Mera Intzaar Karna !

वह हसीन लम्हा तो कब का गुजर गया
ज़िसके इंतज़ार में रात का हर पहर गया
समझाते हैं कि वक्त पर सो जाना चाहिये
शायद किसी का मोहब्बत से जी भर गया
 
जुदा होने के मौसम में जुदा होना जरूरी था,,,
न जाने क्यों किसी का बेवफा होना जरूरी था,,,
मेरे दिल ने जो इस को पूजने कि इन्तहा कर दी,,,
तो फिर उस बेवफा का भी खुदा होना ज़रूरी था,,,
किसी से कोई भी शिकवा न कोई भी शिकायत है,,,
जो मेरे साथ चाहत में हुआ होना जरूरी था,,,
बहुत नज़दीक थे दिल इसलिए अब दूरियां भी हैं,,,
दिलों के दरमियाँ कुछ फासला होना जरूरी था,,,
उसे भी दर्द देने का बहुत ही शौक था मुझको ,,,
हमें भी दर्द-ओ-गम से आशना होना ज़रूरी था...




 

मेरे दिल ने जो इस को पूजने कि इन्तहा कर दी,,,
तो फिर उस बेवफा का भी खुदा होना ज़रूरी था,,,
किसी से कोई भी शिकवा न कोई भी शिकायत है,,,
जो मेरे साथ चाहत में हुआ होना जरूरी था,,,

Beautiful..........................
 
Fir usi chaand se rishta bana baithe,,,फिर उसी चाँद से रिश्ता बना बैठे,,,
Fir uski saadgi se dhokha kha baithe,,,फिर उसी सादगी से धोखा खा बैठे,,,
Patharon se the tallukat hamare,,,पत्थरों से थे ताल्लुकात हमारे,,,
Fir bhi sheeshe ka ghar bana baithe...फिर भी शीशे का घर बना बैठे....



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Ek harf tasalli ka ek lafz mohabbat ka,,,एक हर्फ़ तसल्ली का एक लफ्ज़ मोहब्बत का,,,
Khud apne liye usne likha to bahut roya,,,खुद अपने लिए उसने लिखा तो बहुत रोया,,,
Pahle bhi shikaston pe khaai thi shikast usne,,,पहले भी शिकस्तों पे खाई थी शिकस्त उसने,,,
Lekin vo tere hathon haara to bahut roya...लेकिन वो तेरे हाथों हारा तो बहुत रोया...


 
Last edited:
Meri chaahat ka safar isliye dushwaar raha,,,मेरी चाहत का सफर इसलिए दुश्वार रहा,,,
Main mohabbat main wafaon ka talabgaar raha,,,मैं मोहब्बत में वफाओं का तलबगार रहा,,,
Ho gaye saare gile door, juda hote hii,,,हो गए सारे गिले दूर, जुदा होते ही,,,
Gamzada wo hai, na main uska talabgaar raha...गमज़दा वो है, न मैं उसका तलबगार रहा...
 
Dost kya khoob wafaon ka sila dete hain,,,
Har naye mod pe ek dard naya dete hain,,,
Tum se to khair ghadi bhar ki mulakaat rahi,,,
Log sadiyon ki rafaqat bhula dete hain,,,
Kaise mumkin hai dhuaan bhi na ho or dil bhi jale,,,
Chot padti hai to pathar bhi sada dete hain,,,
Kon hota hai museebat main kisi ka e-dost,,,
Aag lagti hai to patte bhi hawa dete hain,,,
Jin pe hota hai dil ko khud se bhi jyada bharosa,,,
Waqt padne pe wohi log dhokha dete hain...





 
दोस्त जो भी मिला दिल मेरा जला कर गया,,,
ख़ाक में मेरी हस्ती मिला कर गया,,,
प्यास जिसकी सदा में बुझाता रहा,,,
ज़हर-ए-कातिल मुझे वो पिला कर गया,,,
नाज़ उसकी वफ़ा पर मुझे था मगर,,,
तीर वो भी जिगर पर चला कर गया,,,
ढूँढता था कभी जो मुझे हर गली,,,
आँख वो आज मुझसे बचा कर गया,,,
मांगता था सहारा जो हरदम मुझसे,,,
बेसहारा मुझे वो बना कर गया...


 
Dil udaas hai bahut koi paigaam to likh do,,,दिल उदास है बहुत कोई पैगाम तो लिख दो,,,
Apna naam na likho,gumnaam hii likh do,,,अपना नाम न लिखो,गुमनाम ही लिख दो,,,
Meri kismat main gam-e-tanhai hai lekin,,,मेरी किस्मत में गम-ए-तन्हाई है लेकिन,,,
Tamaam umar na likho,ek shaam hii likh do,,,तमाम उम्र न लिखो,एक शाम ही लिख दो,,,
Zaroori nahin ki mil jaye sukoon har kisi ko,,,ज़रूरी नहीं कि मिल जाए सुकून हर किसी को,,,
Sar-e-bazam na aao,magar benaam hii likh do,,,सर-ए-बज़्म न आओ,मगर बेनाम ही लिख दो,,,
Jaanta hoon kii umar bhar tanha rahna hai,,,जानता हूँ की उम्र भर तनहा रहना है,,,
Pal do pal ghadi do ghadi,mere naam hii likh do,,,पल दो पल घडी दो घडी,मेरे नाम ही लिख दो,,,
Maan lete hain sazaa ke mustahiq thehre ham,,,मान लेते हैं सज़ा के मुस्तहिक ठहरे हम,,,
Koi inaam na likho,kam se kam koi ilzaam hii likh do...कई इनाम न लिखो,,,कम से कम कोई इलज़ाम ही लिख दो...


