samarkadian
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सुसराडिया तायी ककड़ी खवाए ने घना टेम न होया था अर राकेश फेर जा लिया सुसराड़ ! सांझ न इसकी सासू ने इसके रोटी गाल दी आर थाली में साडे-ग्यारह(11.50) रपिये धर दिए.
राकेश बोल्या -जी ये रपिये क्या नाम के धर दिए ?
सासू बोली - बेटा पुरे गाम में खांड सापड री स ,ये रपिये उसके नाम ए स !
राकेश न रोटी खायी अर थाली म अट्ठन्नी धर दी !
सासु बोली - बेटा या अट्ठन्नी क्या नाम की ?
राकेश - जी या खांड झूठी छोड़ दी है !
राकेश बोल्या -जी ये रपिये क्या नाम के धर दिए ?
सासू बोली - बेटा पुरे गाम में खांड सापड री स ,ये रपिये उसके नाम ए स !
राकेश न रोटी खायी अर थाली म अट्ठन्नी धर दी !
सासु बोली - बेटा या अट्ठन्नी क्या नाम की ?
राकेश - जी या खांड झूठी छोड़ दी है !