vikasgulia
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राजस्थान में यो 'बीजेपी फोबिया' गलत नहीं हैं वहा भाजपा में राजपूतो का प्रभुत्व हैं | जैसा की मैंने पहले भी कहा हैं की राजस्थान में राजनीति "जाट बनाम राजपूत" चलती हैं | राजस्थान में 'जाट मुख्यमंत्री ' भी एक मुद्दा हैं पर उससे अहम् मुद्दा वहा के जाटों के लिए यह रहता हैं की कहीं कोई ठाकर मुख्यमंत्री ना बन जाये | राजस्थान में दूसरा किसी जाति का मुख्यमंत्री बन जाये उससे जाट को इतना परहेज नहीं जितना एक राजपूत मुख्यमंत्री से होता हैं | इन राजपूतो को मुख्यमंत्री की कुर्सी से दूर रखने के लिए वाहा का जाट कांग्रेस से संधि में अपनी भलाई समझता हैं | आपने उत्तर प्रदेश के ब्राह्मणों का दलितों से संधि का सही उदाहरण दिया हैं हम जाटों को भी कौम की भलाई को देखते हुए संधिया करनी चाहिए | राजनीति हमेशा संधि की होती हैं इसलिए जाट कौम को भी अपने अपने क्षेत्र के हिसाब अपने कौमी मुद्दों के स्वार्थो को देखते हुए इन सियासी दलों से राज्य और केंद्र सत्र पर संधि करनी चाहिए |
So indirectly you are accepting that nothing is good in congress but it is the fear of thakurs that makes Jats to vote for Congress. चलो राका भाई साहेब जाटों की तो समझ आई की उनको ठाकरों से डर है, लेकिन कांग्रेस को किस से डर है कि वोह JAT को CM नहीं बनात. BJP ने ठाकरों कि वोट ली तो उनको CM भी बनाया. कांग्रेस तो अह्शान फ्राह्मोश है: वोट जाटों कि लेनी और कुर्सी अशोक गहलोत/ जोशी को दो!!
Between, this thread is about what ails BJP and NOT who should Jats vote for??