बेखयाली, बेखुदी, बेबसी दे गया
कुछ नए तजुर्बे अजनबी दे गया।।
उसके आ जाने से हर कमी मिट गयी
जाते -जाते वो अपनी कमी दे गया।।
सोचने के लिए पल की भी मोहलत ना दी
जागने के लिए एक सदी दे गया।।
ले गया जान-ओ-दिल जिस्म से खींच कर
रूह को एक मगर ताजगी दे गया।।
उस की सौदागरी में भी इन्साफ था
ज़िन्दगी दे गया, ज़िन्दगी ले गया।।