sanjeev_balyan
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Credit for passage of the bill does not go to one person, party or group of people.
Rather, credit goes to enlightened public opinion and other allied objective conditions prevalent in the width and breadth of the country at this juncture. So it is the victory of Indian democracy and Indian people at large.
सिम्पल सा सवाल सर जी
अगर दिल्ली चुनाव में "आप" का सफाया हो जाता (मतलब २/४ सीट से जयादा न मिल पाती )
तो भी ये क्या ये लोकपाल (जैसा भी) इस सत्र में पास हो गया होता
इस समय कांग्रेस और भाजपा दोनों की जड़े हिला दी है "आप" ने
और "आप" को साइड लाइन करने का पर्यास किया है इस लोकपाल को पास करके
येचुरी का कथन की "आँखों ही आँखों में इशारा हो गया है " बिलकुल सही है
भाजपा और कांग्रेस की लोकपाल पर ये दोस्ती दिल्ली के चुनाव परिंनाम का नतीजा है
और अब दोनों पार्टी हर संभव पर्यास कर रही है की लोकपाल के क्रेडिट का अन्स्मात्र भी "आप" को ना मिले
राजनीती में कुछ भी संभव है , आप सभी को मनीष तिवारी के कमंत याद होंगे जो उसने अन्ना हजारे को कहे थे (२००११ के अनसन पर) ,
आज वही अन्ना हजारे कांग्रेस के लिए सब कुछ है , सायद कांग्रेस को अपना तारण हार नजर आ रहा है
देखते जायये आगे आगे होता है क्या
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