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बहुत याद आये भुलाते भुलाते,तुम्हें जिंदगी से मिटाते मिटाते,,,
भुलाने कि तुमको निकालेंगे सूरत,बहाने बनेंगे बनाते बनाते,,,,
ना बन जाए नासूर ये रफ्ता रफ्ता,कोई ज़ख़्म गहरा छुपाते छुपाते,,,
सिखाया थे जिसने हमें मुस्कुराना,उसी ने रुलाया हंसाते हंसाते...




 
इतना तो हुआ ए-दिल एक शक्स के जाने से,,,
बिछड़े हुए मिलते हैं कुछ दोस्त पुराने से,,,
एक आग है जंगल की रुसवाई का चर्चा भी,,,
दुश्मन भी चले आये हैं मिलने के बहाने से,,,
अब मेरा सफर तन्हा अब उसकी जुदा मंजिल,,,
पूछो न पता उसका तुम मेरे ठिकाने से,,,
रोशन हुए वीराने खुश हो गई दुनियां भी,,,
कुछ हम भी सूकू से हैं घर अपना जलाने से,,,
रुसवाई तो वैसे भी तकदीर है आशिक की,,,
जिल्लत भी मिली हमको उल्फत के फ़साने से...
 
एक शक्स पास रह के भी समझा नहीं मुझे,,,
इस बात का मलाल है शिकवा नहीं मुझे,,,
मैं उस को बेवफाई का इलज़ाम कैसे दूं,,,
उसने तो इबादत से ही चाहा नहीं मुझे,,,
पत्थर समझ के पांव से ठोकर लगा दिया,,,
अफ़सोस तेरी आँख ने परखा नहीं मुझे,,,
क्या उम्मीदें बाँध कर आया था सामने,,,
उस ने तो आँख भर के भी देखा नहीं मुझे....
 
Mujhe jeene ki ummeed dobara de do,,,मुझे जीने कि उम्मीद दोबारा दे दो,,,
Meri doobti kashti ko kinara de do,,,मेरी डूबती कश्ती को किनारा दे दो,,,
Main dard ke sahil pe tanha khada hoon,,,मैं दर्द के साहिल पे तनहा खड़ा हूँ,,,
Phir aake apni baahon ka sahara de do,,,फिर आके अपनी बाहों का सहारा दे दो,,,
Tera daaman to bhara hai sitaron se,,,तेरा दामन तो भरा है सितारों से,,,
Mujhe sadke main ek sitara de do,,,मुझे सदके में एक सितारा दे दो,,,
Mere aangan main aaj andhera hai bahut,,,मेरे आँगन में आज अँधेरा है बहुत,,,
Meri dahleez ko phir apna nazaara de do,,,मेरी दहलीज़ को फिर अपना नज़ारा दे दो,,,
Chand lamhe tujhe dekhne ki hasrat hai,,,चंद लम्हे तुझे देखने कि हसरत है,,,
Maine kab kaha waqt apna mujhe saara de do....मैंने कब कहा वक्त अपना मुझे सारा दे दो....



 
ना ही तेरे आने की खुशी
ना ही तेरे जाने का गम
आज मुझे समझ आ गया
हर साल बदलता है मौसम
 
न चाहते हुए भी हमको वो सता ही जाते हैं
राज की बातें आखिर चुपके से बता ही जाते हैं ।
हज़ार बार कहा कि प्यार नाम है कुरबानी का
लेकिन वो मोहब्बत का हक जता ही जाते हैं ॥
 
Vo khafa hain hamse to khafa hee rahne do,,,
Hamko unka gunahgar hee rahne do,,,
Wo samjhte hain ke hamne chhod diya unko,,,
Baat to jhoot hai magar sach hee rahne do,,,
Muddaton mangi hai khuda se khushiyan unki,,,
Jo aata hai ilzaam ham pe ilzaam he rahne do,,,
Unki shart hai k main bewafa banu,,,
Agar khushi mile unko to mujhe bewafa he rahne do,,,
Aayega waqt to dikhayenge unko apna Zakham,,,
Abhi khamosh hain hamko bas khamosh he rahne do....













 
Last edited:
Pal main doori ho jaati hai,,,
Zaat adhoori ho jaati hai,,,
Aankhon main neend aati nahin,,,
Raat poori ho jaati hai,,,
Pehle to hoti hai chaahat,,,
Phir majboori ho jaati hai,,,
Tanhaai jab bol pade to,,,
Baat jaroori ho jaati hai,,,
Kuch logon ki lamha bhar main,,,
Khwahish poori ho jaati hai,,,
Had se pyaar guzar jaaye to,,,
Aksar doori ho jaati hai....
 
सोचा न था कि ऎसे भी जमाने आयेंगे
वो फ़िर से अपना दिल बहलाने आयेंगे |
जिसे भूल जाने में जिन्दगी गुजार दी
फ़िर वही बात हमें याद दिलाने आयेंगे ||
 
फ़ायदा इस कदर भी ना उठा मेरी चाहत का
आखिर आ ही जायेगा कभी दिन कयामत का |
आजाद परिंदे सा उङ जाउँगा जब किसी दिन
शायद तभी यकीन आयेगा मेरी मोहब्बत का ||
 
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