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केंद्र स्तर पर जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो आंदोलन की घोषणा होगी 19 जुलाई को : सांगवान
भिवानी। आज जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी इकाई की बैठक पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जाट आरक्षण की समीक्षा की गई तथा केंद्रीय मंत्री सुश्री शैलजा कुमारी के विचारों से भी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अवगत करवाया गया।
बैठक में पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने कहा कि यदि किन्हीं कारणों से 18 जुलाई तक जाट समाज को केंद्र में आरक्षण नहीं मिला तो 19 जुलाई को आंदोलन करने की घोषणा करने के अलावा जाट समाज के पास दूसरा कोई चारा नहीं होगा और यदि आंदोलन करना पड़ा तो वह पूरी तरह मानसिक और शारीरिक तैयारी के साथ दिल्ली में किया जाएगा, जो सही नीति और नीयत से होगा, जिस प्रकार मार्च, 2011 में रेल रोको आंदोलन चलाया था और हरियाणा सरकार को पिछड़ा आयोग बिठाने के लिए मजबूर किया था। कुछ पदाधिकारियों ने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर हरियाणा में मिले आरक्षण के बारे में जाटों में भ्रम फैलाने में लगे हैं कि इससे जाट समाज को नुकसान होगा, फिर वही लोग दिल्ली में जाकर आरक्षण की बात करते हैं। यदि वे हरियाणा के आरक्षण से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें हरियाणा में आंदोलन चलाना चाहिए, दिल्ली में जाने से राज्य स्तर का आरक्षण कैसे मिल सकता है?
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि किन्हीं कारणों से मूला जाटों को आरक्षण से अलग रख दिया गया, जबकि हमारी शुरू से ही मांग थी कि पूरे जाट समाज को बगैर किसी धर्म, पंथ और क्षेत्र के भेदभाव के आरक्षण दिया जाए, लेकिन फिर भी मूला जाटों के साथ न्याय नहीं हुआ। अभी यही न्याय दिलाने के लिए संपूर्ण हरियाणा से मूला जाटों के प्रतिनिधियों को 6 मई, सोमवार के दिन पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस, गुडगांव में हरियाणा पिछड़ा आयोग ने सुनवाई के लिए बुलाया है, जिसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है और प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान के साथ भिवानी से जोगेंद्र तालू व ओमपाल आर्य को भी वहां जाने के लिए नियुक्त कर दिया गया है। सांगवान ने आगे बतलाया कि हरियाणा में आरक्षण के आदेश को अच्छी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है, इसलिए पांच मई को प्रात: 9 बजे दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ संघर्ष समिति की बैठक निर्धारित की गई है।
भिवानी। आज जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी इकाई की बैठक पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें जाट आरक्षण की समीक्षा की गई तथा केंद्रीय मंत्री सुश्री शैलजा कुमारी के विचारों से भी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अवगत करवाया गया।
बैठक में पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने कहा कि यदि किन्हीं कारणों से 18 जुलाई तक जाट समाज को केंद्र में आरक्षण नहीं मिला तो 19 जुलाई को आंदोलन करने की घोषणा करने के अलावा जाट समाज के पास दूसरा कोई चारा नहीं होगा और यदि आंदोलन करना पड़ा तो वह पूरी तरह मानसिक और शारीरिक तैयारी के साथ दिल्ली में किया जाएगा, जो सही नीति और नीयत से होगा, जिस प्रकार मार्च, 2011 में रेल रोको आंदोलन चलाया था और हरियाणा सरकार को पिछड़ा आयोग बिठाने के लिए मजबूर किया था। कुछ पदाधिकारियों ने इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया कि कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर हरियाणा में मिले आरक्षण के बारे में जाटों में भ्रम फैलाने में लगे हैं कि इससे जाट समाज को नुकसान होगा, फिर वही लोग दिल्ली में जाकर आरक्षण की बात करते हैं। यदि वे हरियाणा के आरक्षण से संतुष्ट नहीं हैं, तो उन्हें हरियाणा में आंदोलन चलाना चाहिए, दिल्ली में जाने से राज्य स्तर का आरक्षण कैसे मिल सकता है?
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि किन्हीं कारणों से मूला जाटों को आरक्षण से अलग रख दिया गया, जबकि हमारी शुरू से ही मांग थी कि पूरे जाट समाज को बगैर किसी धर्म, पंथ और क्षेत्र के भेदभाव के आरक्षण दिया जाए, लेकिन फिर भी मूला जाटों के साथ न्याय नहीं हुआ। अभी यही न्याय दिलाने के लिए संपूर्ण हरियाणा से मूला जाटों के प्रतिनिधियों को 6 मई, सोमवार के दिन पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस, गुडगांव में हरियाणा पिछड़ा आयोग ने सुनवाई के लिए बुलाया है, जिसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है और प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान के साथ भिवानी से जोगेंद्र तालू व ओमपाल आर्य को भी वहां जाने के लिए नियुक्त कर दिया गया है। सांगवान ने आगे बतलाया कि हरियाणा में आरक्षण के आदेश को अच्छी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है, इसलिए पांच मई को प्रात: 9 बजे दिल्ली में हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ संघर्ष समिति की बैठक निर्धारित की गई है।