OK Divya ..... lets move ahread !
तेरे वजूद के बिना बहुत सूना सूना रहा ये आशियाना मेरा
हर गली हर डगर सिर्फ़ तुमको ही ढूँढता रहा दीवाना तेरा ||
अब कोई फर्क नहीं पड़ता ज़माना बुरा है या लोगों का इमान
तुम कभी शमां ना बन सकी फ़िर भी जलता रहा परवाना तेरा ||
Thank u Vijay.
was going through an old collection of mine...felt like sharing with u all........
Kooche ko tere chod kar jogi he ban jaaye magar
jungle tere, parvat tere, basti tere, sehra tera
is shahar mein kisse mile, humse to chootee mehfilein
har shaks tera naam le, her shaks deewana tera
तेरे वजूद के बिना बहुत सूना सूना रहा ये आशियाना मेरा
हर गली हर डगर सिर्फ़ तुमको ही ढूँढता रहा दीवाना तेरा ||
अब कोई फर्क नहीं पड़ता ज़माना बुरा है या लोगों का इमान
तुम कभी शमां ना बन सकी फ़िर भी जलता रहा परवाना तेरा ||
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