया प्रतिदिन से भी कम कमाते है.
७ -भारत के किसानो से कमीशन लेने वाले चोर कत्रोची के बेटे को अंदमान दीप समूह में तेल की खुदाई का ठेका क्यों दिया गया 2005 में, किसने दिया ठेका, किसके कहने पर दिया ठेका, क्या वहां पर पहले से ही तेल के कुओं का पता लगाकर वह स्थान इसे दे दिया गया जैसे की बहुत बार समाचारों में अन्य संदर्भो में आता है, यह समाचार क्यों छुपाया गया अब तक, इसे देश को क्यों नहीं बताया गया, मीडिया क्यों इसे छुपा गई, और विपक्ष ने इसे मुद्दा क्यों नहीं बनाया?
८ - सरकार ने पहले कहा कि बाबा बकवास कर रहे हैं, काला धन नाम की कोई वस्तु नहीं है, फिर सूचना आयी कि काला धन है और सबसे अधिक भारतीयों का है, यह स्विस बैंको के अलावा 70 और दूसरे देशों में जमा है.
९ - सरकार ने कहा कि टैक्स चोरी का मामला है, हम उन देशो से समझौते कर रहे हैं, जिससे कि दोहरा कर न देना पड़े, यह टैक्स चोरी नहीं भारत देश को लूट डालने का मामला है
१० - फिर बात आई कि यदि ये भ्रष्टाचारी और लुटेरे इसमे से 15% टैक्स सरकार को दे तो इसे भारत के बैंको में जमा करने दिया जायेगा और किसी को यह अधिकार नहीं होगा कि वह पूछे अथवा इतना पैसा कैसे कमाया अथवा लूटा. सरकार इस पर एक कानून क्यो नही ला रही है, किसको बचाया जा रहा है?
११ - यूरिया घोटाला है और यूरिया किसान को दुगुने दाम में विक्रय जाता है, फिर गेहूं सस्ते में क्रय किया जाता है, हम अभी तक सुरक्षित अन्न भण्डारण की व्यवस्था क्यों नहीं बना पाए जब कि हमारे पास धन की कमी ही नहीं है, क्योकि अन्न को सडा दिखाकर उसे कौड़ियो के भाव शराब माफिया को बेचा जाता है जब कि निर्धन, अन्न बिना मर रहा है.
१२ - हमारे देश में क्यों अनुसन्धान के लिए पर्याप्त धन नहीं दिया जाता है, यह किसकी चाल है, जिसके कारण से हम 5-10 गुना दाम में विदेशी वस्तुएं क्रय करते हैं, क्या कारण है कि हमारे देश में एक भी सोलर ऊर्जा वैज्ञानिक नहीं है और संसार भर के परमाणु वैज्ञानिक हैं जो हमें सदैव असत्य आश्वाशन देते हैं कि यह परमाणु बिजली सस्ती और निरापद है भारत का परमाणु से सम्बंधित कुल बाजार 750 लाख करोड़ का होगा. जब कि हम भारत में 400000 मेगावाट सोलर बिजली बना सकते है,
१३ - ऐसे कौन से कारण हैं जिनके कारण हम नेहरू के द्वारा ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर एग्रीमेंट 14 अगस्त 1947 को हस्ताक्षर करने के पश्चात भी आज तक विकसित नहीं बन पाए, जब कि हमारी जनता सप्ताह में 90 घंटे काम करती है जबकि कामचोर अंग्रेज सप्ताह में केवल 30 घंटे काम करते हैं.
१४ - क्या कारण है कि हमारे 45 रुपये में 1 डालर और 90 रुपये में 1 पौंड मिलता है, जब कि 1947 में 1 रुपये में 1 डालर मिलता था.
१५ - मीडिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, मीडिया, टीवी और पत्रिकाएं सरकार को बिक जाती हैं और निराधार और झूठ को भी सच बताकर प्रस्तुत करती हैं.
१६ - यदि देश में 2 लाख करोड़ रुपये की नकदी सर्कुलेशन में है तो देश की अर्थव्यवस्था लगभग 100 लाख करोड़ रुपयों की होती है. और हमारे देश में रिजर्व बैंक अबतक लगभग 18 लाख करोड़ रुपयों के नोट छाप चुका है और कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन में है. इस गणना से देश की अर्थव्यवस्था लगभग 400 से 500 लाख करोड़ रुपये होनी चाहिए किन्तु अभी हमारी अर्थव्यवस्था केवल 60 लाख करोड़ की है. जबकि इतनी अर्थव्यवस्था के लिए दो लाख करोड़ से भी कम सर्कुलेशन मनी की आवश्यकता है.
