Shayri (Part 1)

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Lamhon main jo kat jaaye vo kya jindgi,,,लम्हों में जो कट जाए वो क्या है जिंदगी,,,
Aansuon main jo bah jaaye vo kya hai jindgi,,,आंसुओं में जो बह जाए वो क्या है जिंदगी,,,
Jindgi ka to falsafaa hii kuch or hai,,,जिंदगी का तो फलसफा ही कुछ और है,,,
Jo har kisi ko samjh aa jaaye vo kya hai jindgi...जो हर किसी को समझ आ जाए वो क्या है जिंदगी...


 
कुछ ज़ख्म सदियों बाद भी ताज़ा रहते है "फ़राज़ "

वक्त के पास भी हर मर्ज़ की दवा नहीं होती !!!
 
"बाँध कर सर पर कफ़न सरहद पर खड़े होते है,
जब याद आती है घर की चुपके चुपके रोते है,
वो क्या समझेंगे मेरे दिल की तड़प मेरे दिल की आह,
जो नेता सरे-आम संसद में सोते है......."
 
ना पूछ मेरे सब्र की इंतहा कहाँ तक है, तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक है,

वफ़ा की उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी, हमें तो देखना है, तू बेवफ़ा कहाँ तक है ॥
 
उसे बारिश पसंद है और मुझे बारिश में वो

उसे हँसना पसंद है और मुझे हँसते हुए वो

उसे चुप न रहना पसंद है और मुझे बोलते हुए वो

बस खता सिर्फ ये हुई की उसे हम कभी पसंद न आये... और हमे पसंद आये तो सिर्फ वो !!!
 
Mohabbat se wo dekhte hain sabhi ko,,,मोहब्बत से वो देखते हैं सभी को,,,
Bas ham par hi ye inaayat nahin hoti,,,बस हम पर ही ये इनायत नहीं होती,,,
Main to sheesha hoon tootna meri fitrat hai,,,मैं तो शीशा हूँ टूटना मेरी फितरत है,,,
Isliye to mujhe pattharon se koi shikayat nahin hoti....इसीलिए तो मुझे पत्थरों से कोई शिकायत नहीं होती...
 
Ashq bhi ab sahme se palkon main chupe rahte hain,,,अश्क भी अब सहमे से पलकों मैं छुपे रहते हैं,,,
Meri trah ye bhi tanhaai or ghutan sahte hain,,,मेरी तरह ये भी तन्हाई और घुटन सहते हैं,,,
Darte hain ki kahin dekh na le inhain koi,,,डरते हैं कि कहीं देख न ले इन्हें कोई,,,
Nikalna chaahte hain par majbooriyon main bandhe rahte hain...निकलना चाहते हैं पर मजबूरियों में बंधे रहते हैं...

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[h=6]तार दिल के आज बजा सजना
धुन कोई नयी सुना सजना

जहाँ न कोई गम रहे
खुशियों की न कमी रहे
महफ़िल आज ऐसी कोई सजा सजना

तार दिल के आज बजा सजना
धुन कोई नयी सुना सजना

पास में न कोई तन्हाई हो
चारो तरफ सहनाई हो
गीत कोई ऐसा गुनगुना सजना

तार दिल के आज बजा सजना
धुन कोई नयी सुना सजना

रात हो मधुर मिलन की
हो मुरादें पूरी आज दिलन की
तर दिल के बजा सजना

तार दिल के आज बजा सजना
धुन कोई नयी सुना सजना
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सोमबीर सिंह सरोया

9321083377
 
Jeene ke liye is duniyan main kuch khas nahin rah jaata hai,,,जीने के लिए इस दुनियां में कुछ खास नहीं रह जाता है,,,
Sab kuch hota hai phir bhi kuch paas nahin rah jaata hai,,,सब कुछ होता है फिर भी कुछ पास नहीं रह जाता है,,,
Khud apne main ghut kar jab armaan yun hi mar jaaye to,,,खुद अपने में घुट कर जब अरमान यूँ ही मर जाए तो,,,
Ek had ke aage dard ka bhi ehsaas nahin rah jaata hai....एक हद के आगे दर्द का भी एहसास नहीं रह जाता है....
[FONT=Arial, Helvetica, sans-serif]
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Ab chahta hoon to jindgi ruswaai nahin deti,,,अब चाहता हूँ तो जिंदगी रुसवाई नहीं देती,,,
Andhere main apni parchaai bhi dikhai nahin deti,,,अँधेरे में अपनी परछाई भी दिखाई नहीं देती,,,
Jo ab tak karte the baatain ishaaron pe jaan dene ki,,,जो अब तक करते थे बातें इशारों पे जान देने की,,,
Kya ab unhain hamari aawaz bhi sunaai nahin deti?क्या अब उन्हें हमारी आवाज़ भी सुनाई नहीं देती?
 
