आज तो चाला पाटेगा,
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा.
आज तो चाला पाटेगा.....
जब बेटे ने करी BA ,
बाब्बू ने खुड धर दिए..
जब बेटे ने करी MA ,
बाब्बू ने किल्ले बेच दिए..
जब बेटे ने करी Phd ,
माँ ने टूम भी बेच दी,
आज ओये बेटा इन रिश्त्याँ ने जड़ ते कटेगा ..
आज तो चाला पाटेगा,
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा....
आज तो चाला पाटेगा......
आप भूखे पेट रह के ,
बेटे तै चूरमा खुवाया था..
खुद धरती पे सो के ,
बेटा सेज पे सुवाया था..
बेटे के जीवन के सुख की खातिर,
बाब्बू ने साडी दुपहरी हल चलाया था...
आज ओये बेटा इन कुर्बानियां के मोल में ,
माँ-बाप ने घर ते काढेगा ....
आज तो चाला पाटेगा..
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा..
आज तो चाला पाटेगा......
देख के ने या हवा बखत की,
बाब्बू सन्न सा रहगया था..
माथा पकड़ के बैठ कून में...
मन में विचार बनावे था..
"हे राम, बीज तो मन्ने आछा ये बोया था,
अर्र संस्कारां का पानी भी खूब लाया था..
पैर मन्ने के बेरा था अक्क,
इस बेल के कड़वा फल लगेगा..."
आज तो चाला पाटेगा..
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा..
आज तो चाला पाटेगा......
--navi