१७ - यदि 400 लाख करोड़ रूपये का काला धन देश में वापिस आ जाता है तो देश की अर्थव्यवस्था लगभग 20,000 लाख करोड़ रुपये होगी ... क्या आप जानते हैं कि इस समय अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है और उसकी अर्थव्यवस्था लगभग 650 लाख करोड़ रुपये की है... अर्थात 400 लाख करोड़ रुपये वापिस मिलने पर हम अमरीका से 30 गुना शक्तिशाली बन सकते हैं.
१ - सरकार हर वर्ष लोगों से 134 प्रकार के टैक्स से कितना पैसा जमा कराती है और ये पैसे कहा व्यय हो जाते हैं?
२ - मंदिरों का पैसा सरकार किस मद में खर्च कराती है जिसे केवल हिन्दू दान देकर इकठ्ठा करते हैं? बहुत बड़ा प्रश्न है.
३- काले धन का इतिहास क्या है? पहले कपिल सिब्बल ने कहा कोई भी नुकसान २ जी घोटाले में नहीं हुआ है, फिर अहलुवालिया ने कहा कि हाँ कोई घोटाला नहीं हुआ है, फिर मनमोहन सिंह ने कहा कि उसकी जाँच चल रही है, विपक्ष को टालते रहे, राजा जैसा व्यक्ति जिसके पास अपनी मोबाइल को टाप अप करने का पैसा नहीं हो, यदि वह अपनी पत्नी के नाम 3000 करोड़ रुपया मारीशश में जमा कर दे, क्या यह सब बिना सोनिया की जानकारी के कर सकता है, उस पार्टी में जहाँ पर बिना सोनिया के पूछे कोई वक्तव्य तथाकथित प्रवक्ता नहीं दे सकते हैं,
४- फिर आया महा घोटाला देवास-इसरो डील का जिसमें कि 205000 करोड़ की बैंड विड्थ को मात्र 1200 करोड़ के 10 साल के उधार के पैसे में दे दिया गया, भला हो सुब्रमण्यम स्वामी जी का जिन्हें इन चोरो को नंगा कर दिया, हमारी कांग्रेसी और विदेशी मीडिया सुब्रमनियम स्वामी का चित्र सदैव से दोषपूर्ण प्रस्तुत किया है जब कि वास्तव में भारत देश को ऐसे ही कर्तव्यनिष्ट नेताओ की आवश्यकता है जिसने कभी भी चोरी के बारे में सोचा ही नहीं.
५ - फिर आया कामनवेल्थ खेल का 90000 करोड़ का घोटाला, फिर कोयला का घोटाला जिसमे ठेकेदारों द्वारा 10 पैसे प्रति किलो के भाव से कोयला क्रय किया जाता है और उसे बाजार में 4 रुपये किलो तक बेचा जाता है, यह रकम अब तक 26 लाख करोड़ होती है.
६ - इटली के 8 बैंक और switzerland के 4 बैंको को 2005 में भारत में क्यों खोला गया है और इसमे किसका पैसा जमा होता है, ये बैंक किसको लोन देते है और इनका ब्याज क्या है, इनकी आवश्यकता क्यों आ पड़ी भारत में. जब कि भारत के ही बैंकरों की बैंक खोलने के आवेदन सरकार के पास धूल खा रहे हैं , इन बैंको को चोरी छुपे क्यों खोला गया है, इन बैंको की आवश्यकता क्यों है जब भारत में 80% लोग 20 रूपया प्रतिदिन से भी कम कमाते है.
७ -भारत के किसानो से कमीशन लेने वाले चोर कत्रोची के बेटे को अंदमान दीप समूह में तेल की खुदाई का ठेका क्यों दिया गया 2005 में, किसने दिया ठेका, किसके कहने पर दिया ठेका, क्या वहां पर पहले से ही तेल के कुओं का पता लगाकर वह स्थान इसे दे दिया गया जैसे की बहुत बार समाचारों में अन्य संदर्भो में आता है, यह समाचार क्यों छुपाया गया अब तक, इसे देश को क्यों नहीं बताया गया, मीडिया क्यों इसे छुपा गई, और विपक्ष ने इसे मुद्दा क्यों नहीं बनाया?