क्या उम्मीद करे हम उन से जिनको वफ़ा मालूम नहीं
ग़म देना मालूम है लेकिन ग़म की दवा मालूम नहीं

जिन की गली में उम्र गँवा दी जीवन भर हैरान रहे
पास भी आके पास न आये जान के भी अंजान रहे
कौन सी आख़िर की थी हमने ऐसी ख़ता मालूम नहीं

ऐ मेरे पागल अर्मानों झूठे बंधन तोड़ भी दो
ऐ मेरी ज़ख़्मी उम्मीदों दिल का दामन छोड़ भी दो
तुम को अभी इस नगरी में जीने की सज़ा मालूम नहीं
 
आसान नहीं है बंजारा मिजाजी,

सलीका चाहिए जी आवारगी में भी .
 
Ek lamhe main unhone hamari zindgi sanvaar di,,,एक लम्हे में उन्होंने हमारी जिंदगी संवार दी,,,
Phir ek lamhe main unhone vahi zindgi ujaad di,,,फिर एक लम्हे में उन्होंने वही जिंदगी उजाड दी,,,
Kasoor unka nahin hamara hii tha,,,कसूर उनका नहीं हमारा ही था,,,
Jo un do lamhon main zindgi guzaar dii...जो उन दो लम्हों में जिंदगी गुजार दी....



 
kuch ajeeb faaslon ka janam ho raha hai,,,कुछ अजीब फासलों का जनम हो रहा है,,,
Naseeb mera jaagkar bhi so raha hai,,,नसीब मेरा जागकर भी सो रहा है,,,
Kaise kah doon toota dil dhadakta nahin,,,कैसे कह दूं टूटा दिल धड़कता नहीं,,,
Jabki aaj dil har tukda ro raha hai...जबकि आज दिल का हर टुकड़ा रो रहा है,,,


 
Yun teri rahguzr se deewanwar gujre,,,
Kaandhe pe apne rakhke apna mazaar guzre,,,
Baithe hain raste main dil ka khandhar saja kar,,,
Shayad isi traf se ek din bahaar gujre,,,
Bahti hui ye naidya ghule hue kinare koi to paar utre koi paar gujre,,,
Tune bhi hamko dekha hamne bhi tujhko dekha,,,
Tu dil hii haar gujra ham jaan haar gujre,,,


 
जिंदगी काश तू ही रूठ जाती मुझ से

ये रूठे हुए लोग मुझसे मनाये नहीं जाते !!
 
ये झूठ है की मोहब्बत किसी को बरबाद करती है

लोग खुद ही बर्बाद हो जाते है मोहब्बत करते करते !!
 
हम तो आगाज़-ए-मोहब्बत में ही लुट चुके फ़राज़

लोग कहते हैं की अंजाम बुरा होता है !!
 
[h=6]

[/h][h=6]बड़ी मुश्किल से ये आंसू छिपाए हमने
हँसना चाहा झूठे ठहाके लगाये हमने
तुमको मालूम ये शायद हो के ना हो
तुम्हारे जाने के बाद आंसू बहाए हमने
प्यार किया हमने नहीं छुपाया कभी
दिल के तराने थे तुमको सुनाये हमने
तेरे साथ इन्कलाब के जो नारे लगाये
यारो अब तलक नहीं हैं भुलाये हमने
राह का साथ छोड़ गये अफ़सोस तो है
पल याद हैं वो जो संग बिताये हमने
जानते हैं आप हमें नहीं भूल सकेंगे
एक अनुभव बस बिंदु दिखाए हमने
हादसा नहीं एक सच्चाई है ये प्यार
ग्लानी नहीं रास्ते नए बनाये हमने

-------रणबीर सिंह दहिया |
[/h]
 
वो कहते है हम कभी कुछ कहते नहीं
अब उनसे कैसे बताये यारों
दिल के जज़्बात अल्फाजों में नहीं
ये फ़साने तो निगाहों से बयान होते है​
 
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