Rakesh Pher Susrad Mein !

samarkadian

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सुसराडिया तायी ककड़ी खवाए ने घना टेम न होया था अर राकेश फेर जा लिया सुसराड़ ! सांझ न इसकी सासू ने इसके रोटी गाल दी आर थाली में साडे-ग्यारह(11.50) रपिये धर दिए.

राकेश बोल्या -जी ये रपिये क्या नाम के धर दिए ?
सासू बोली - बेटा पुरे गाम में खांड सापड री स ,ये रपिये उसके नाम ए स !
राकेश न रोटी खायी अर थाली म अट्ठन्नी धर दी !
सासु बोली - बेटा या अट्ठन्नी क्या नाम की ?
राकेश - जी या खांड झूठी छोड़ दी है !
 
Samar ka biyah

समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दीView attachment 12048 हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !
 
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समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दी हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !

Hahahhahahaa ha ha ha ha, bahut badhiya Rakesh.
 
समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दीView attachment 12048 हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !

samar te kati leelaa banaa diyaa aaj.
 
समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे
समर भाई खातर अहहह्हहहहहहह्हहह्हा ,,,,किल्कीईईईईईईईईईई,,,
 
tanne kyun chep diya bhai, koi poochhad ki trally khali kar dega ispe.

समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दीView attachment 12048 हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !
 
समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा ......


राकेश, समर का ब्याह तै हो-ग्या था पर उसकी सासू घणी कंजूस थी । वो जब भी ससुराल जाता तो उसकी सासू प्याज और चटनी रख देती और चटनी में घणी मिर्च होया करती ।

एक बै न्यूं होया अक समर जिस जगह खाना खाने बैठा था, उसकै धोरै एक खांड की बोरी भरी धरी थी ।

चटणी तैं उसका मुंह घणा कसूता जळ-ग्या । उसनै गोझ म्हां तैं अठन्नी काढ़ी अर खांड की बोरी कान्हीं हाथ करकै आपणी सासू तैं बोल्या - "सासू जी, अठन्नी की (खांड) मोल ए दे दे !"

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Aajkal bhai rakesh pe ghane chutkale jode jare hain par yo kasuta manas se mhara yaar. ek ek ne dho de hai bina pani.
 
Aajkal bhai rakesh pe ghane chutkale jode jare hain par yo kasuta manas se mhara yaar. ek ek ne dho de hai bina pani.

तोड़ तो देसवाल साहब ने कर दिया इसका बियाह करवा के ! आज के समर थम्ब्या थम्बे है !
 
hahahahhaaaaa ....for samar
hahahaha he hehehehe ho hoho ho ho... for Rakesh
hahahahhahah.. :) :) :D rofl for Deshwal saab,

KILKIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII ,,,,is sabat thread khatir.......
 
समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दीView attachment 12048 हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !

ghana kasuta reply mara....
or sab se badhiya aap k use kiye hue do icons......
 
समर भोत दुखी बियाह होण नहीं लग रहया !किसे ने सलाह दी जे सर पे मोड़ बांध के गाम में हांड लेगा तो तावला बियाह हो जागा समर तो पकड़ के सात बजे आले बस पहुँच गया शहर आर बैठ गया दुकान आगे ३ घंटे पाछे दुकान खुली आर खुलते ए साथ समर ने करवा दी दुकानदार की पांच सौ की बोहनी अर पहुँचते ए गाम आले अड्डे पे टेक के मोड़ चल पड़ा घर कानी ! इब लोग देखे तमासा अर बालका की भीड़ किलकी मारते मारते गेल्या हो ली !गाम में रुक्का पाट गया सरपंच ने देख्या तमाशा अर पुलिस बुला ली ! मामे आंदे ए बिठा लेगे समर ने जिपड़ी में अर ले जया के थाने में गेर के फर्श पे आन मिलो सजना गेल्या सेठ पेठ करवा दीView attachment 12048 हांडे थाने में मोड़ के तोते उड़ते ! समर लगया हाथ जोडन जी गलती होगी आगे नहीं होवे बकस दयो थानेदार बोल्या भाज जया! समर लगया उल्टा चालन थानेदार बोल्या तेरे इस मोड़ ने ठा ले जया! समर बोल्या जी रेहान दयो मोड़ जित खुले उड़े ए रह जाया करे !

gajab dha diya is joke ne toh........
 
सुसराडिया तायी ककड़ी खवाए ने घना टेम न होया था अर राकेश फेर जा लिया सुसराड़ ! सांझ न इसकी सासू ने इसके रोटी गाल दी आर थाली में साडे-ग्यारह(11.50) रपिये धर दिए.

राकेश बोल्या -जी ये रपिये क्या नाम के धर दिए ?
सासू बोली - बेटा पुरे गाम में खांड सापड री स ,ये रपिये उसके नाम ए स !

Bhaut badhiya se.
Is trehen ke joke main Haryanvi khusbu aave se.
Koi Haryanvi he aaisa joke soch sakta he.
राकेश न रोटी खायी अर थाली म अट्ठन्नी धर दी !
सासु बोली - बेटा या अट्ठन्नी क्या नाम की ?
राकेश - जी या खांड झूठी छोड़ दी है !
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Bahut aachha hai. Aisa joke Haryanvi khusbu deta hai. Aisa joke wohi soach sakta hai jis ne Haryanvi culture
ko khud jiya hai. Is tareihn ke joke se kam se kam shahar mein rahane waale baacho ko to pata chalega ke
hamari culture mein is terehan ki baaten be hain.
 
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