८ - सरकार ने पहले कहा कि बाबा बकवास कर रहे हैं, काला धन नाम की कोई वस्तु नहीं है, फिर सूचना आयी कि काला धन है और सबसे अधिक भारतीयों का है, यह स्विस बैंको के अलावा 70 और दूसरे देशों में जमा है.
९ - सरकार ने कहा कि टैक्स चोरी का मामला है, हम उन देशो से समझौते कर रहे हैं, जिससे कि दोहरा कर न देना पड़े, यह टैक्स चोरी नहीं भारत देश को लूट डालने का मामला है
१० - फिर बात आई कि यदि ये भ्रष्टाचारी और लुटेरे इसमे से 15% टैक्स सरकार को दे तो इसे भारत के बैंको में जमा करने दिया जायेगा और किसी को यह अधिकार नहीं होगा कि वह पूछे अथवा इतना पैसा कैसे कमाया अथवा लूटा. सरकार इस पर एक कानून क्यो नही ला रही है, किसको बचाया जा रहा है?
११ - यूरिया घोटाला है और यूरिया किसान को दुगुने दाम में विक्रय जाता है, फिर गेहूं सस्ते में क्रय किया जाता है, हम अभी तक सुरक्षित अन्न भण्डारण की व्यवस्था क्यों नहीं बना पाए जब कि हमारे पास धन की कमी ही नहीं है, क्योकि अन्न को सडा दिखाकर उसे कौड़ियो के भाव शराब माफिया को बेचा जाता है जब कि निर्धन, अन्न बिना मर रहा है.
१२ - हमारे देश में क्यों अनुसन्धान के लिए पर्याप्त धन नहीं दिया जाता है, यह किसकी चाल है, जिसके कारण से हम 5-10 गुना दाम में विदेशी वस्तुएं क्रय करते हैं, क्या कारण है कि हमारे देश में एक भी सोलर ऊर्जा वैज्ञानिक नहीं है और संसार भर के परमाणु वैज्ञानिक हैं जो हमें सदैव असत्य आश्वाशन देते हैं कि यह परमाणु बिजली सस्ती और निरापद है भारत का परमाणु से सम्बंधित कुल बाजार 750 लाख करोड़ का होगा. जब कि हम भारत में 400000 मेगावाट सोलर बिजली बना सकते है,
१३ - ऐसे कौन से कारण हैं जिनके कारण हम नेहरू के द्वारा ट्रांसफर ऑफ़ पॉवर एग्रीमेंट 14 अगस्त 1947 को हस्ताक्षर करने के पश्चात भी आज तक विकसित नहीं बन पाए, जब कि हमारी जनता सप्ताह में 90 घंटे काम करती है जबकि कामचोर अंग्रेज सप्ताह में केवल 30 घंटे काम करते हैं.
१४ - क्या कारण है कि हमारे 45 रुपये में 1 डालर और 90 रुपये में 1 पौंड मिलता है, जब कि 1947 में 1 रुपये में 1 डालर मिलता था.
१५ - मीडिया को निष्पक्ष बनाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, मीडिया, टीवी और पत्रिकाएं सरकार को बिक जाती हैं और निराधार और झूठ को भी सच बताकर प्रस्तुत करती हैं.
१६ - यदि देश में 2 लाख करोड़ रुपये की नकदी सर्कुलेशन में है तो देश की अर्थव्यवस्था लगभग 100 लाख करोड़ रुपयों की होती है. और हमारे देश में रिजर्व बैंक अबतक लगभग 18 लाख करोड़ रुपयों के नोट छाप चुका है और कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये सर्कुलेशन में है. इस गणना से देश की अर्थव्यवस्था लगभग 400 से 500 लाख करोड़ रुपये होनी चाहिए किन्तु अभी हमारी अर्थव्यवस्था केवल 60 लाख करोड़ की है. जबकि इतनी अर्थव्यवस्था के लिए दो लाख करोड़ से भी कम सर्कुलेशन मनी की आवश्यकता है.
१७ - यदि 400 लाख करोड़ रूपये का काला धन देश में वापिस आ जाता है तो देश की अर्थव्यवस्था लगभग 20,000 लाख करोड़ रुपये होगी ... क्या आप जानते हैं कि इस समय अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है और उसकी अर्थव्यवस्था लगभग 650 लाख करोड़ रुपये की है... अर्थात 400 लाख करोड़ रुपये वापिस मिलने पर हम अमरीका से 30 गुना शक्तिशाली बन सकते हैं.