रामबिलास शर्मा तथा अनिल विज का बयान पक्षपातपूर्ण : सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवासिंह सांगवान ने जाट धर्मशाला में संगठन के कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रामबिलास शर्मा तथा भाजपा नेता अनिल विज ने हरियाणा के जाटों के आरक्षण का जाति आधार पर विरोध किया है। उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन नेताओं के बयान सरासर जाट समाज के प्रति नफरत को दर्शा रहे हैं क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि वर्ष 1950 से अनुसूचित जाति तथा जनजातियों को जाति के आधार पर संविधान के अनुसार आरक्षण दिया हुआ है तथा मंडल आयोग के तहत 3716 जातियों को पिछड़ी जाति मानकर सन् 1990 से आरक्षण दिया हुआ है। इसके अतिरिक्त राजस्थान के जाटों को केंद्र स्तर पर तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सन् 1999 से तथा दिल्ली और हिमाचल के जाटों को सन 2000 से इसी पार्टी ने राज्य स्तर पर आरक्षण दिया था।
सांगवान ने आगे बतलाया कि 19 फरवरी, 2009 को भाजपा के सांसद स्व. किशनसिंह सांगवान ने संसद में जाट आरक्षण का मुद्दा उठाया था तथा मार्च, 2011 में जाट आंदोलन के दौरान भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने जाट आरक्षण का मुद्दा बहुत जोरदार ढंग से संसद में उठाया था। इसके अतिरिक्त अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल को मई, 2012 में भाजपा की शीर्ष नेता व लोकसभा में विपक्ष की नेता श्रीमति सुषमा स्वराज ने हरियाणा के जाटों के आरक्षण में हर प्रकार की सहायता तथा समर्थन का वादा किया था। इसके बावजूद पार्टी लाइन से हटकर इन दोनों नेताओं के बयान सरेआम यह दर्शा रहे हैं कि ये नेता केवल जाट विरोधी ही नहीं, अपनी पार्टी के विरोधी भी हैं और इन्होंने ये बयान दूसरी जाति के लोगों को खुश करने के लिए दिया है। ये वही रामबिलास शर्मा जी हैं, जो पहले चौ. भजनलाल, चौ. देवीलाल तथा चौ. बंसीलाल के समय भारतीय जनता पार्टी को धोखा दे चुके हैं, इसीलिए ये किसी की भी समझ से बाहर है कि एक राष्ट्रीय पार्टी ने किस प्रकार इनको प्रदेश की कमान सौंप दी है, जिसे हरियाणा की जनता पहले ही नकार चुकी है। हो सकता है, इस बार यह अपने ब्राह्मण समाज को ही धोखा न दे दें? इसलिए भाजपा और ब्राह्मण समाज को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की परम आवश्यकता है।
उनके साथ बैठक में रघुबीर सिंह बूरा, चौ. कपूर सिंह जिलाध्यक्ष, जगत सिंह मिताथल, जोगेंद्र तालू, दयाकिशन बडेसरा, सूबेदार बलवान सिंह, सूबेदार उमेदसिंह, सूबेदार कलीराम, राजसिंह घणघस, राजसिंह धनाना कार्यवाहक अध्यक्ष जाटू खाप 84, धर्मपाल अटेला, रणसिंह सांगवान आदि थे।